अलवर में दीपावली पर सजेगा हाट बाजार, छोटे व्यापारियों को मिलेंगी मुफ्त दुकानें; बिक्री की चिंता भी
अलवर। दीपावली पर अलवर में इस बार खास दीपोत्सव की तैयारी की जा रही है। शहर के प्रमुख बाजारों और रास्तों को आकर्षक रोशनी से सजाया जाएगा। होपसर्कस पर पहली बार लेजर शो आयोजित करने की योजना है। वहीं, छोटे व्यापारियों के लिए कंपनी बाग रोड पर विशेष हाट बाजार विकसित किया जा रहा है। यहां 300 अस्थायी टेंट लगाए जाएंगे। जरूरत पड़ने पर इनकी संख्या बढ़ाकर 500 तक की जा सकती है। व्यापारियों को निशुल्क दुकानें देने की योजना है। हालांकि, इस पहल से बाजारों में व्यवस्था सुधरने की उम्मीद है, लेकिन छोटे दुकानदारों को बिक्री प्रभावित होने की चिंता भी सता रही है।
कंपनी बाग रोड पर तैयार हो रहा दीपावली हाट बाजार
दीपावली के दौरान अलवर के होपसर्कस, घंटाघर, सब्जी मंडी और बजाजा बाजार सहित प्रमुख बाजारों में अस्थायी दुकानें लगती हैं। इससे खरीदारी के लिए भीड़ बढ़ती है। वहीं, यातायात व्यवस्था पर भी दबाव पड़ता है।इसी समस्या को देखते हुए इस बार छोटे व्यापारियों को एक निर्धारित स्थान पर दुकानें देने की योजना बनाई गई है। कंपनी बाग रोड पर विशेष हाट बाजार तैयार किया जा रहा है। नगर निगम की ओर से फिलहाल 300 अस्थायी टेंट लगाए जा रहे हैं। व्यापारियों के आवेदन अधिक आने पर इनकी संख्या 500 तक बढ़ाई जा सकती है।
छोटे व्यापारियों को मिलेगी निशुल्क दुकान
नगर निगम मेयर सुमनलता अग्रवाल के अनुसार, हाट बाजार में छोटे व्यापारियों को दुकानें आवंटित की जाएंगी। प्रत्येक परिवार को एक दुकान निशुल्क देने की योजना है।यहां दीपक, खील-बताशे, लक्ष्मी-गणेश की मूर्तियां, फूल-माला, खिलौने और सजावटी सामान बेचने वाले व्यापारियों को जगह दी जाएगी। दुकानदारों की सुविधा के लिए बिजली और पानी की व्यवस्था भी की जाएगी।इच्छुक व्यापारी निर्धारित आवेदन फॉर्म भरकर नगर निगम कार्यालय के कमरा नंबर 4 में जमा करा सकते हैं। दुकान आवंटन की प्रक्रिया और पात्रता संबंधी जानकारी व्यापारियों के लिए महत्वपूर्ण रहेगी।
प्रशासन की बैठक में बनी दीपोत्सव की योजना
दीपावली की तैयारियों को लेकर जिला कलेक्टर डॉ. आर्तिका शुक्ला की अध्यक्षता में बैठक आयोजित की गई। इसमें प्रशासन, पुलिस, नगर निगम, यूआईटी, व्यापार संघों और स्वयंसेवी संगठनों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।बैठक में शहर की सजावट, बाजारों की व्यवस्था और दीपोत्सव को आकर्षक बनाने के उपायों पर चर्चा हुई। होपसर्कस पर पहली बार लेजर शो आयोजित करने की योजना भी सामने आई।इसके अलावा प्रमुख बाजारों और रास्तों को रोशनी से सजाने की तैयारी है। उद्देश्य दीपावली के दौरान शहर को आकर्षक स्वरूप देना और खरीदारी के लिए आने वाले लोगों को बेहतर माहौल उपलब्ध कराना है।
बाजारों में भीड़ घटाने की उम्मीद
संयुक्त व्यापार महासंघ के अध्यक्ष हरमीत सिंह मेंहदीरत्ता और राजकुमार गोयल के अनुसार, दीपावली पर प्रमुख बाजारों में अस्थायी दुकानें लगने से भीड़ और अव्यवस्था की स्थिति बनती है।इस बार पटरी और ठेले पर कारोबार करने वाले छोटे व्यापारियों को कंपनी बाग के पास हाट बाजार में जगह देने की योजना है। प्रत्येक व्यापारी को निशुल्क एक कैनोपी उपलब्ध कराने की बात कही गई है।व्यापारियों को निर्धारित स्थान मिलने से प्रमुख बाजारों में यातायात का दबाव कम होने की उम्मीद है। साथ ही, दुकानदारों को भी कारोबार के लिए व्यवस्थित जगह मिल सकती है।
मुफ्त दुकान मिलने के बावजूद बिक्री की चिंता
प्रशासन की पहल से छोटे व्यापारियों को राहत मिलने की उम्मीद है। लेकिन कुछ दुकानदारों के सामने एक अलग चिंता भी है। उनका कहना है कि दीपावली के दौरान ही उन्हें आठ से दस दिन अच्छी कमाई का मौका मिलता है।इन दिनों में होने वाली बिक्री से उनके परिवार का खर्च चलता है। ऐसे में यदि उन्हें पारंपरिक बाजारों से हटाकर नए हाट बाजार में जगह मिलती है, तो ग्राहकों की आवाजाही को लेकर आशंका बनी हुई है।दुकानदारों की चिंता है कि निशुल्क दुकान मिलने के बावजूद वहां पर्याप्त ग्राहक नहीं पहुंचे, तो उनकी कमाई प्रभावित हो सकती है। उनके लिए दुकान का किराया बचने के साथ बिक्री का अच्छा अवसर मिलना भी जरूरी है।
हाट बाजार की सफलता ग्राहकों की आवाजाही पर निर्भर
कंपनी बाग रोड पर विकसित हो रहा हाट बाजार छोटे व्यापारियों के लिए नया अवसर बन सकता है। हालांकि, इसकी सफलता केवल दुकानों की संख्या या सुविधाओं से तय नहीं होगी।ग्राहकों की पहुंच, बाजार की लोकेशन, पार्किंग, प्रचार और खरीदारी के माहौल की भी इसमें अहम भूमिका रहेगी। यदि लोग आसानी से हाट बाजार तक पहुंचते हैं, तो व्यापारियों को लाभ मिल सकता है।वहीं, प्रशासन के सामने प्रमुख बाजारों में यातायात व्यवस्था बनाए रखने की चुनौती भी रहेगी। छोटे व्यापारियों की आजीविका और शहर की व्यवस्थाओं के बीच संतुलन बनाना जरूरी होगा।
दीपोत्सव की तैयारियों के बीच व्यापारियों को उम्मीद
अलवर में दीपावली की तैयारियां इस बार सजावट और बाजार व्यवस्था दोनों को ध्यान में रखकर की जा रही हैं। लेजर शो, रोशनी और हाट बाजार की योजना से शहर में उत्सवी माहौल बनाने की तैयारी है।छोटे व्यापारियों को निशुल्क दुकानें मिलने से उन्हें आर्थिक राहत मिल सकती है। लेकिन व्यापारियों की असली उम्मीद अच्छी बिक्री से जुड़ी है।अब निगाहें इस बात पर रहेंगी कि दीपावली का नया हाट बाजार छोटे दुकानदारों के लिए कमाई का बेहतर अवसर बनता है या ग्राहकों की आवाजाही को लेकर उनकी आशंकाएं बनी रहती हैं।