अलवर पंचायत चुनाव: कांग्रेस ने भाजपा को घेरा, टीकाराम जूली और जितेंद्र सिंह ने उठाए ग्रामीण मुद्दे
राजस्थान में पंचायत चुनाव के बीच कांग्रेस ने ग्रामीण समस्याओं को लेकर भाजपा सरकार पर निशाना साधा है। सोमवार को अलवर के रामगढ़ क्षेत्र स्थित बगड़ तिराहे पर कांग्रेस की जनसभा आयोजित हुई। इसमें पूर्व केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह और विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने किसान, मनरेगा, बिजली-पानी, रोजगार और कानून-व्यवस्था से जुड़े मुद्दे उठाए। दोनों नेताओं ने पंचायत समिति और जिला परिषद चुनाव में कांग्रेस प्रत्याशियों के समर्थन में मतदान की अपील की। उन्होंने कहा कि गांवों के विकास का आकलन घोषणाओं के बजाय लोगों को मिल रही सुविधाओं से होना चाहिए।
बगड़ तिराहे पर कांग्रेस की जनसभा
अलवर में पंचायत चुनाव को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। सोमवार को रामगढ़ के बगड़ तिराहे पर आयोजित जनसभा में कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने ग्रामीण क्षेत्रों की समस्याओं को प्रमुखता से उठाया।पूर्व केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह और नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने भाजपा सरकार के कामकाज पर सवाल किए। उन्होंने कहा कि गांवों और ढाणियों में रहने वाले लोगों को बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराना सरकार की जिम्मेदारी है।सभा में बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं और ग्रामीणों की मौजूदगी की जानकारी दी गई। कांग्रेस नेताओं ने पार्टी प्रत्याशियों के समर्थन में प्रचार करने और स्थानीय मुद्दों को चुनावी चर्चा में शामिल करने का आह्वान किया।
किसान, बिजली-पानी और रोजगार पर उठाए सवाल
टीकाराम जूली ने ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति, पेयजल, सड़कों, शिक्षा और चिकित्सा सेवाओं की स्थिति को लेकर भाजपा सरकार की आलोचना की।उन्होंने किसानों को खाद, बिजली और उचित बीज उपलब्ध कराने का मुद्दा उठाया। साथ ही फसल खराबे का मुआवजा और समर्थन मूल्य पर उपज की खरीद जैसे विषयों पर भी ध्यान देने की मांग की।कांग्रेस नेताओं ने युवाओं के रोजगार और गरीब परिवारों को सरकारी योजनाओं का लाभ मिलने से जुड़े सवाल भी उठाए। उनका आरोप है कि ग्रामीण क्षेत्रों में कई बुनियादी समस्याएं अब भी बनी हुई हैं। इन आरोपों पर सरकार का पक्ष और संबंधित आंकड़े सामने आने पर स्थिति का अधिक स्पष्ट आकलन किया जा सकेगा।
मनरेगा भुगतान में देरी का मुद्दा भी उठा
जनसभा में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना यानी मनरेगा के भुगतान में कथित देरी का मुद्दा भी उठाया गया।कांग्रेस नेताओं ने कहा कि ग्रामीण परिवारों की आर्थिक स्थिति मजबूत करने के लिए रोजगार के अवसर उपलब्ध कराना और सरकारी योजनाओं का लाभ समय पर पहुंचाना जरूरी है।उन्होंने आरोप लगाया कि भुगतान में देरी और बुनियादी सुविधाओं से जुड़ी समस्याओं के कारण ग्रामीणों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। नेताओं ने पंचायत चुनाव में इन मुद्दों को ध्यान में रखने और सरकार से जवाबदेही की मांग करने की अपील की।
प्रधानमंत्री मोदी के ट्वीट पर टीकाराम जूली का तंज
जनसभा के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के राजस्थान में भाजपा की प्रचंड जीत संबंधी ट्वीट पर भी टीकाराम जूली ने टिप्पणी की। उन्होंने चुनावी नतीजों और जीत के दावों को लेकर सवाल उठाए।कांग्रेस नेताओं ने कहा कि पंचायत समिति और जिला परिषद चुनाव में पार्टी प्रत्याशियों के समर्थन के लिए कार्यकर्ताओं को मिलकर काम करना चाहिए। उन्होंने गांवों और ढाणियों तक पहुंचकर स्थानीय समस्याएं सुनने तथा उन्हें चुनावी चर्चा का हिस्सा बनाने का आह्वान किया।जूली और जितेंद्र सिंह ने मतदाताओं से कांग्रेस प्रत्याशियों के पक्ष में मतदान करने की अपील भी की। हालांकि, चुनाव में किस दल को कितना समर्थन मिलता है, यह मतगणना के बाद ही स्पष्ट होगा।
पंचायत चुनाव में ग्रामीण मुद्दों पर रहेगा जोर
अलवर में कांग्रेस की जनसभा के जरिए किसान, रोजगार, मनरेगा, बिजली-पानी और ग्रामीण सुविधाओं से जुड़े मुद्दे उठाए गए। पार्टी नेताओं ने भाजपा सरकार के कामकाज पर सवाल करते हुए मतदाताओं से स्थानीय समस्याओं के आधार पर निर्णय लेने की अपील की।अब पंचायत चुनाव के दौरान यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि भाजपा और कांग्रेस ग्रामीण क्षेत्रों की समस्याओं को लेकर क्या योजनाएं और आश्वासन सामने रखते हैं। चुनावी नतीजों से ही मतदाताओं के रुख की तस्वीर स्पष्ट होगी।