अलवर ट्रांसपोर्ट नगर जानलेवा हमला केस में पांच दोषियों को 10-10 साल की सजा, कोर्ट ने लगाया अर्थदंड
अलवर। ट्रांसपोर्ट नगर में करीब सात साल पहले हुए जानलेवा हमले के मामले में अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है। अलवर की एडीजे कोर्ट संख्या-3 ने पांच आरोपियों को दोषी मानते हुए प्रत्येक को 10 साल के कारावास की सजा सुनाई। अदालत ने सभी दोषियों पर अर्थदंड भी लगाया है। मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने अदालत के सामने 22 गवाहों के बयान दर्ज कराए। इसके अलावा 63 दस्तावेजी साक्ष्य भी पेश किए गए। सुनवाई पूरी होने के बाद कोर्ट ने उपलब्ध साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर फैसला सुनाया।
2019 में ट्रांसपोर्ट नगर में हुआ था हमला
सरकारी वकील अजीत यादव के अनुसार, घटना 13 अगस्त 2019 की शाम करीब 4 बजे हुई थी। ट्रांसपोर्ट नगर क्षेत्र में दो भाइयों तैयब और कुर्शीद की दुकान थी। इसी दुकान पर आरोपियों के पहुंचने के बाद विवाद और मारपीट की घटना सामने आई थी।घटना के संबंध में परिवादी नवाब खान ने एनईबी थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। रिपोर्ट में कई लोगों के खिलाफ हमला करने के आरोप लगाए गए थे।
हथियारों के साथ दुकान पर पहुंचने का आरोप
पुलिस रिपोर्ट के मुताबिक जमालु, महबूब, गुलाम मोहम्मद, मुबारिक उर्फ मुब्बा और तालीम अन्य लोगों के साथ दो-तीन कारों में सवार होकर दुकान पर पहुंचे थे। आरोप था कि उनके पास तलवार, हॉकी और डंडे थे।दुकान पर पहुंचने के बाद तैयब, कुर्शीद और वहां मौजूद अन्य लोगों के साथ मारपीट शुरू होने की बात रिपोर्ट में कही गई थी। घटना के दौरान आसपास के लोगों के बीच भी अफरा-तफरी मच गई थी।
तलवार के वार से कुर्शीद घायल
अभियोजन पक्ष के अनुसार, हमले के दौरान मुबारिक उर्फ मुब्बा ने कुर्शीद पर तलवार से वार किया था। कुर्शीद ने बचने के लिए हाथ आगे किया। इस दौरान तलवार लगने से उसकी उंगली कट गई।इसके बाद तैयब और कुर्शीद के साथ भी मारपीट किए जाने का आरोप था। दोनों के पैरों में गंभीर चोटें आई थीं। उन्हें उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया था। पीड़ितों को बचाने पहुंचे कुछ लोगों के साथ भी मारपीट किए जाने का आरोप लगाया गया था।
पुराने विवाद को बताया गया था वजह
मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने बताया कि दोनों पक्षों की दुकानें ट्रांसपोर्ट नगर में आमने-सामने थीं। घटना से कुछ दिन पहले दोनों पक्षों के बीच विवाद हुआ था।अभियोजन के अनुसार, इसी पुराने विवाद के चलते बाद में हमला हुआ था। पुलिस जांच के बाद मामला अदालत तक पहुंचा और लंबे समय तक इसकी सुनवाई चली।
22 गवाह और 63 दस्तावेजी साक्ष्य पेश
मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने कुल 22 गवाहों के बयान अदालत में दर्ज कराए। इसके साथ 63 दस्तावेजी साक्ष्य भी पेश किए गए। अदालत ने मामले से जुड़े साक्ष्यों और गवाहियों पर विचार करने के बाद पांचों आरोपियों को दोषी माना।
पांचों दोषियों को 10-10 साल की सजा
एडीजे कोर्ट संख्या-3 की न्यायाधीश ज्योति के. सोनी ने मामले में जमालु, महबूब, गुलाम मोहम्मद, मुबारिक उर्फ मुब्बा और तालीम को दोषी करार दिया।अदालत ने पांचों दोषियों को 10-10 साल के कारावास की सजा सुनाई। इसके साथ सभी पर अर्थदंड भी लगाया गया है। करीब सात साल पुराने इस मामले में अदालत के फैसले के बाद पीड़ित पक्ष को न्यायिक प्रक्रिया में महत्वपूर्ण निर्णय मिला है।