क्रिकेट विवाद में बैट से हमला: 10 साल पुराने मामले में आरोपी को 3 साल की सजा
अलवर के एससी-एसटी कोर्ट ने करीब 10 साल पुराने जानलेवा हमले के मामले में फैसला सुनाते हुए आरोपी को 3 साल की सजा दी है। मामला क्रिकेट खेलते समय हुए विवाद से जुड़ा है, जिसमें एक युवक पर बैट से हमला कर उसे गंभीर रूप से घायल कर दिया गया था।
सरकारी वकील योगेंद्र खटाना के अनुसार, 27 मार्च 2016 को कोतवाली थाने में रामजीलाल ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी। रिपोर्ट में बताया गया कि उनका पोता ललित अपने साथी मोहन के साथ क्रिकेट खेल रहा था। इसी दौरान गेंद को लेकर कहासुनी हुई, जो देखते ही देखते झगड़े में बदल गई।
आरोप है कि किशन कुमार और उसके साथियों ने ललित मीणा के सिर पर बैट से वार किया, जिससे उसका सिर फट गया और वह गंभीर रूप से घायल हो गया। हालत गंभीर होने पर उसे अलवर से जयपुर रेफर किया गया था।
पुलिस ने मामले में धारा 307 (हत्या के प्रयास) के तहत केस दर्ज कर आरोपी के खिलाफ कोर्ट में चालान पेश किया। सुनवाई के दौरान एससी-एसटी कोर्ट की जज अनीता सिंदल ने 11 गवाहों के बयान दर्ज किए। साक्ष्यों के आधार पर आरोपी किशन कुमार को दोषी ठहराते हुए 3 साल की सजा सुनाई गई।
हालांकि, पीड़ित ललित कुमार अपने बयान से मुकर गया, जिसके चलते अदालत ने उसे पक्षद्रोही (Hostile) घोषित कर दिया। कोर्ट ने सीआरपीसी की धारा 344 के तहत उसे नोटिस जारी किया है और झूठा बयान देने के मामले में उसके खिलाफ अलग से कार्रवाई की जाएगी।