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अलवर में स्वास्थ्य व्यवस्थाओं पर सख्त दिखे मंत्री खींवसर: अस्पतालों का औचक निरीक्षण, लापरवाही पर कार्रवाई के निर्देश

अलवर दौरे पर पहुंचे चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री गजेन्द्र सिंह खींवसर ने जिले के प्रमुख अस्पतालों और ग्रामीण स्वास्थ्य केंद्रों का औचक निरीक्षण कर व्यवस्थाओं की हकीकत परखी। उन्होंने मरीजों से सीधे संवाद कर फीडबैक लिया और चिकित्सा सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान स्टाफ की कमी और अवकाश पर रहने के मामलों को गंभीरता से लेते हुए अनुशासनात्मक कार्रवाई के आदेश भी दिए।

अस्पतालों में व्यवस्थाओं का गहन निरीक्षण, हर इकाई का लिया जायजा


चिकित्सा मंत्री ने अलवर के सामान्य चिकित्सालय, जनाना एवं शिशु चिकित्सालय का विस्तृत निरीक्षण करते हुए विभिन्न विभागों की व्यवस्थाओं को बारीकी से परखा। उन्होंने वार्ड, आईसीयू, क्रिटिकल केयर यूनिट, ऑपरेशन थियेटर सहित अन्य महत्वपूर्ण इकाइयों का निरीक्षण किया और उपलब्ध संसाधनों के बेहतर उपयोग पर जोर दिया। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि सीमित संसाधनों में भी मरीजों को उच्च गुणवत्ता की चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराई जाएं और आपसी समन्वय से कार्य करते हुए स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत बनाया जाए।

मरीजों से सीधा संवाद, जमीनी हकीकत का लिया फीडबैक

निरीक्षण के दौरान मंत्री खींवसर ने अस्पतालों में भर्ती मरीजों से सीधे बातचीत कर चिकित्सा सुविधाओं की वास्तविक स्थिति जानी। उन्होंने मरीजों से इलाज, दवाओं की उपलब्धता और स्टाफ के व्यवहार को लेकर फीडबैक लिया। इस दौरान उन्होंने स्पष्ट कहा कि मरीजों को किसी भी प्रकार की असुविधा नहीं होनी चाहिए और उपचार में किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। मरीजों से मिले सुझावों के आधार पर व्यवस्थाओं में सुधार के निर्देश भी मौके पर ही दिए गए।

मदर मिल्क बैंक व महिला स्वास्थ्य सेवाओं पर विशेष फोकस

जनाना अस्पताल के निरीक्षण के दौरान मंत्री ने मदर मिल्क बैंक, लेबर रूम और पोस्ट ऑपरेटिव वार्ड की व्यवस्थाओं का विशेष रूप से अवलोकन किया। उन्होंने मिल्क स्टोरेज सिस्टम की जानकारी लेते हुए उसकी गुणवत्ता और सुरक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। महिला एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को प्राथमिकता देते हुए उन्होंने कहा कि प्रसूता महिलाओं और नवजात शिशुओं को बेहतर और सुरक्षित वातावरण मिलना बेहद जरूरी है, इसके लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं दुरुस्त रखी जाएं।

ग्रामीण स्वास्थ्य केंद्रों में मिली खामियां, कार्रवाई के निर्देश

मंत्री ने गोविन्दगढ़ के बदौड़ामेव सीएचसी और रामगढ़ के बगड़मेव पीएचसी का भी निरीक्षण किया, जहां स्टाफ की कमी सामने आई। कुछ कार्मिकों और नर्सिंग स्टाफ के अवकाश पर होने की जानकारी मिलने पर उन्होंने नाराजगी जताई और संबंधित कर्मचारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं में किसी प्रकार की ढिलाई स्वीकार नहीं की जाएगी और जिम्मेदार अधिकारियों को जवाबदेह बनाया जाएगा।

स्वास्थ्य व्यवस्थाओं की समीक्षा बैठक, योजनाओं पर दिया जोर

दौरे के दौरान आयोजित समीक्षा बैठक में मंत्री ने ओपीडी, दवाओं की उपलब्धता, डिलिवरी और मृत्यु दर, एम्बुलेंस सेवाओं और चिकित्सा उपकरणों की स्थिति का विस्तृत फीडबैक लिया। उन्होंने मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना और अन्य योजनाओं की प्रगति की समीक्षा करते हुए पात्र लोगों को अधिक से अधिक लाभ दिलाने के निर्देश दिए। साथ ही अस्पतालों में फायर सेफ्टी व्यवस्था को मजबूत करने और नियमित मॉक ड्रिल आयोजित करने के निर्देश भी दिए गए।

अधिकारियों को चेतावनी, व्यवस्थाओं में सुधार की सख्त हिदायत

मंत्री खींवसर ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं में लापरवाही किसी भी स्तर पर स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे नियमित मॉनिटरिंग करें और अस्पतालों की व्यवस्थाओं को हर समय सुचारू बनाए रखें। उन्होंने कहा कि मरीजों को बेहतर उपचार और सुविधाएं उपलब्ध कराना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है, और इसमें किसी भी प्रकार की कोताही पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

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