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भिवाड़ी में मौत के धंधे का एक और ठिकाना बेनकाब खुशखेड़ा औद्योगिक क्षेत्र में अवैध पटाखा फैक्ट्री का खुलासा…

खुशखेड़ा औद्योगिक क्षेत्र में हालिया ब्लास्ट के बाद प्रशासन की सख्ती के बीच एक और अवैध पटाखा फैक्ट्री का पर्दाफाश हुआ है। यह इकाई स्टील फैब्रिकेशन के नाम पर संचालित की जा रही थी, जबकि भीतर पॉप-अप पटाखों का निर्माण किया जा रहा था। यह फैक्ट्री ब्लास्ट स्थल से करीब 500 मीटर की दूरी पर स्थित पाई गई।

स्टील फैब्रिकेशन की आड़ में बारूद का कारोबार

जांच में सामने आया कि औद्योगिक भूखंड पर दर्ज गतिविधियों से अलग यहां विस्फोटक सामग्री से जुड़े पटाखों का निर्माण किया जा रहा था। मौके पर बड़ी मात्रा में कच्चा माल, तैयार पटाखे और निर्माण से जुड़े उपकरण मिले। धमाके के बाद इकाई का संचालक फैक्ट्री पर ताला लगाकर फरार हो गया।

महिलाओं और बच्चों से कराई जा रही थी खतरनाक मजदूरी

प्रशासनिक जांच के दौरान यह तथ्य भी सामने आया कि फैक्ट्री में महिलाओं और बच्चों से काम कराया जा रहा था। अत्यधिक जोखिम वाले इस काम में सुरक्षा मानकों का कोई पालन नहीं किया जा रहा था, जिससे गंभीर हादसे की आशंका बनी हुई थी।

सूचना पर पहुंचा प्रशासन, बिजली कनेक्शन काटा गया

कार्रवाई के दौरान एडीएम सुमित्रा पारीक, तिजारा डीएसपी शिवराज सिंह सहित राजस्व, नगर परिषद और अग्निशमन विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे। फैक्ट्री परिसर की घेराबंदी कर जांच शुरू की गई और एहतियातन बिजली आपूर्ति काट दी गई, ताकि किसी तरह की दुर्घटना दोबारा न हो।

ब्लास्ट के बाद भी फलता रहा अवैध कारोबार

जिस क्षेत्र में हाल ही में अवैध पटाखा फैक्ट्री में ब्लास्ट हुआ था, उसी के आसपास दूसरी इकाई का सक्रिय होना प्रशासनिक निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है। यह मामला बताता है कि औद्योगिक क्षेत्रों में अवैध गतिविधियों की जड़ें कितनी गहरी हैं।

औद्योगिक इलाकों की सुरक्षा व्यवस्था पर फिर सवाल

लगातार सामने आ रही अवैध इकाइयों ने औद्योगिक क्षेत्रों में निरीक्षण, लाइसेंसिंग और सुरक्षा मानकों के पालन को लेकर चिंता बढ़ा दी है। प्रशासन ने विस्तृत जांच और आगे की कार्रवाई की बात कही है।

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