अरब सागर में अमेरिकी हेलीकॉप्टर की इमरजेंसी वॉटर लैंडिंग, एक क्रू सदस्य लापता
अरब सागर में अमेरिकी नौसेना के एक MH-60S सी हॉक हेलीकॉप्टर को इमरजेंसी वॉटर लैंडिंग करनी पड़ी, जिसके बाद एक क्रू सदस्य लापता हो गया है। तीन लोगों को सुरक्षित बचा लिया गया है और सर्च ऑपरेशन जारी है। यह घटना अमेरिकी विमानवाहक पोत यूएसएस जॉर्ज एच.डब्ल्यू. बुश से जुड़ी बताई जा रही है। शुरुआती जांच में किसी हमले की आशंका से इनकार किया गया है, जबकि घटना के कारणों की जांच शुरू कर दी गई है।
क्या हुआ अरब सागर में?
अमेरिकी नौसेना के अनुसार, हेलीकॉप्टर में चार क्रू मेंबर सवार थे, जब इसे अचानक पानी में उतारना पड़ा। यह इमरजेंसी लैंडिंग 1 जुलाई की सुबह करीब 3:30 बजे हुई। तीन सदस्यों को तुरंत रेस्क्यू कर लिया गया और उन्हें इलाज के लिए विमानवाहक पोत पर भेजा गया, जहां उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है। वहीं चौथे सदस्य की तलाश के लिए बड़े स्तर पर सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है।
क्या होता है इमरजेंसी वॉटर लैंडिंग?
इमरजेंसी वॉटर लैंडिंग, जिसे “डिचिंग” भी कहा जाता है, वह स्थिति होती है जब कोई विमान या हेलीकॉप्टर तकनीकी खराबी, इंजन फेल, ईंधन खत्म होने या किसी गंभीर आपात स्थिति के कारण सुरक्षित रूप से रनवे पर लैंड नहीं कर पाता और उसे मजबूरी में समुद्र, नदी या झील पर उतारना पड़ता है। यह प्रक्रिया अत्यंत जोखिम भरी होती है और इसमें जान-माल का बड़ा खतरा रहता है।
जांच और बचाव अभियान जारी
अमेरिकी नौसेना ने स्पष्ट किया है कि शुरुआती जांच में किसी दुश्मन हमले या शत्रुतापूर्ण गतिविधि का कोई संकेत नहीं मिला है। फिलहाल पूरा ध्यान लापता क्रू सदस्य की तलाश पर केंद्रित है। आसपास के समुद्री क्षेत्र में नौसेना के जहाज और अन्य संसाधन लगातार सर्च ऑपरेशन चला रहे हैं। घटना के तकनीकी कारणों की विस्तृत जांच भी शुरू कर दी गई है।
इसी बीच ट्रंप का ईरान पर बयान
इस घटना के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर बयान दिया है। उन्होंने कहा कि डीन्यूक्लियराइजेशन की प्रक्रिया “बेहद अच्छी दिशा में” आगे बढ़ रही है। ट्रंप ने दावा किया कि हालिया सैन्य कार्रवाई के बाद ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर दबाव बढ़ा है और कूटनीतिक प्रयास सकारात्मक परिणाम दे रहे हैं।