BRICS 2026 के लिए बांग्लादेश के प्रधानमंत्री तारिक रहमान को भारत का विशेष निमंत्रण, रिश्तों को मिलेगी नई मजबूती
भारत ने BRICS समिट 2026 के लिए बांग्लादेश के प्रधानमंत्री तारिक रहमान को विशेष अतिथि के रूप में आमंत्रित किया है। यह कदम भारत-बांग्लादेश संबंधों को और मजबूत करने तथा दक्षिण एशिया में क्षेत्रीय सहयोग को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। सम्मेलन 12 और 13 सितंबर को नई दिल्ली में आयोजित होने वाला है।
विशेष अतिथि के तौर पर मिला निमंत्रण
भारत ने बांग्लादेश को BRICS का सदस्य या पर्यवेक्षक (Observer) नहीं, बल्कि विशेष अतिथि (Special Guest) के रूप में आमंत्रित किया है। बांग्लादेश के विदेश राज्य मंत्री शमा ओबैद इस्लाम ने पुष्टि की कि भारत का आधिकारिक निमंत्रण प्रधानमंत्री कार्यालय को भेज दिया गया है। माना जा रहा है कि यह पहल दोनों देशों के बीच विश्वास और कूटनीतिक सहयोग को नई दिशा दे सकती है।
BRICS 2026 में इन मुद्दों पर रहेगा फोकस
नई दिल्ली में होने वाले BRICS शिखर सम्मेलन में वैश्विक सहयोग, व्यापार, निवेश, नवाचार और सतत विकास जैसे प्रमुख विषयों पर चर्चा होने की उम्मीद है। भारत इस वर्ष BRICS की अध्यक्षता कर रहा है और उसका फोकस मजबूती, नवाचार, सहयोग और स्थिर विकास पर केंद्रित है। ऐसे में पड़ोसी देशों के साथ साझेदारी को मजबूत करना भी उसकी प्राथमिकताओं में शामिल है।
भारत-बांग्लादेश संबंधों में बढ़ी सक्रियता
पिछले कुछ समय में भारत और बांग्लादेश के बीच द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने के लिए कई कदम उठाए गए हैं। दोनों देश व्यापार, सुरक्षा, संपर्क और क्षेत्रीय सहयोग के क्षेत्रों में लगातार साझेदारी बढ़ा रहे हैं। इसी क्रम में BRICS समिट का निमंत्रण दोनों देशों के रिश्तों में बढ़ते विश्वास का संकेत माना जा रहा है।
पर्यटक वीजा सेवा भी हुई बहाल
भारत ने करीब दो वर्षों के अंतराल के बाद बांग्लादेशी नागरिकों के लिए सामान्य टूरिस्ट वीजा सेवा भी दोबारा शुरू कर दी है। भारतीय उच्चायोग की ओर से की गई इस घोषणा से आम यात्रियों, व्यापारियों और पर्यटकों को राहत मिलने की उम्मीद है। इससे पहले केवल आवश्यक चिकित्सा मामलों के लिए वीजा सुविधा उपलब्ध थी।
द्विपक्षीय सहयोग को मिलेगा नया आयाम
विशेषज्ञों का मानना है कि BRICS समिट का निमंत्रण और वीजा सेवाओं की बहाली दोनों देशों के बीच आर्थिक, रणनीतिक और लोगों के आपसी संपर्क को और मजबूत कर सकती है। आने वाले समय में इन पहलों से भारत-बांग्लादेश संबंधों को नई गति मिलने की संभावना जताई जा रही है।