अलवर में अवैध बजरी परिवहन का आतंक: पुलिस पीछा करने पर बेकाबू ट्रैक्टर ने घर का डंडा तोड़ा, तीन बकरियों को कुचला….
अलवर जिले में अवैध खनन और बजरी परिवहन का कारोबार लगातार बेलगाम होता जा रहा है। हालात ऐसे हैं कि अब अवैध खनन से जुड़े वाहन न सिर्फ कानून व्यवस्था को चुनौती दे रहे हैं, बल्कि आमजन की जान और माल के लिए भी खतरा बनते जा रहे हैं। ताजा मामला राजगढ़ उपखंड के सकट गांव का है, जहां पुलिस से बचने के प्रयास में अवैध बजरी से भरा ट्रैक्टर-ट्रॉली बेकाबू हो गया और बड़ा नुकसान कर गया।
अलवर जिले के राजगढ़ उपखंड के ग्राम सकट स्थित बारां का बास में बीती रात अवैध रूप से बजरी का परिवहन कर रहे ट्रैक्टर-ट्रॉली ने जमकर उत्पात मचाया। जानकारी के अनुसार बसवा की ओर से आ रहे अवैध बजरी से भरे ट्रैक्टर-ट्रॉली का पीछा बसवा थाना पुलिस कर रही थी। पुलिस को देख ट्रैक्टर चालक ने वाहन की रफ्तार तेज कर दी और लापरवाहीपूर्वक वाहन चलाते हुए टहला थाना क्षेत्र में घुस गया।
इसी दौरान बारां का बास गांव में ट्रैक्टर-ट्रॉली एक मकान के डंडे से टकरा गई, जिससे मकान का डंडा टूट गया। इसके बाद बेकाबू वाहन ने सड़क किनारे बंधी तीन बकरियों को कुचल दिया, जिससे मौके पर ही तीनों बकरियों की मौत हो गई। घटना के बाद गांव में अफरा-तफरी मच गई।
सूचना मिलते ही बसवा, बांदीकुई, राजगढ़ और टहला थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस अधिकारियों ने ग्रामीणों से समझाइश की और हालात को शांत कराया। बकरी मालिक हरदयाल गुर्जर ने बताया कि उनकी तीन बकरियां इस हादसे में मारी गई हैं, जिससे उन्हें भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा है।
बसवा थानाधिकारी रामचरण ने बताया कि अवैध खनन और बजरी परिवहन करने वालों के हौसले इस कदर बुलंद हो चुके हैं कि कार्रवाई के दौरान पुलिस से भिड़ने या जानलेवा घटनाएं करने से भी नहीं डरते। उन्होंने कहा कि टहला क्षेत्र के गांवों में अवैध रूप से बजरी और पत्थर का परिवहन लगातार किया जा रहा है। राजगढ़ क्षेत्र के गिरोह इस अवैध खनन में सक्रिय हैं, जो बिना नंबर प्लेट के ट्रैक्टर-ट्रॉली चलाते हैं।
थानाधिकारी ने यह भी बताया कि पीछा किए जाने पर ये लोग किसी भी तरह की अप्रिय घटना को अंजाम दे सकते हैं, जिससे आमजन की जान को गंभीर खतरा बना रहता है। पुलिस ने मामले में जांच शुरू कर दी है और अवैध खनन से जुड़े लोगों की पहचान कर कार्रवाई की जा रही है।
गौरतलब है कि इससे पहले भी राजगढ़ कस्बे के मुख्य मार्गों से अवैध पत्थर खनन कर वाहनों की आवाजाही की घटनाएं सामने आ चुकी हैं, लेकिन अब तक ठोस और प्रभावी कार्रवाई नहीं हो पाई है। ऐसे में अवैध खनन अब क्षेत्र के लिए एक नासूर बनता जा रहा है, जहां बेलगाम दौड़ते ट्रैक्टर-ट्रॉली कभी भी किसी बड़े हादसे को न्योता दे सकते हैं।