भरतपुर में करवा चौथ से पहले 26 वर्षीय आरती की मौत, दहेज प्रताड़ना के आरोप में ससुराल पक्ष पर केस
भरतपुर में करवा चौथ से पहले 26 वर्षीय आरती की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। चार साल पहले उसकी शादी पंकज कुमार से हुई थी और उनका दो साल का बेटा है। पीहर पक्ष ने ससुराल वालों पर दहेज के लिए प्रताड़ित करने का आरोप लगाया है। वहीं, सास ने इन आरोपों को गलत बताते हुए कहा कि आरती की तबीयत अचानक बिगड़ी थी। पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। आरबीएम अस्पताल की मोर्चरी के बाहर दोनों पक्षों की महिलाओं के बीच विवाद भी हुआ।
करवा चौथ से पहले आरती की मौत से परिवार में शोक
भरतपुर के अटलबंद थाना क्षेत्र की विजय नगर कॉलोनी में 26 वर्षीय आरती की मौत का मामला सामने आया है। जानकारी के अनुसार, आरती की शादी करीब चार साल पहले पंकज कुमार से हुई थी। दंपती का दो साल का बेटा है।करवा चौथ का त्योहार नजदीक होने के कारण परिवार में तैयारियां चल रही थीं। इसी बीच आरती की मौत की खबर से दोनों परिवारों में तनाव की स्थिति बन गई। घटना के बाद आरबीएम अस्पताल की मोर्चरी के बाहर पीहर और ससुराल पक्ष की महिलाएं आपस में भिड़ गईं। मौके पर मौजूद गार्डों ने हस्तक्षेप कर दोनों पक्षों को अलग किया।
पीहर पक्ष ने लगाए दहेज प्रताड़ना के आरोप
कुरका गांव निवासी सतीश कुमार ने आरोप लगाया कि शादी के बाद से ही आरती को दहेज के लिए प्रताड़ित किया जा रहा था। उनके अनुसार, बुधवार सुबह ससुराल पक्ष की ओर से आरती की तबीयत खराब होने की सूचना मिली।परिजन जब मौके पर पहुंचे, तो उन्हें पता चला कि आरती को एक निजी अस्पताल ले जाया गया था, जहां उसकी मौत हो चुकी थी। इसके बाद पीहर पक्ष ने अटलबंद थाने में शिकायत देकर ससुराल वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।पीहर पक्ष की शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है। हालांकि, दहेज प्रताड़ना से जुड़े आरोपों की पुष्टि जांच और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर ही हो सकेगी।
सास ने आरोपों को नकारा, अचानक तबीयत बिगड़ने की बात कही
दूसरी ओर, आरती की सास निर्मला ने पीहर पक्ष की ओर से लगाए गए आरोपों को गलत बताया। उन्होंने कहा कि आरती और उनका बेटा पंकज दिल्ली में रहते थे। दोनों नुमाइश मेला देखने के लिए भरतपुर आए हुए थे।निर्मला के अनुसार, करवा चौथ की तैयारियां भी पूरी हो चुकी थीं। बुधवार सुबह आरती ने सिरदर्द होने की बात कही और कुछ देर बाद अचानक बेहोश हो गई। इसके बाद पड़ोसियों की मदद से उसे निजी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।सास की ओर से बताए गए घटनाक्रम और पीहर पक्ष के आरोपों के बीच अंतर है। ऐसे में मौत की परिस्थितियों और दोनों पक्षों के दावों की जांच महत्वपूर्ण होगी।
अस्पताल की मोर्चरी के बाहर दोनों पक्षों में विवाद
आरती की मौत के बाद आरबीएम अस्पताल की मोर्चरी के बाहर पीहर और ससुराल पक्ष की महिलाओं के बीच कहासुनी हो गई। देखते ही देखते विवाद बढ़ा और दोनों पक्षों के बीच हाथापाई की स्थिति बन गई।अस्पताल परिसर में मौजूद गार्डों ने बीच-बचाव कर महिलाओं को अलग किया। इस घटनाक्रम से कुछ समय के लिए तनाव का माहौल रहा। घटना के बाद पुलिस ने दोनों पक्षों को समझाइश देकर स्थिति संभाली।
पुलिस ने मामला दर्ज कर शुरू की जांच
अटलबंद थाना प्रभारी हेमेन्द्र चौधरी के अनुसार, सूचना मिलने पर पुलिस अस्पताल पहुंची और दोनों पक्षों को समझाया। इसके बाद आरती का पोस्टमॉर्टम करवाया गया और शव परिजनों को सौंप दिया गया।थाना प्रभारी के मुताबिक, पीहर पक्ष की ओर से दी गई शिकायत के आधार पर ससुराल पक्ष के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस अब शिकायत में लगाए गए आरोपों, आरती की मौत की परिस्थितियों और संबंधित साक्ष्यों की पड़ताल करेगी।
दो साल के बेटे की परवरिश को लेकर परिवार के सामने चुनौती
आरती की मौत से परिवार में शोक का माहौल है। दंपती का दो साल का बेटा है। इतनी कम उम्र में मां को खोना परिवार के लिए बड़ी क्षति है।फिलहाल, पुलिस जांच के जरिए मौत की परिस्थितियों और पीहर पक्ष की शिकायत में लगाए गए आरोपों की पुष्टि करने का प्रयास कर रही है। मामले में अंतिम निष्कर्ष जांच और कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही सामने आएगा।