चार श्रम संहिता बिलों के विरोध में अलवर में राष्ट्रव्यापी हड़ताल, केंद्रीय बस स्टैंड पर श्रमिक संगठनों का धरना
अलवर
एटक के प्रदेश सचिव हरिओम चुग, जिला अध्यक्ष राजकुमार बक्शी तथा आरसीटू के जिला अध्यक्ष वीरेंद्र चौधरी ने बताया कि केंद्र सरकार ने 29 श्रम कानूनों को समाप्त कर चार श्रम संहिता बिल लागू किए हैं, जो उनके अनुसार मजदूरों और किसानों के हित में नहीं हैं। उनका आरोप है कि इन नए प्रावधानों से श्रमिक वर्ग की स्थिति और अधिक कमजोर होगी तथा पूंजीपतियों को अधिक अधिकार मिलेंगे।
नेताओं ने कहा कि इन कानूनों के विरोध में देशभर में हड़ताल और भारत बंद का आह्वान किया गया है। उसी के तहत अलवर में भी प्रदर्शन कर दो घंटे का धरना दिया गया। सभी श्रमिक संगठनों ने मांग की कि मजदूरों और किसानों के हितों को ध्यान में रखते हुए इन बिलों को तत्काल वापस लिया जाए।