भरतपुर क्रिकेट संघ विवाद: सचिव पर यौन उत्पीड़न आरोप, RCA बैठक में हंगामा; आरोप साबित हुए तो क्रिकेट छोड़ने का ऐलान
राजस्थान क्रिकेट जगत में बड़ा विवाद सामने आया है। भरतपुर जिला क्रिकेट संघ के सचिव शत्रुघ्न तिवारी पर यौन उत्पीड़न और POCSO से जुड़े आरोपों की जांच के लिए समिति गठित किए जाने के बाद मामला गरमा गया है। राजस्थान क्रिकेट संघ (RCA) की एडहॉक कमेटी की AGM में इस मुद्दे पर तीखी बहस हुई। सचिव ने आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि अगर आरोप साबित हुए तो वह आजीवन क्रिकेट छोड़ देंगे।
RCA AGM में कई अहम फैसले और विवाद
जयपुर स्थित RCA अकादमी में हुई वार्षिक आमसभा में पिछले 90 दिनों के कार्यों की समीक्षा की गई। बैठक में जयपुर और उदयपुर में स्टेडियम निर्माण कार्य दोबारा शुरू करने, खिलाड़ियों के दैनिक भत्ते (DA) में बढ़ोतरी, सोशल मीडिया गतिविधियों की समीक्षा और लोकपाल की नियुक्ति जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई। साथ ही मौजूदा लोकपाल को हटाने का निर्णय लेते हुए नए लोकपाल की नियुक्ति पर सहमति बनी।
जिला संघों की गैरमौजूदगी से बढ़ा विवाद
बैठक में सवाई माधोपुर और नागौर जिला संघों को शामिल नहीं किए जाने का मामला भी चर्चा में रहा। वहीं धौलपुर संघ की अनुपस्थिति का कारण स्पष्ट नहीं हो सका। इस घटनाक्रम ने RCA की कार्यप्रणाली और पारदर्शिता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। कुछ प्रतिनिधियों ने इसे संगठनात्मक असंतुलन का संकेत बताया।
भरतपुर जिला क्रिकेट संघ पर निलंबन जारी
RCA की एडहॉक कमेटी ने भरतपुर जिला क्रिकेट संघ के निलंबन को जारी रखने का निर्णय लिया है। इसके साथ ही लगाए गए आरोपों और POCSO से जुड़े मामलों की जांच के लिए विशेष समिति गठित की गई है, जिसे 25 दिन का समय दिया गया है। समिति की रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी, जिसमें दोष सिद्ध होने पर आजीवन प्रतिबंध तक लगाया जा सकता है।
सचिव का पलटवार: ‘षड्यंत्र के तहत कार्रवाई’
भरतपुर जिला क्रिकेट संघ के सचिव शत्रुघ्न तिवारी ने सभी आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए इसे षड्यंत्र करार दिया है। उनका कहना है कि उन्हें जांच से कोई आपत्ति नहीं है, लेकिन पहले FIR दर्ज कर निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। उन्होंने RCA एडहॉक कमेटी के अधिकार पर सवाल उठाते हुए कहा कि उन्हें जांच समिति गठित करने का अधिकार किसने दिया।
‘आरोप साबित हुए तो क्रिकेट छोड़ दूंगा’
शत्रुघ्न तिवारी ने सख्त बयान देते हुए कहा कि वह किसी भी एजेंसी—पुलिस, SOG या अन्य—से जांच के लिए तैयार हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि यह पूरा मामला उन्हें संगठन से हटाने की साजिश है। साथ ही उन्होंने कहा कि यदि उनके खिलाफ आरोप सिद्ध हो जाते हैं तो वह आजीवन क्रिकेट छोड़ देंगे ।