बैंकों की मनमानी पर सरकार सख्त: जबरन इंश्योरेंस बेचने पर होगी कार्रवाई, ग्राहकों को मिलेगा पूरा रिफंड
देशभर के बैंक ग्राहकों के लिए बड़ी राहत वाली खबर सामने आई है। अब बैंक लोन या अन्य सेवाओं के नाम पर ग्राहकों को जबरन इंश्योरेंस या वित्तीय प्रोडक्ट बेचने के लिए मजबूर नहीं कर सकेंगे। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने साफ चेतावनी दी है कि मिस-सेलिंग यानी गलत तरीके से प्रोडक्ट बेचना अपराध माना जाएगा और दोषी बैंकों पर सख्त कार्रवाई होगी।
🟡 ग्राहकों को गुमराह करने पर सख्त चेतावनी
नई दिल्ली में बजट के बाद हुई समीक्षा बैठक में वित्त मंत्री ने बैंकों को दो टूक संदेश दिया कि ग्राहकों को भ्रमित करके इंश्योरेंस या अन्य फाइनेंस प्रोडक्ट बेचना अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि बैंकिंग संस्थानों का मूल कार्य जमा स्वीकार करना और जिम्मेदारी से ऋण देना है, न कि अनावश्यक उत्पाद थोपना।
🟡 RBI की नई गाइडलाइन से मिलेगा बड़ा संरक्षण
भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) ने मिस-सेलिंग रोकने के लिए नई गाइडलाइन का ड्राफ्ट जारी किया है।
नए प्रस्तावित नियमों के तहत:
- गलत जानकारी देकर बेचा गया प्रोडक्ट साबित होने पर ग्राहक को पूरा पैसा वापस मिलेगा।
- बैंक को ग्राहक के नुकसान की भरपाई भी करनी होगी।
- गाइडलाइन पर 4 मार्च तक सुझाव मांगे गए हैं।
- नए नियम 1 जुलाई से लागू किए जाने की तैयारी है।
🟡 अब नहीं चलेगी ‘जबरन बंडलिंग’
RBI ने स्पष्ट किया है कि लोन के साथ किसी अन्य प्रोडक्ट को अनिवार्य बनाना अवैध माना जाएगा। यानी:
- होम लोन लेने पर इंश्योरेंस लेना जरूरी नहीं होगा।
- पर्सनल लोन के साथ अतिरिक्त वित्तीय योजना खरीदने का दबाव नहीं बनाया जा सकेगा।
सरकार का मानना है कि कई बैंक लक्ष्य पूरा करने के दबाव में ग्राहकों को अनावश्यक योजनाएं बेचते रहे हैं।
🟡 होम लोन के साथ इंश्योरेंस पर उठे सवाल
वित्त मंत्री ने खास तौर पर होम लोन प्रक्रिया पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि जब ग्राहक पहले से अपनी संपत्ति गिरवी रख रहा है, तब उसे अलग से इंश्योरेंस लेने के लिए मजबूर करना अनुचित है। कई मामलों में ग्राहकों के पास पहले से लाइफ या हेल्थ इंश्योरेंस होने के बावजूद नया प्लान बेचा जाता है, जिसे अब रोका जाएगा।
🟡 बैंकों को मूल बैंकिंग पर लौटने की सलाह
सरकार ने बैंकों को सलाह दी कि वे गैर-बैंकिंग उत्पादों की बिक्री पर अत्यधिक निर्भर होने के बजाय—
- कम लागत वाले जमा (CASA) बढ़ाने
- ग्राहकों की आय और जरूरत समझने
- दीर्घकालिक भरोसे पर आधारित बैंकिंग मॉडल अपनाने पर ध्यान दें।
🟡 बैंकिंग सिस्टम में कैश को लेकर RBI का भरोसा
RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा ने बताया कि देश के बैंकिंग सिस्टम में पर्याप्त लिक्विडिटी मौजूद है।
- डिपॉजिट ग्रोथ लगभग 12.5%
- लोन ग्रोथ करीब 14.5%
उन्होंने भरोसा दिलाया कि जरूरत पड़ने पर केंद्रीय बैंक बाजार में नकदी बनाए रखने के लिए आवश्यक कदम उठाता रहेगा।
🟡 आम ग्राहक के लिए क्यों अहम है यह फैसला
यह कदम बैंक ग्राहकों के अधिकारों को मजबूत करने की दिशा में बड़ा बदलाव माना जा रहा है।
✔ अब लोन लेने के दौरान दबाव कम होगा
✔ मिस-सेलिंग पर सीधे आर्थिक दंड का खतरा
✔ बैंक कर्मचारियों की सेल्स-टारगेट संस्कृति पर असर
✔ ग्राहक विश्वास बढ़ाने की कोशिश
विशेषज्ञों के अनुसार, अगर नियम सख्ती से लागू हुए तो बैंकिंग सेक्टर में पारदर्शिता और जवाबदेही दोनों बढ़ेंगी।
🟡 ग्राहकों को अब क्या करना चाहिए?
- किसी भी प्रोडक्ट पर हस्ताक्षर से पहले शर्तें पढ़ें
- “अनिवार्य” कहे जाने वाले इंश्योरेंस की लिखित जानकारी मांगें
- दबाव बनने पर बैंक शिकायत सेल या RBI पोर्टल पर शिकायत दर्ज करें