अलवर में 33 लाख की कथित ठगी का मामला, चार लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज
राजस्थान के अलवर जिले में निवेश और बीमा के नाम पर लाखों रुपये की कथित ठगी का मामला सामने आया है। वैशाली नगर थाना पुलिस ने दो भाइयों की शिकायत पर चार लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी, जालसाजी और आपराधिक षड्यंत्र सहित विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि उन्हें अधिक लाभ का भरोसा दिलाकर करीब 33 लाख रुपये लिए गए और बदले में कथित रूप से फर्जी रसीदें दी गईं।
दो भाइयों ने दर्ज कराई शिकायत, चार लोगों पर लगाए आरोप
वैशाली नगर थाना क्षेत्र के सूर्य नगर निवासी हरिओम तिवारी और घनश्याम तिवारी ने पुलिस में दर्ज शिकायत में आरोप लगाया है कि श्रीराम लाइफ इंश्योरेंस और श्रीराम फाइनेंस से जुड़े बताकर चार लोगों ने उनसे निवेश के नाम पर बड़ी रकम ली। शिकायत में ब्रांच मैनेजर नीरज शर्मा, उनकी पत्नी मीना शर्मा, कंपनी के एमडी मनोज जैन और प्रदीप को नामजद किया गया है। पीड़ितों का कहना है कि उन्हें बेहतर रिटर्न और सुरक्षित निवेश का भरोसा दिलाया गया, लेकिन बाद में कथित रूप से फर्जी रसीदें देकर रकम वापस नहीं की गई।
एफडी, बीमा और शादी का झांसा देने का आरोप
शिकायतकर्ताओं के अनुसार, हरिओम तिवारी से लगभग 18 लाख रुपये तथा घनश्याम तिवारी से एफडी और बीमा योजनाओं के नाम पर करीब 16 लाख रुपये लिए गए। घनश्याम का आरोप है कि ब्रांच मैनेजर ने शादी कराने का भरोसा देकर उनका विश्वास जीता और बीमा पॉलिसी के नवीनीकरण का हवाला देते हुए 10 से 12 बैंक चेक भी अपने पास रख लिए। बाद में रकम लौटाने की मांग करने पर कथित तौर पर उन्हें झूठे मुकदमों में फंसाने की धमकी दी गई। इन आरोपों की जांच पुलिस कर रही है।
2022 से चल रहा था मामला, पुलिस ने शुरू की जांच
पीड़ितों का दावा है कि यह पूरा घटनाक्रम वर्ष 2022 से चला आ रहा था और लंबे समय तक उन्हें विभिन्न बहानों से टालते हुए आश्वासन दिए जाते रहे। आखिरकार उन्होंने वैशाली नगर थाना पुलिस को लिखित शिकायत सौंपी। थाना प्रभारी गुरुदत्त सैनी के अनुसार शिकायत मिलने के बाद मामले में प्राथमिक जांच की गई और आरोपों के आधार पर संबंधित धाराओं में एफआईआर दर्ज कर ली गई है। पुलिस अब पूरे मामले की विस्तृत जांच कर रही है।
धोखाधड़ी और आपराधिक षड्यंत्र की धाराओं में केस दर्ज
पुलिस ने शिकायत के आधार पर आरोपितों के खिलाफ धोखाधड़ी, फर्जी दस्तावेज तैयार करने तथा आपराधिक षड्यंत्र से जुड़ी धाराओं में मामला दर्ज किया है। जांच के दौरान बैंक खातों, लेन-देन के दस्तावेज, बीमा रिकॉर्ड और अन्य साक्ष्यों की जांच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल मामले की विवेचना जारी है।
रकम वापसी और दस्तावेज बरामद कराने की मांग
पीड़ित भाइयों ने पुलिस प्रशासन से उनकी जमा पूंजी वापस दिलाने की मांग की है। उन्होंने शिकायत में कहा है कि आरोपितों के पास मौजूद बीमा पॉलिसी के बॉन्ड, बैंक चेक और अन्य दस्तावेज भी बरामद किए जाएं। साथ ही उन्होंने ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई की मांग की ताकि भविष्य में किसी अन्य व्यक्ति को इस प्रकार की कथित ठगी का सामना न करना पड़े। पुलिस का कहना है कि सभी पहलुओं की जांच निष्पक्ष तरीके से की जा रही है।