कोटा में VDO पर 25 हजार रुपये रिश्वत मांगने का मामला दर्ज, ACB कार्रवाई की भनक लगते ही राशि लेने से कथित इनकार
राजस्थान के कोटा संभाग में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने केशवरायपाटन पंचायत समिति की ग्राम पंचायत भीया की ग्राम विकास अधिकारी (VDO) सोनम नेहरा के खिलाफ रिश्वत मांगने के आरोप में मामला दर्ज किया है। शिकायत के सत्यापन के दौरान कथित तौर पर रिश्वत मांगने के पर्याप्त साक्ष्य मिलने के बाद यह कार्रवाई की गई। एसीबी का दावा है कि ट्रैप कार्रवाई की भनक लगने पर रिश्वत की राशि लेने से इनकार कर दिया गया, लेकिन जांच में मिले साक्ष्यों के आधार पर प्रकरण दर्ज कर लिया गया है।
बिलों के भुगतान के बदले रिश्वत मांगने का आरोप
एसीबी के अनुसार, एक ठेकेदार ने शिकायत में बताया कि उसने ग्राम पंचायत भीया में स्वच्छ भारत मिशन के तहत कचरा संग्रहण, सड़क-नाली और सामुदायिक भवन की सफाई का कार्य किया था। कार्य पूरा होने के बाद उसने भुगतान के लिए तीन बिल ग्राम विकास अधिकारी को सौंपे, लेकिन उनका भुगतान लंबित रखा गया। शिकायतकर्ता का आरोप है कि बिलों का भुगतान जारी करने के बदले 25 हजार रुपये की रिश्वत मांगी गई। शिकायत मिलने के बाद एसीबी ने पूरे मामले का सत्यापन किया।
शिकायत सत्यापन के बाद बनाई गई ट्रैप की योजना
एसीबी ने शिकायत की प्रारंभिक जांच के दौरान आरोपों का सत्यापन किया। इसके बाद 7 मई 2026 को तत्कालीन अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मुकुल शर्मा के नेतृत्व में ट्रैप कार्रवाई की योजना बनाई गई। जांच एजेंसी के अनुसार, शिकायतकर्ता के सहयोगी को ग्राम विकास अधिकारी के कार्यालय भेजा गया। वहां कथित रूप से वीडीओ ने कार्यालय में आवश्यक रजिस्टर नहीं होने की बात कहते हुए रिश्वत की राशि अपने किराए के मकान पर मौजूद पति को देने के लिए कहा।
कार्रवाई की भनक लगने पर राशि लेने से कथित इनकार
एसीबी के अनुसार, जब शिकायतकर्ता का सहयोगी वीडीओ के पति के पास पहुंचा तो उन्होंने कथित रूप से रिश्वत की राशि लेने से मना कर दिया। इसी दौरान ग्राम विकास अधिकारी भी कार्यालय से चली गईं। जांच एजेंसी का कहना है कि ट्रैप सफल नहीं हो सका, लेकिन शिकायत के सत्यापन और बातचीत से जुड़े उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर रिश्वत मांगने के आरोपों की पुष्टि होने पर मामला दर्ज किया गया। अब पूरे प्रकरण की जांच बूंदी एसीबी के डीएसपी नीरज गुप्ता को सौंपी गई है।
दूसरी ट्रैप कार्रवाई से जुड़ रही कड़ी
एसीबी अधिकारियों के अनुसार, उसी दिन केशवरायपाटन क्षेत्र में एक अन्य ट्रैप कार्रवाई भी की गई थी, जिसमें ग्राम विकास अधिकारी सतवीर सिंह को कथित रूप से 25 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया गया। जांच एजेंसी का मानना है कि इस कार्रवाई की जानकारी फैलने के बाद ही दूसरी ट्रैप कार्रवाई की भनक संबंधित पक्ष तक पहुंच गई। एसीबी का कहना है कि उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर सोनम नेहरा के खिलाफ भ्रष्टाचार निरोधक कानून के तहत मामला दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी गई है।
इसे भी पढ़ें- मॉब लिंचिंग मामले में 14 दोषियों को उम्रकैद, फैसले के बाद जज तबस्सुम खान को मिली धमकियां