अतर सिंह भड़ाना हत्याकांड पर अशोक गहलोत का भाजपा सरकार पर हमला, बोले- जनता की सुरक्षा कैसे होगी?
भरतपुर जिले में भाजपा के पूर्व विधायक अतर सिंह भड़ाना की हत्या को लेकर राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने प्रदेश की भाजपा सरकार पर निशाना साधा है। गहलोत ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर राज्य की कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि जब पूर्व विधायक सुरक्षित नहीं हैं, तो आम जनता की सुरक्षा का भरोसा कैसे दिया जा सकता है। रिपोर्ट के अनुसार, भौंडा गांव में लीज को लेकर करीब दो साल से विवाद चल रहा था। रविवार को विवाद हिंसक हो गया, जिसमें भड़ाना और उनका अंगरक्षक घायल हुए। गंभीर हालत में जयपुर लाए गए भड़ाना की उपचार के दौरान मौत हो गई।
अशोक गहलोत ने कानून-व्यवस्था पर उठाए सवाल
भरतपुर में पूर्व विधायक अतर सिंह भड़ाना की हत्या के बाद पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने भाजपा सरकार को घेरा। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर घटना को प्रदेश की कानून-व्यवस्था से जुड़ा गंभीर मामला बताया। गहलोत ने आरोप लगाया कि दिनदहाड़े 70 से 80 लोगों द्वारा एक पूर्व विधायक को घेरकर हमला किए जाने की घटना आम लोगों की सुरक्षा पर सवाल खड़े करती है। उन्होंने कहा कि जब पूर्व विधायक ही सुरक्षित नहीं हैं, तो आम जनता की सुरक्षा का भरोसा कैसे किया जा सकता है? गहलोत ने इस मामले में पुलिस और प्रशासन की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए।
दो साल से विवाद चलने का दावा, कार्रवाई पर सवाल
अशोक गहलोत ने अपने बयान में कहा कि मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, अतर सिंह भड़ाना से जुड़ा विवाद करीब दो साल से चल रहा था। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि विवाद लंबे समय से जारी था, तो पुलिस और प्रशासन ने समय रहते क्या कदम उठाए? गहलोत ने इसे प्रशासनिक व्यवस्था की विफलता बताते हुए सरकार से जवाबदेही की मांग की। हालांकि, विवाद की पूरी पृष्ठभूमि और पहले दी गई शिकायतों या पुलिस कार्रवाई की स्थिति आधिकारिक जांच से स्पष्ट होगी। फिलहाल, इस घटना को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है और पुलिस की कार्रवाई पर भी नजर रखी जा रही है।
लीज विवाद के दौरान हिंसक हुआ मामला
उपलब्ध जानकारी के अनुसार, भरतपुर जिले के वैर थाना क्षेत्र के भौंडा गांव में लीज को लेकर संचालक और ग्रामीणों के बीच करीब दो साल से विवाद चल रहा था। रविवार को यह विवाद हिंसक संघर्ष में बदल गया। बताया गया है कि समझाइश के प्रयासों के बावजूद कुछ लोगों ने पूर्व विधायक अतर सिंह भड़ाना पर हमला कर दिया। इस घटना में भड़ाना के साथ उनका अंगरक्षक भी घायल हुआ। मामले की गंभीरता को देखते हुए पूर्व विधायक को उपचार के लिए जयपुर रेफर किया गया। घटना के पीछे विवाद की वास्तविक वजह, हमले में शामिल लोगों और उनकी भूमिका से जुड़े तथ्यों की पुष्टि पुलिस जांच से होगी।
जयपुर के SMS अस्पताल में पूर्व विधायक की मौत
हमले में गंभीर रूप से घायल अतर सिंह भड़ाना को जयपुर के सवाई मानसिंह अस्पताल लाया गया। रिपोर्ट के मुताबिक, उन्हें रात करीब 11:30 बजे ट्रॉमा सेंटर की आपातकालीन इकाई में पहुंचाया गया। चिकित्सकों ने उन्हें बचाने के लिए सीपीआर दिया, लेकिन उनकी जान नहीं बचाई जा सकी। रात करीब 12:15 बजे चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। पूर्व विधायक की मौत की खबर सामने आने के बाद घटना को लेकर राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में चर्चा तेज हो गई। अब मामले में हमले की परिस्थितियों और आरोपियों की भूमिका को लेकर पुलिस जांच महत्वपूर्ण होगी।
घटना के बाद गांव पहुंचे एसपी, कार्यालय में तोड़फोड़
रिपोर्ट के अनुसार, घटना के करीब 16 घंटे बाद पुलिस अधीक्षक राजेश मीणा भौंडा गांव पहुंचे। उन्होंने घटनास्थल का निरीक्षण किया। इससे पहले उन्होंने वैर थाने में पुलिसकर्मियों के साथ बैठक भी की। जानकारी के मुताबिक, पूर्व विधायक की खान के पास स्थित दो कमरों के कार्यालय में भी तोड़फोड़ की गई। इस घटनाक्रम के बाद पुलिस के सामने हमले की परिस्थितियों, विवाद की पृष्ठभूमि और संपत्ति को हुए नुकसान की जांच करने की चुनौती है। पुलिस की ओर से की गई कार्रवाई और जांच की प्रगति से मामले के अन्य पहलुओं का पता चल सकेगा।
हत्या के बाद कानून-व्यवस्था को लेकर सियासत तेज
अतर सिंह भड़ाना की हत्या के बाद राजस्थान में कानून-व्यवस्था को लेकर राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप शुरू हो गए हैं। अशोक गहलोत ने घटना को लेकर सरकार से सवाल किए हैं। वहीं, मामले की वास्तविक स्थिति पुलिस जांच और आधिकारिक जानकारी के आधार पर स्पष्ट होगी। इस मामले में यह पता लगाना जरूरी है कि लंबे समय से चल रहे विवाद को लेकर पहले कोई शिकायत दी गई थी या नहीं। यदि शिकायतें दर्ज हुई थीं, तो उन पर क्या कार्रवाई की गई? साथ ही, हमले में शामिल लोगों की पहचान और घटना के पीछे की परिस्थितियों की जांच भी अहम है। फिलहाल, मामले में आगे की पुलिस कार्रवाई पर नजर बनी हुई है।