बिलासपुर में बारिश बनी आफत: कॉलोनियां जलमग्न, नाव से रेस्क्यू, ट्रैक डूबने से ट्रेनें रद्द
छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है। शहर के कई इलाके जलमग्न हो गए हैं, निचली बस्तियों में लोगों को नाव के सहारे सुरक्षित निकाला जा रहा है और रेलवे ट्रैक पर पानी भरने से कई मेमू ट्रेनों का संचालन प्रभावित हुआ है। प्रशासन और SDRF की टीमें राहत एवं बचाव कार्य में जुटी हैं, जबकि लोगों से अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की गई है।
बारिश से शहर बना जलमग्न, कई कॉलोनियों में भरा पानी
बिलासपुर में गुरुवार से लगातार जारी भारी बारिश ने शहर को जलमग्न कर दिया। कई प्रमुख सड़कें, कॉलोनियां और निचले इलाके पानी में डूब गए, जिससे लोगों का घरों से निकलना मुश्किल हो गया। कई स्थानों पर सड़क और नाले का अंतर खत्म हो गया, जिससे दुर्घटना का खतरा बढ़ गया। हालात इतने गंभीर हो गए कि कुछ कॉलोनियों में लोगों को नाव के सहारे आवाजाही करनी पड़ी। प्रशासन लगातार जलभराव वाले क्षेत्रों की निगरानी कर रहा है और लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
SDRF ने संभाला मोर्चा, 40 से अधिक लोगों को सुरक्षित निकाला
लगातार बढ़ते जलस्तर के बीच सरकंडा और चांटीडीह सहित कई निचले इलाकों में लोग पानी में फंस गए। सूचना मिलते ही SDRF की टीम मौके पर पहुंची और रेस्क्यू अभियान चलाकर 40 से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया। राहत कार्य लगातार जारी है और प्रशासन ने जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त बचाव दल भी तैयार रखे हैं। अधिकारियों ने लोगों से जलभराव वाले क्षेत्रों में जाने से बचने और प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की अपील की है।
कलेक्टर बंगला भी जलमग्न, बिजली और पेयजल व्यवस्था प्रभावित
भारी बारिश का असर सरकारी परिसरों पर भी देखने को मिला। कलेक्टर बंगले में पानी भर जाने के बाद नगर निगम की टीम जल निकासी में जुटी रही। शहर के कई हिस्सों में ट्रांसफॉर्मर जलमग्न होने से बिजली आपूर्ति बाधित हो गई, जिससे पेयजल संकट भी गहरा गया। नगर निगम और बिजली विभाग संयुक्त रूप से व्यवस्था बहाल करने में लगे हैं ताकि लोगों को जल्द राहत मिल सके। प्रशासन लगातार हालात की समीक्षा कर रहा है।
रेलवे ट्रैक पर पानी, पांच मेमू ट्रेनें रद्द और तीन का बदला संचालन
लगातार बारिश के कारण दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के बिलासपुर मंडल में रेलवे ट्रैक पर पानी भर गया। सुरक्षा को देखते हुए रेलवे प्रशासन ने पांच मेमू ट्रेनों को रद्द कर दिया है, जबकि तीन ट्रेनों का संचालन आंशिक रूप से बदला गया है। यात्रियों को यात्रा से पहले ट्रेन की स्थिति की जानकारी लेने की सलाह दी गई है। रेलवे अधिकारियों का कहना है कि पानी का स्तर सामान्य होते ही सेवाएं चरणबद्ध तरीके से बहाल की जाएंगी।
स्कूलों में अवकाश, हाईवे पर जलभराव से लंबा जाम
बारिश के बिगड़ते हालात को देखते हुए जिला प्रशासन ने कई स्कूलों में अवकाश घोषित किया है। वहीं NH-49 पर मस्तूरी के पास सड़क के ऊपर से पानी बहने के कारण कई वाहन बीच रास्ते में फंस गए। जलभराव और लंबी वाहनों की कतार के चलते यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ। प्रशासन ने लोगों से बेहद जरूरी होने पर ही यात्रा करने की अपील की है और जलभराव वाले मार्गों से दूरी बनाए रखने को कहा है।
लीलागर नदी का जलस्तर बढ़ा, कुटीघाट पुल पर खतरा
लगातार बारिश से लीलागर नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ गया है। बिलासपुर और जांजगीर-चांपा को जोड़ने वाला कुटीघाट पुल खतरे के निशान से ऊपर बह रहा है, जिससे आवागमन प्रभावित हुआ है। प्रशासन ने पुल पार न करने की चेतावनी जारी की है और संबंधित विभागों को हाई अलर्ट पर रखा है। मौसम विभाग ने भी अगले कुछ समय तक भारी बारिश की संभावना जताई है, इसलिए लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।