दिल्ली ब्लास्ट केस में बड़ा खुलासा…
दिल्ली ब्लास्ट मामले की जांच में एक चौंकाने वाला मोड़ सामने आया है। जांच एजेंसियों के हाथ ऐसे अहम डिजिटल सबूत लगे हैं, जिनसे साफ संकेत मिलता है कि आरोपी उमर न सिर्फ विस्फोटक तकनीक सीख रहा था, बल्कि उसे विदेशी तत्वों से मार्गदर्शन भी मिल रहा था। यह खुलासा मामले को एक गंभीर अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन की ओर इशारा करता है।
उमर के फोन से मिले 40 बम बनाने के वीडियो
दिल्ली ब्लास्ट केस की जांच में NIA को आरोपी उमर के मोबाइल फोन से करीब 40 बम निर्माण से जुड़े वीडियो मिले हैं। शुरुआती जांच के अनुसार ये वीडियो विभिन्न तकनीकों, टाइमर सेट-अप और विस्फोटक तैयार करने की प्रक्रिया से संबंधित बताए जा रहे हैं।
जांच एजेंसियों का मानना है कि इतने बड़े पैमाने पर सामग्री जुटाना उसकी गहरी साजिश का संकेत देता है।
विदेशी नेटवर्क पर बड़ा शक: बाहर बैठे आतंकियों से ले रहा था ‘ट्रेनिंग’
जांच सूत्रों के अनुसार उमर को यह सामग्री विदेशी आतंकियों के माध्यम से प्राप्त हो रही थी। माना जा रहा है कि वह इंटरनेट-आधारित एन्क्रिप्टेड चैनलों के जरिए उनसे संपर्क में था और चरणबद्ध रूप से बम बनाने की तकनीक सीख रहा था।
यह एंगल अब मामले को एक संभावित अंतरराष्ट्रीय आतंकी मॉड्यूल की दिशा में ले जा रहा है।
डिजिटल फॉरेंसिक टीम की जांच तेज: चैट, कॉल और क्लाउड बैकअप खंगाले जा रहे
NIA ने उमर के फोन के अलावा उसके लैपटॉप, क्लाउड बैकअप और सोशल मीडिया अकाउंट्स की भी डिजिटल फॉरेंसिक जांच शुरू की है।
एजेंसियों का मकसद यह पता लगाना है कि उसे तकनीकी सहायता देने वाले लोग कौन थे और क्या भारत के अंदर कोई सक्रिय मॉड्यूल काम कर रहा था।
आतंकी साजिश की पड़ताल: लोकल सपोर्ट सिस्टम की तलाश
जांच टीमें अब इस बात की भी जांच कर रही हैं कि क्या दिल्ली या आसपास के इलाकों में उमर के मददगार मौजूद थे।
सुरक्षा एजेंसियां मान रही हैं कि इतनी जटिल तकनीक सीखने और उसे लागू करने की कोशिश बिना लोकल सपोर्ट के संभव नहीं होती।
दिल्ली की सुरक्षा एजेंसियां सतर्क: हाई अलर्ट जारी
दिल्ली पुलिस और केंद्रीय खुफिया एजेंसियों ने पूरी राजधानी में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी है।
संभावित मॉड्यूल की तलाश में कई स्थानों पर छापेमारी की जा रही है और संदिग्ध गतिविधियों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है।