भीलवाड़ा में मां की हत्या के दोषी बेटे को उम्रकैद, कोर्ट ने लगाया 20 हजार का जुर्माना
भीलवाड़ा जिले के पुर थाना क्षेत्र में बुजुर्ग महिला की हत्या के मामले में अदालत ने फैसला सुनाया है। जिला एवं सेशन न्यायालय ने आरोपी बेटे सुनील कुमार विश्नोई को हत्या का दोषी माना। कोर्ट ने उसे आजीवन कारावास की सजा दी। साथ ही 20 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया। मामला अप्रैल 2023 का है। अभियोजन के अनुसार आरोपी ने अपनी मां मंजू देवी पर चाकू से हमला किया था। घटना के दौरान महिला के भाई विनोद कुमार भी मौके पर मौजूद थे। मामले की जांच के बाद पुलिस ने अदालत में आरोप पत्र पेश किया था।
भाई के सामने मां पर किया हमला
अभियोजन के मुताबिक 27 अप्रैल 2023 की शाम करीब 4 बजे मंजू देवी का भाई विनोद कुमार उनसे मिलने घर पहुंचा था। इसी दौरान उसने सुनील कुमार को अपनी मां पर चाकू से हमला करते देखा। विनोद ने बीच-बचाव करने की कोशिश की। आरोप है कि सुनील ने उसे भी धमकी दी। इसके बाद विनोद कुमार ने पुलिस को घटना की जानकारी दी। मामले में पुर थाना पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू की।
कमरे में बंद था मां और बेटा
पुलिस जांच में सामने आया कि घटना से पहले मंजू देवी और सुनील कुमार पुराने मकान में मौजूद थे। उस समय मंजू देवी के पति शंकरलाल को सब्जी लेने के लिए बाहर भेजा गया था। इसी दौरान मां और बेटे के बीच कहासुनी हुई। दोनों कमरे में चले गए और दरवाजा अंदर से बंद कर लिया। पुलिस के अनुसार इसी कमरे में सुनील ने मंजू देवी पर चाकू से हमला किया।
दरवाजा खोलने पर बाहर निकला आरोपी
घटना के बाद घर में मौजूद महिला ने आसपास के लोगों को सूचना दी। इसके बाद शंकरलाल घर पहुंचे और दरवाजा खुलवाने की कोशिश की। दरवाजा नहीं खुलने पर उन्होंने किसी तरह कमरे में प्रवेश किया। इसी बीच सुनील बाहर निकलकर चला गया। पुलिस के अनुसार उसके हाथ-पैर पर खून लगा हुआ था। बाद में पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू की।
पुलिस ने जुटाए अहम साक्ष्य
जांच के दौरान पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर वारदात में इस्तेमाल चाकू बरामद किया। आरोपी और मृतका के कपड़े भी जब्त किए गए। इसके अलावा खून के नमूने लिए गए। घटनास्थल से मिले नमूनों को एफएसएल जांच के लिए भेजा गया। पुलिस ने पोस्टमॉर्टम कराया और प्रत्यक्षदर्शियों सहित अन्य लोगों के बयान दर्ज किए।
19 गवाहों और दस्तावेजों के आधार पर फैसला
जांच पूरी होने के बाद पुलिस ने आरोपी के खिलाफ हत्या की धारा 302 के तहत चार्जशीट पेश की। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने 19 गवाहों के बयान दर्ज कराए। इसके साथ 30 दस्तावेज और 10 महत्वपूर्ण आर्टिकल अदालत में पेश किए गए। सभी पक्षों को सुनने के बाद सेशन न्यायाधीश अभय कुमार जैन ने सुनील कुमार को दोषी माना। अदालत ने उसे उम्रकैद और 20 हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई।