भागलपुर में शर्मनाक घटना: यूट्यूब देखकर झोलाछाप ने प्रेग्नेंट महिला का ऑपरेशन किया, तड़प-तड़पकर मौत..
बिहार के भागलपुर जिले से स्वास्थ्य तंत्र को हिलाकर रख देने वाली दर्दनाक घटना सामने आई है। एक झोलाछाप डॉक्टर ने बिना किसी मेडिकल डिग्री के, यूट्यूब वीडियो देखकर गर्भवती महिला का सिजेरियन ऑपरेशन कर दिया। ऑपरेशन के दौरान हुई भारी लापरवाही के कारण महिला ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। यह घटना न सिर्फ अवैध चिकित्सा प्रथाओं की पोल खोलती है, बल्कि ग्रामीण स्वास्थ्य ढांचे पर गंभीर सवाल खड़े करती है।
यूट्यूब देखकर किया गया सर्जरी का प्रयास
भागलपुर के कहलगांव प्रखंड के एकचारी क्षेत्र में अमर कुमार मंडल नामक झोलाछाप ने गर्भवती महिला का ऑपरेशन यूट्यूब पर वीडियो देखकर शुरू कर दिया।
परिजनों के मुताबिक वह ऑपरेशन के दौरान बार-बार वीडियो रिप्ले करके प्रक्रिया समझ रहा था।
30 हजार रुपये लेकर किया ऑपरेशन का वादा
गांव की आशा कर्मी की सलाह पर स्वाति देवी को क्लीनिक लाया गया था।
परिजनों का आरोप है कि डॉक्टर ने 30,000 रुपये में ऑपरेशन करने का दावा किया और भरोसा दिलाया कि सब ठीक रहेगा।
अत्यधिक रक्तस्राव के कारण ऑपरेशन टेबल पर ही महिला की मौत
ऑपरेशन के दौरान भारी रक्तस्राव हुआ जिसे संभालने की डॉक्टर में कोई क्षमता नहीं थी।
महिला तड़प-तड़पकर ऑपरेशन टेबल पर ही मर गई, जबकि बच्चा जीवित निकाल लिया गया।
मौत के बाद क्लीनिक बंद कर फरार हुआ आरोपी
घटना के बाद डॉक्टर ने परिजनों को बहाना बनाकर दूसरे अस्पताल ले जाने को कहा, लेकिन तब तक महिला की मौत हो चुकी थी।
डॉक्टर और उसका सहयोगी क्लीनिक बंद कर मौके से भाग गए।
परिजनों और ग्रामीणों का हंगामा, सड़क पर शव रखकर किया विरोध
महिला की मौत के बाद परिजनों ने क्लीनिक के बाहर शव रखकर हंगामा किया।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यह क्लीनिक लंबे समय से अवैध रूप से चल रहा था और पहले भी विवादित घटनाएं हो चुकी हैं।
पुलिस जांच में जुटी, आशा कर्मी की भूमिका भी शक के घेरे में
रसलपुर थाना पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है।
परिजनों का आरोप है कि आशा कर्मी ने खुद इस क्लीनिक की सिफारिश की थी।
ग्रामीण स्वास्थ्य तंत्र पर बड़ा सवाल
यह पहली बार नहीं है कि झोलाछाप ने यूट्यूब देखकर इलाज की कोशिश की हो।
स्थानीय लोगों के अनुसार, कई मामलों को दबा दिया जाता है और क्लीनिक बिना अनुमति के चलता रहता है।