छत्तीसगढ़ में भाजपा नेता हत्याकांड: रेत कारोबार विवाद में 3 की नृशंस हत्या, 5 आरोपी फरार
छत्तीसगढ़ के कोरिया जिले में रेत खनन और परिवहन को लेकर उपजे विवाद ने खूनी रूप ले लिया, जिसमें भाजपा नेता समेत तीन लोगों की बेरहमी से हत्या कर दी गई। ग्राम नौगई में हुई इस वारदात में कार को पहले टक्कर मारी गई, फिर आग के हवाले कर दिया गया और फरसे से हमला कर हत्या को अंजाम दिया गया। पुलिस ने 9 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर 4 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि मुख्य आरोपी मनोज त्रिपाठी समेत 5 अब भी फरार हैं।
रेत कारोबार से शुरू हुआ विवाद
यह पूरा विवाद रेत खनन और परिवहन से जुड़ी अवैध वसूली को लेकर शुरू हुआ बताया जा रहा है। जानकारी के अनुसार, दोनों पक्ष रेत घाटों के संचालन और वाहनों से वसूली को लेकर आमने-सामने थे। एक पक्ष पर प्रति वाहन हजार रुपये की वसूली के आरोप लगे, जबकि दूसरे पक्ष के टिपर वाहनों से भी विवाद उत्पन्न हुआ। धीरे-धीरे यह आर्थिक विवाद व्यक्तिगत दुश्मनी में बदल गया और दोनों प्रभावशाली राजनीतिक परिवारों के बीच तनाव लगातार बढ़ता चला गया, जिसने बाद में हिंसक रूप ले लिया।
16 जून की रात हुआ खौफनाक हमला
16 जून की रात को यह विवाद चरम पर पहुंच गया, जब समझौते के लिए पहुंचे लोगों पर घात लगाकर हमला किया गया। आरोप है कि जैसे ही दो कारों में सवार लोग ग्राम नौगई पहुंचे, उन्हें पहले टिपर वाहन से टक्कर मारकर घेरा गया। इसके बाद कार को रोककर उस पर पेट्रोल डालकर आग लगा दी गई। हमले के दौरान फरसे और अन्य हथियारों का भी इस्तेमाल किया गया। इस भयावह घटना में तीन लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दो गंभीर रूप से घायल हो गए।
तीन लोगों की मौत, दो की हालत गंभीर
इस हमले में भाजपा नेता भरत सिंह उर्फ लल्ला सिंह, उनके चचेरे भाई शिक्षक नागेंद्र सिंह और एक अन्य व्यक्ति की दर्दनाक मौत हो गई। वहीं दो अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए, जिन्हें रायपुर रेफर किया गया है। डॉक्टरों के अनुसार घायलों की स्थिति अभी भी नाजुक बनी हुई है। घटना ने पूरे क्षेत्र में दहशत फैला दी है और राजनीतिक गलियारों में भी हलचल मचा दी है।
9 आरोपियों पर केस, 4 गिरफ्तार
पुलिस ने इस मामले में 9 नामजद आरोपियों के खिलाफ हत्या और अन्य गंभीर धाराओं में केस दर्ज किया है। अब तक 4 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जबकि मुख्य आरोपी मनोज त्रिपाठी सहित 5 आरोपी अभी फरार हैं। पुलिस का कहना है कि सभी फरार आरोपियों की तलाश के लिए टीमें गठित की गई हैं और संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दी जा रही है। जांच में अवैध रेत कारोबार और राजनीतिक रंजिश को मुख्य वजह माना जा रहा है।