बाड़मेर-बालोतरा को बजट की सौगात: कोर्ट, औद्योगिक क्षेत्र और ‘थार सांस्कृतिक सर्किट’ की बड़ी घोषणा
राजस्थान सरकार के नए बजट में बाड़मेर-बालोतरा क्षेत्र के लिए न्यायिक, औद्योगिक, पर्यटन, स्वास्थ्य और पेयजल से जुड़ी कई महत्वपूर्ण घोषणाएं की गई हैं। इन फैसलों का उद्देश्य क्षेत्रीय विकास को गति देना और बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करना है।
धोरीमन्ना में एसीजेएम कोर्ट की स्थापना
बालोतरा के धोरीमन्ना में वरिष्ठ सिविल न्यायाधीश एवं अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (एसीजेएम) न्यायालय खोला जाएगा। इससे स्थानीय स्तर पर न्यायिक मामलों के त्वरित निस्तारण में सुविधा मिलेगी और लोगों को दूरस्थ शहरों की अदालतों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा।
धर्मपुरा में औद्योगिक क्षेत्र होगा विकसित
बाड़मेर जिले के धर्मपुरा में नए औद्योगिक क्षेत्र के विकास की घोषणा की गई है। इससे क्षेत्र में निवेश को बढ़ावा मिलने, स्थानीय रोजगार सृजन और आर्थिक गतिविधियों में वृद्धि की संभावना है।
‘थार सांस्कृतिक सर्किट’ से पर्यटन को बढ़ावा
बाड़मेर, जैसलमेर, जोधपुर, बीकानेर और जालोर को जोड़ते हुए ‘थार सांस्कृतिक सर्किट’ विकसित किया जाएगा। इस पहल का उद्देश्य मरुस्थलीय संस्कृति, लोक कला और पर्यटन स्थलों को एकीकृत कर पर्यटन को नई दिशा देना है।
‘राज ममता’ कार्यक्रम से आत्महत्या रोकथाम पर फोकस
राज्य में आत्महत्याओं की रोकथाम के लिए ‘राज ममता’ नाम से नया कार्यक्रम शुरू किया जाएगा। इसके तहत मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता और परामर्श सेवाओं को मजबूत करने की योजना है।
हर ग्राम पंचायत में आरोग्य शिविर, दस्तावेज न होने पर भी इलाज
प्रत्येक ग्राम पंचायत स्तर पर आरोग्य शिविर आयोजित किए जाएंगे। खास बात यह है कि जिन मरीजों के पास आवश्यक दस्तावेज नहीं हैं, उन्हें भी मुफ्त इलाज की सुविधा दी जाएगी, ताकि कोई भी व्यक्ति उपचार से वंचित न रहे।
चौहटन में आयुर्वेद सेवाओं का विस्तार
चौहटन क्षेत्र में संचालित औषधालयों को क्रमोन्नत कर ब्लॉक स्तरीय आयुर्वेद अस्पताल बनाया जाएगा। इससे पारंपरिक चिकित्सा सेवाओं की उपलब्धता और बेहतर होगी।
नई पुलिस चौकियां और अभियंता कार्यालय
सिवाना-बालोतरा में अधिशासी अभियंता कार्यालय खोला जाएगा। साथ ही मांगता (गुड़ामालानी) और रामदेरिया (बाड़मेर) में नई पुलिस चौकियां शुरू की जाएंगी, जिससे प्रशासनिक और सुरक्षा व्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
851 गांवों के लिए पेयजल परियोजना सुदृढ़
बाड़मेर-बालोतरा और जैसलमेर जिले के 851 गांवों में पेयजल आपूर्ति सुधारने के लिए बाड़मेर लिफ्ट पेयजल परियोजना के मोहनगढ़ स्थित हेडवर्क का सुदृढ़ीकरण किया जाएगा। इससे ग्रामीण इलाकों में जल उपलब्धता बेहतर होने की उम्मीद है।
इन घोषणाओं के माध्यम से सरकार ने बाड़मेर-बालोतरा क्षेत्र में न्याय, स्वास्थ्य, उद्योग, पर्यटन और आधारभूत सुविधाओं के व्यापक विकास की दिशा में कदम बढ़ाया है।