अलवर के तिलक मार्केट में भीषण आग, पटाखों के धमाकों से दहला बाजार; दुकान और गोदाम जलकर राख
अलवर के तिलक मार्केट में शुक्रवार सुबह भीषण आग लगने से अफरा-तफरी मच गई। आग की चपेट में युवराज रेडीमेड की दुकान और ऊपरी मंजिल पर स्थित पटाखों का गोदाम आ गया। गोदाम में रखे पटाखों में लगातार धमाके होने से आसपास के दुकानदारों में दहशत फैल गई। दमकल की गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और आग बुझाने का प्रयास किया गया। एहतियात के तौर पर पास की साड़ी की दुकान खाली कराई गई। घटना के बाद व्यस्त बाजार में पटाखों के भंडारण और अग्नि सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठने लगे हैं।
तिलक मार्केट में आग से मचा हड़कंप
अलवर शहर के प्रमुख व्यावसायिक क्षेत्र तिलक मार्केट में शुक्रवार सुबह आग लगने की घटना सामने आई। जानकारी के अनुसार, एक दुकान की ऊपरी मंजिलों पर आग तेजी से फैल गई। दूसरी मंजिल पर संचालित युवराज रेडीमेड और तीसरी मंजिल पर बने पटाखों के गोदाम में रखा सामान इसकी चपेट में आ गया।गोदाम में रखे पटाखों में धमाके होने लगे। इससे बाजार में मौजूद लोगों के बीच अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलने पर दमकल की गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। अग्निशमन कर्मियों ने आग पर काबू पाने के प्रयास शुरू किए। आसपास की दुकानों को भी एहतियातन खाली कराया गया।
रेडीमेड दुकान और गोदाम का सामान जला
प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, संबंधित इमारत की निचली मंजिल पर साड़ियों की दुकान संचालित होती है। दूसरी मंजिल पर युवराज रेडीमेड और तीसरी मंजिल पर पटाखों का गोदाम बताया जा रहा है। इस कारोबार का संबंध डोगर दास बिहारी दास फर्म से बताया गया है। फर्म के मालिक का नाम हरीश सामने आया है।आग से रेडीमेड दुकान और पटाखों के गोदाम में रखा सामान जलकर राख हो गया। वहीं, नीचे स्थित साड़ी की दुकान को समय रहते खाली करा लिया गया। शुरुआती अनुमान में नुकसान करीब 5 से 10 लाख रुपये बताया जा रहा है। हालांकि, वास्तविक नुकसान का आकलन जांच और निरीक्षण के बाद ही हो सकेगा।
पटाखों के धमाकों से बाजार में दहशत
आग के दौरान पटाखों में लगातार धमाके होने से आसपास के दुकानदारों और स्थानीय लोगों में डर का माहौल बन गया। तिलक मार्केट में कपड़े, जूते और अन्य सामान की कई दुकानें हैं। दीपावली के दौरान यहां ग्राहकों की आवाजाही बढ़ जाती है।सुबह के समय आग लगने से बाजार में अपेक्षाकृत कम भीड़ थी। इससे राहत एवं बचाव कार्य शुरू करने में मदद मिली। हालांकि, घटना ने व्यस्त बाजारों में अग्नि सुरक्षा इंतजामों की अहमियत को फिर सामने ला दिया है।
शहर के बीच पटाखों का गोदाम होने पर सवाल
घटना के बाद स्थानीय दुकानदारों ने बाजार के बीच पटाखों के भंडारण को लेकर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि दीपावली के मद्देनजर ऊपरी मंजिल पर पटाखों का स्टॉक रखा गया था। ऐसे में संबंधित विभागों की निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था की जांच की मांग उठ रही है।हालांकि, गोदाम की वैधता, भंडारण की अनुमति और सुरक्षा नियमों के पालन को लेकर अभी आधिकारिक पुष्टि सामने नहीं आई है। इन सभी पहलुओं की जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। आग लगने के कारणों का भी पता लगाया जाना बाकी है।
मौके पर पहुंचीं मेयर सुमनलता अग्रवाल
घटना की सूचना मिलने पर नगर निगम की मेयर सुमनलता अग्रवाल भी मौके पर पहुंचीं। उन्होंने हालात का जायजा लिया। मेयर के अनुसार, दीपावली के सीजन को देखते हुए एक दिन पहले ही अग्निशमन विभाग के अधिकारियों को अलर्ट रहने के निर्देश दिए गए थे।उन्होंने बताया कि सूचना मिलने पर दमकल की दो गाड़ियां तत्काल मौके पर पहुंचीं और आग बुझाने का काम शुरू किया गया। घटना के बाद स्थानीय दुकानदारों ने बाजारों में अग्नि सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने और पटाखों के भंडारण की जांच कराने की मांग की।
पटाखों के भंडारण और सुरक्षा नियमों की जांच की मांग
अलवर राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) में शामिल है। यहां पटाखों की बिक्री, उपयोग और भंडारण को लेकर लागू नियमों का पालन महत्वपूर्ण है। प्रदूषण नियंत्रण से जुड़े निर्देशों के बीच संबंधित कारोबार की वैधता और सुरक्षा इंतजामों की जांच की मांग उठ रही है।स्थानीय स्तर पर दावा किया जा रहा है कि शहर और आसपास के इलाकों में विभिन्न स्थानों पर पटाखों का भंडारण किया जाता है। हालांकि, इन दावों और तिलक मार्केट स्थित गोदाम से जुड़े तथ्यों की आधिकारिक पुष्टि होना जरूरी है।फिलहाल आग लगने के वास्तविक कारण, गोदाम में रखे पटाखों की मात्रा और भंडारण संबंधी अनुमति को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है। जांच के बाद ही यह पता चलेगा कि सुरक्षा नियमों का पालन किया जा रहा था या नहीं। दीपावली से पहले हुई इस घटना ने बाजारों में अग्नि सुरक्षा और पटाखों के भंडारण की निगरानी पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।