#देश दुनिया #पॉलिटिक्स #राज्य-शहर

जनभागीदारी से जल संचय में अलवर को राष्ट्रीय सम्मान!कलेक्टर डॉ. आर्तिका शुक्ला के नेतृत्व में जिले ने जीता 25 लाख का पुरस्कार…

अलवर जिले ने ‘जल संचय जन भागीदारी (जेएसजेबी)’ अभियान के तहत उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए राष्ट्रीय स्तर पर बड़ी उपलब्धि हासिल की है। यह सम्मान जिला कलेक्टर डॉ. आर्तिका शुक्ला के दूरदर्शी नेतृत्व और सार्थक प्रयासों का परिणाम है, जिन्होंने जल संरक्षण को जन आंदोलन बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

18 नवंबर को नई दिल्ली के विज्ञान भवन में आयोजित छठे ‘राष्ट्रीय जल पुरस्कार- 2025’ समारोह में, केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी.आर. पाटिल ने पश्चिमी क्षेत्र जिले की तृतीय श्रेणी में प्रथम स्थान पर चयनित होने के लिए अलवर जिले को सम्मानित किया। ​डॉ. आर्तिका शुक्ला ने जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी सालुखे गौरव रवीन्द्र के साथ मिलकर, राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू की ओर से केंद्रीय मंत्री पाटिल से प्रशस्ति पत्र और ₹25 लाख की पुरस्कार राशि प्राप्त की ।

​कलेक्टर शुक्ला का सार्थक प्रयास: जल संचय बना जन आंदोलन

​यह पुरस्कार जल शक्ति अभियान ‘वर्षा जल संचयन’ (कैच द रेन) के तहत चलाए गए जेएसजेबी कार्यक्रम में अलवर के प्रभावी कार्य को दर्शाता है। डॉ. आर्तिका शुक्ला ने इस पहल को ‘समग्र सरकार और समग्र समाज’ के दृष्टिकोण से प्रेरित होकर, एक सक्रिय जनभागीदारी कार्यक्रम में बदल दिया। ​उनके नेतृत्व में, अलवर में झील, तालाबों और बावड़ियों के पुनरुद्धार के साथ-साथ भवनों की छतों पर वर्षा जल संचयन जैसी संरचनाओं को व्यापक रूप से लागू किया गया।

​इन प्रयासों से जिले ने जमीनी स्तर पर जल प्रबंधन सहभागिता और सतत जल प्रशासन को सफलतापूर्वक बढ़ावा दिया, जिसके परिणामस्वरूप क्षेत्र में जल संरचनाओं की स्थापना में उल्लेखनीय प्रगति हुई।
​डॉ. शुक्ला के प्रयासों ने यह साबित कर दिया है कि सक्रिय प्रशासनिक इच्छाशक्ति और सामुदायिक सहयोग के बल पर जल संरक्षण जैसे महत्वपूर्ण लक्ष्यों को प्राप्त किया जा सकता है। यह राष्ट्रीय सम्मान न केवल अलवर जिले के लिए गर्व की बात है, बल्कि देश के अन्य जिलों के लिए भी प्रेरणास्रोत है।

author avatar
stvnewsonline@gmail.com

Leave a comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *