अलवर में साइबर ठगी के दो गिरोहों का खुलासा, 5 आरोपी गिरफ्तार; सेक्सटॉर्शन और पुराने सिक्कों के नाम पर लाखों की ठगी
अलवर में सदर थाना पुलिस ने साइबर ठगी के खिलाफ कार्रवाई करते हुए दो अलग-अलग गिरोहों का खुलासा किया है। पुलिस ने दोनों मामलों में कुल 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से ठगी में इस्तेमाल किए गए पांच मोबाइल फोन भी बरामद किए गए हैं। पुलिस के अनुसार, पहले गिरोह के आरोपी व्हाट्सएप पर लड़की बनकर लोगों को जाल में फंसाते और वीडियो कॉल के दौरान अश्लील वीडियो रिकॉर्ड कर ब्लैकमेल करते थे। वहीं दूसरे गिरोह पर पुराने सिक्के बेचने के नाम पर फर्जीवाड़ा करने का आरोप है। पुलिस दोनों मामलों में साइबर नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश कर रही है।
व्हाट्सएप पर लड़की बनकर करते थे संपर्क
सदर थाना पुलिस के अनुसार पहली कार्रवाई सिरमोली और बीच का बास इलाके में की गई। यहां से पुलिस ने साहिल खान, इंसाफ खान और इरफान खान को गिरफ्तार किया है।पुलिस का आरोप है कि तीनों व्हाट्सएप के जरिए लोगों से लड़की बनकर बातचीत करते थे। बातचीत के बाद वीडियो कॉल की जाती थी और इसी दौरान कथित तौर पर अश्लील वीडियो रिकॉर्ड कर लिए जाते थे।
अश्लील वीडियो के नाम पर करते थे ब्लैकमेल
पुलिस के मुताबिक वीडियो रिकॉर्ड करने के बाद आरोपियों की ओर से पीड़ितों को धमकी दी जाती थी कि उनकी निजी वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल कर दी जाएगी।इसके बाद वीडियो सार्वजनिक नहीं करने के बदले ऑनलाइन पैसे मांगे जाते थे। इस तरह पीड़ितों को ब्लैकमेल कर रकम वसूलने का आरोप है। पुलिस ने इसे सेक्सटॉर्शन से जुड़ा साइबर अपराध बताया है।
मोबाइल में मिला अश्लील वीडियो का एल्बम
पुलिस कार्रवाई के दौरान आरोपियों के मोबाइल फोन की जांच में कथित तौर पर अश्लील वीडियो का एल्बम मिला। इसके अलावा मोबाइल में व्हाट्सएप क्लोन एप भी मिलने की जानकारी सामने आई है।पुलिस अब बरामद मोबाइल और डिजिटल सामग्री की जांच कर रही है। इससे यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि गिरोह ने कितने लोगों को अपना निशाना बनाया और कितनी रकम की ठगी की।
पुराने सिक्कों के नाम पर दूसरा साइबर गिरोह
दूसरी कार्रवाई में पुलिस ने परवाज खान और फिरोज खान को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, दोनों सोशल मीडिया पर ‘ओल्ड कॉइन’ के नाम से फर्जी आईडी बनाकर लोगों को ठगी का शिकार बनाते थे।आरोपियों की ओर से पुराने और दुर्लभ सिक्के सस्ते दामों में बेचने का झांसा दिया जाता था। सोशल मीडिया पर पोस्ट और फर्जी प्रोफाइल के जरिए लोगों को इस ऑफर की जानकारी दी जाती थी।
रजिस्ट्रेशन और सिक्के की कीमत के नाम पर पैसे लेते थे
पुलिस के मुताबिक, ग्राहक के संपर्क में आने के बाद आरोपियों की ओर से रजिस्ट्रेशन और सिक्के की कीमत के नाम पर अलग-अलग रकम मांगी जाती थी।पीड़ितों से QR कोड के जरिए पैसे ट्रांसफर करवाए जाते थे। रकम मिलने के बाद कथित तौर पर आरोपी मोबाइल बंद कर देते थे और संपर्क तोड़ देते थे।
20 से 25 लाख की ठगी कबूलने का पुलिस का दावा
पुलिस के अनुसार, पूछताछ में परवाज खान और फिरोज खान ने करीब 20 से 25 लाख रुपए की ठगी करना स्वीकार किया है।हालांकि, ठगी की वास्तविक रकम और पीड़ितों की संख्या की पुष्टि पुलिस की विस्तृत जांच के बाद होगी। पुलिस बैंकिंग लेनदेन, मोबाइल रिकॉर्ड और सोशल मीडिया अकाउंट की जांच कर रही है।
पांच मोबाइल फोन किए गए बरामद
दोनों मामलों में गिरफ्तार पांच आरोपियों के कब्जे से साइबर ठगी में इस्तेमाल किए गए पांच मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं।पुलिस इन मोबाइल फोन में मौजूद चैट, कॉल रिकॉर्ड, सोशल मीडिया अकाउंट, डिजिटल भुगतान और अन्य सामग्री की जांच कर रही है। जांच से दोनों गिरोहों के नेटवर्क और संभावित पीड़ितों की जानकारी सामने आने की उम्मीद है।
दूसरे आरोपियों और साइबर नेटवर्क की तलाश
पुलिस का कहना है कि दोनों मामलों की जांच अभी जारी है। गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के आधार पर साइबर ठगी में शामिल अन्य लोगों की भूमिका की जानकारी जुटाई जा रही है।पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि आरोपियों के बैंक खाते, मोबाइल नंबर और सोशल मीडिया प्रोफाइल किन लोगों से जुड़े थे। जांच के आधार पर आगे और गिरफ्तारियां हो सकती हैं।
ऑनलाइन ठगी से बचने के लिए सावधानी जरूरी
साइबर पुलिस लगातार लोगों से अनजान सोशल मीडिया प्रोफाइल, वीडियो कॉल और ऑनलाइन खरीद-बिक्री के ऑफर से सावधान रहने की अपील करती है।किसी अनजान व्यक्ति के कहने पर निजी वीडियो साझा नहीं करना चाहिए। पुराने सिक्के, निवेश या किसी अन्य ऑनलाइन ऑफर के नाम पर QR कोड के जरिए भुगतान करने से पहले उसकी विश्वसनीयता जांचना जरूरी है। साइबर ठगी होने पर तुरंत 1930 पर शिकायत की जा सकती है।