डिप्टी कलेक्टर ने डॉक्टर को थप्पड़ मारने का मामला: बिहार में स्वास्थ्य सेवा में संकट..
फारबिसगंज अस्पताल में जांच के दौरान हाथापाई, डॉक्टरों ने दिया 48 घंटे का अल्टीमेटम
बिहार के अररिया जिले के फारबिसगंज में सीनियर डिप्टी कलेक्टर रामबाबू प्रसाद पर एक डॉक्टर को थप्पड़ मारने का आरोप लगते ही पूरे राज्य में स्वास्थ्य जगत में हड़कंप मच गया। बिहार हेल्थ सर्विसेज एसोसिएशन (BHSA) ने मामले को गंभीर मानते हुए 48 घंटे का अल्टीमेटम देते हुए कार्रवाई की मांग की है।
विवाद की शुरुआत: अस्पताल में जांच के दौरान हाथापाई
बताया जा रहा है कि जिला प्रशासन ने निजी क्लिनिक और नर्सिंग होम की जांच के लिए टीम बनाई थी। इसी क्रम में जांच टीम डॉ. दीपक के बचपन न्यू एंड चाइल्ड हॉस्पिटल पहुंची। वहां जांच के दौरान बहस इतनी बढ़ गई कि हाथापाई की नौबत आ गई। डॉ. दीपक का आरोप है कि टीम उनके चैंबर में अचानक घुसी और एप्रन न पहनने पर गाली-गलौज की। बातचीत के दौरान ही सीनियर डिप्टी कलेक्टर ने उन्हें थप्पड़ मार दिया।
अधिकारियों का पक्ष: डॉक्टरों ने भी की मारपीट
सीनियर डिप्टी कलेक्टर रामबाबू प्रसाद और सिविल सर्जन केके कश्यप का कहना है कि तनावपूर्ण स्थिति में डॉक्टर और उनके कर्मचारियों ने जांच टीम के साथ मारपीट की। अधिकारियों के अनुसार उन्हें आधे घंटे तक बंधक बनाकर रखा गया।
CCTV फुटेज ने बढ़ाया विवाद
हालांकि शुरुआत में अधिकारी ने किसी तरह की मारपीट से इनकार किया, लेकिन हॉस्पिटल के CCTV फुटेज में स्पष्ट रूप से दिखा कि विवाद के दौरान हाथापाई हुई और ऑफिसर ने डॉक्टर को थप्पड़ मारा। इस फुटेज के सामने आने के बाद डॉक्टरों का गुस्सा और बढ़ गया।
डॉक्टरों की प्रतिक्रिया और अल्टीमेटम
इस घटना से बिहार के डॉक्टरों में भारी आक्रोश है। कई प्राइवेट डॉक्टर हड़ताल पर जाने की धमकी दे चुके हैं। BHSA ने स्वास्थ्य विभाग के सचिव को पत्र लिखकर मामले को गंभीर बताया और तत्काल कार्रवाई की मांग की। पत्र में चेतावनी दी गई है कि यदि 48 घंटे के भीतर संबंधित अधिकारी के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं होती है तो बड़े पैमाने पर प्रदर्शन किया जाएगा।
स्वास्थ्य सेवा पर असर
इस घटना ने बिहार में स्वास्थ्य सेवा पर गंभीर असर डाला है। अधिकारी और डॉक्टरों के बीच जारी तनाव से अस्पतालों में मरीजों की सुविधा प्रभावित हो सकती है। अब निगाहें प्रशासन पर टिकी हैं कि वे जल्द से जल्द कार्रवाई कर मामले को शांत कर सकें और डॉक्टरों की सुरक्षा सुनिश्चित करें।