Budget 2026-27: CII ने सरकार को दिए 10 बड़े सुझाव
टैक्स में छूट से लेकर विदेशी निवेश तक, जानिए उद्योग जगत की पूरी डिमांड
Union Budget 2026-27 से पहले देश के सबसे बड़े उद्योग संगठन CII (Confederation of Indian Industry) ने सरकार के सामने एक अहम रोडमैप रखा है। CII का मानना है कि आने वाला बजट सिर्फ खर्च का दस्तावेज नहीं, बल्कि ग्रोथ को तेज करने का टूल होना चाहिए।
CII के डायरेक्टर जनरल चंद्रजीत बनर्जी के मुताबिक, बजट 2026-27 को दोहरी भूमिका निभानी होगी—
- एक तरफ वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच अर्थव्यवस्था को सहारा देना
- दूसरी तरफ निवेश और रोजगार के जरिए ग्रोथ को रफ्तार देना
आइए जानते हैं CII के 10 बड़े सुझाव, जिन पर बजट में फोकस की मांग की गई है—
1️⃣ इंफ्रास्ट्रक्चर पर खर्च बढ़ाने की मांग
CII ने सुझाव दिया है कि
- केंद्र सरकार का कैपिटल एक्सपेंडिचर (Capex) 12% तक बढ़ाया जाए
- राज्यों को मिलने वाली कैपेक्स सहायता भी 10% तक बढ़े
इससे ग्रोथ और रोजगार—दोनों को सीधा फायदा मिलेगा।
2️⃣ National Infrastructure Pipeline 2.0 की शुरुआत
CII ने 2026–2032 के लिए
- ₹150 लाख करोड़ की National Infrastructure Pipeline 2.0 लॉन्च करने की सलाह दी है
- सड़क, रेल, बिजली, लॉजिस्टिक्स और शहरी इंफ्रास्ट्रक्चर को बूस्ट मिलेगा
3️⃣ MSME और मैन्युफैक्चरिंग को टैक्स राहत
CII का कहना है कि
- नई टेक्नोलॉजी और मशीनरी पर निवेश के लिए अतिरिक्त टैक्स छूट मिले
- MSME और मैन्युफैक्चरिंग के लिए फास्ट डिप्रिसिएशन स्कीम दोबारा शुरू की जाए
इससे कंपनियां बिना ज्यादा बोझ के निवेश कर सकेंगी।
4️⃣ NIIF को और मजबूत करने का सुझाव
CII ने
- National Investment and Infrastructure Fund (NIIF) को सशक्त बनाने
- इसके लिए Sovereign Investment Strategy Council बनाने की सिफारिश की
ताकि सरकारी निवेश लंबे समय की प्राथमिकताओं के अनुसार हो।
5️⃣ बजट को बताया “स्टेबल + ग्रोथ टूल”
चंद्रजीत बनर्जी के मुताबिक
- बजट को सिर्फ खर्च नहीं, बल्कि निवेश बढ़ाने वाला दस्तावेज होना चाहिए
- आर्थिक स्थिरता और विकास—दोनों का संतुलन जरूरी है
6️⃣ पब्लिक के बाद प्राइवेट निवेश पर जोर
CII ने कहा कि
- कोरोना के बाद पब्लिक कैपेक्स ने बड़ी भूमिका निभाई
- अब प्राइवेट और विदेशी निवेश को तेजी से आगे बढ़ाना जरूरी है
इसके लिए Capital Expenditure Efficiency Framework अपनाने की सलाह दी गई।
7️⃣ टैक्स राहत से नए निवेश को बढ़ावा
CII के मुताबिक
- इनकम टैक्स राहत और GST सुधारों से मांग को सपोर्ट मिला
- अब क्लीन एनर्जी, सेमीकंडक्टर, इलेक्ट्रॉनिक्स, लॉजिस्टिक्स जैसे सेक्टर पर फोकस हो
नई इन्वेस्टमेंट पर टैक्स इंसेंटिव दिए जाएं।
8️⃣ NRI और विदेशी निवेश के लिए नया फंड
CII ने सुझाव दिया है कि
- NRI Investment Promotion Fund बनाया जाए
- इसमें सरकार की हिस्सेदारी 49% तक हो सकती है
साथ ही
- Global Diaspora Bonds और लॉन्ग टर्म बॉन्ड लाने की सलाह दी गई है।
9️⃣ विदेशी पूंजी लाने के नियम आसान हों
CII की मांग है कि
- ECB (External Commercial Borrowing) की प्रक्रिया आसान हो
- उधारी की सीमा और समय बढ़े
- बड़े FDI प्रोजेक्ट के लिए Single Window Clearance हो
60–90 दिन में मंजूरी का टारगेट तय किया जाए।
🔟 ग्लोबल निवेशकों से सीधा संवाद
CII ने
- India Global Economic Forum बनाने का सुझाव दिया
- जहां विदेशी कंपनियां और फंड सीधे सरकार से बातचीत कर सकें
इससे नए सेक्टर में निवेश आकर्षित होगा।
📅 1 फरवरी को पेश होगा बजट 2026-27
Union Budget 2026-27 को 1 फरवरी को संसद में पेश किया जाएगा।
CII का मानना है कि अगर बजट में निवेश को केंद्र में रखा गया, तो भारत दुनिया की सबसे तेज़ बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में अपनी बढ़त बनाए रख सकता है।