राजस्थान में विधानसभा सत्र चल रहा है और रोज़ सदन का नज़ारा ऐसा लगता है मानो नेता लोग रणभूमि में उतरने से पहले बाहें चढ़ाकर तलवार निकाल रहे हों! चेहरे पर वीर रस, तेवरों में तूफ़ान—जैसे आज तो निर्णायक जंग होगी!
लेकिन मज़ेदार बात ये है कि यही बाहें चढ़ाने वाले नेता अपने-अपने इलाकों में जाने से घबराते नज़र आते हैं। वहाँ तो बाहें चढ़ाना दूर, कदम रखने में ही पसीने छूट जाते हैं। जनता का सामना करने में कहीं पतलून न उतर जाए—इस डर से कई माननीय दूर-दूर तक नज़र नहीं आते। हाल ये है […]