अशोकनगर डबल डेथ केस: WhatsApp चैट, पोस्टमार्टम और सुसाइड नोट से खुल रहे नए राज
मध्य प्रदेश के अशोकनगर में कार के भीतर मिले युवक-युवती के शवों का मामला लगातार उलझता जा रहा है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट, WhatsApp पर भेजी गई आपत्तिजनक तस्वीरें, बरामद सुसाइड नोट और दोनों परिवारों के अलग-अलग दावों ने जांच को नया मोड़ दे दिया है। पुलिस ने सभी पहलुओं की जांच के लिए विशेष टीम गठित की है।
कार में मिले थे युवक-युवती के शव
अशोकनगर के महाना गांव के पास खेत में खड़ी एक कार से 24 वर्षीय मुस्कान जैन और 26 वर्षीय ऋतिक सोनी के शव बरामद हुए। प्रारंभिक जांच में दोनों के बीच प्रेम संबंध होने और हाल के दिनों में विवाद की बात सामने आई है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और फोरेंसिक टीम मौके पर पहुंची और साक्ष्य जुटाए। मामले की गंभीरता को देखते हुए विस्तृत जांच शुरू कर दी गई है।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सामने आए अहम तथ्य
डॉक्टरों के पैनल के अनुसार मुस्कान के सिर पर गंभीर चोट और गर्दन के पास गहरे कट के निशान मिले हैं, जबकि ऋतिक के सिर में गोली लगने की पुष्टि हुई है। महिला डॉक्टरों ने स्पष्ट किया कि युवती के साथ यौन उत्पीड़न जैसी कोई स्थिति नहीं मिली। दोनों के विसरा सुरक्षित रखे गए हैं, जिनकी जांच से यह भी स्पष्ट होगा कि किसी जहरीले पदार्थ का सेवन किया गया था या नहीं।
WhatsApp पर भेजी गई तस्वीरों से बढ़ा रहस्य
मुस्कान के भाई ने दावा किया कि घटना से कुछ देर पहले उनके मोबाइल पर ऋतिक के नंबर से 40 से अधिक आपत्तिजनक फोटो और वीडियो भेजे गए। परिवार ने तुरंत इसकी सूचना पुलिस को दी। पुलिस ने संबंधित मोबाइल नंबर की लोकेशन ट्रेस की, जिसके आधार पर घटनास्थल तक पहुंचकर कार से दोनों के शव बरामद किए गए। अब डिजिटल साक्ष्यों की भी गहन जांच की जा रही है।
दोनों परिवारों के दावों में विरोधाभास
मुस्कान के परिवार का आरोप है कि ऋतिक उसे परेशान करता था और उसी ने अभद्र सामग्री भेजी थी। वहीं ऋतिक के पिता ने हत्या की आशंका जताते हुए कहा कि कार से कुल्हाड़ी, कथित जहरीला पदार्थ और अन्य परिस्थितियां केवल आत्महत्या की ओर इशारा नहीं करतीं। उन्होंने पूरे मामले की उच्च स्तरीय फोरेंसिक जांच की मांग की है।
सुसाइड नोट और विशेष जांच टीम पर टिकी निगाहें
पुलिस के अनुसार घटनास्थल से दो पन्नों का एक कथित सुसाइड नोट भी मिला है, जिसमें कई व्यक्तिगत कारणों और हथियार की व्यवस्था का उल्लेख है। हालांकि पुलिस अभी किसी अंतिम निष्कर्ष पर नहीं पहुंची है। सभी डिजिटल साक्ष्यों, फोरेंसिक रिपोर्ट और अन्य सबूतों के आधार पर जांच जारी है। मामले की जांच के लिए गठित विशेष टीम 45 दिनों के भीतर अपनी रिपोर्ट सौंपेगी, जिसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।