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अलवर कोर्ट परिसर में बंदरों का आतंक, बचने के दौरान एडवोकेट खंभे से टकराकर घायल

अलवर कोर्ट परिसर में बंदरों की बढ़ती संख्या अब वकीलों और अन्य लोगों के लिए परेशानी का कारण बनती जा रही है। सोमवार शाम कोर्ट की छुट्टी के समय एडवोकेट शिव अपने साथी के साथ उपभोक्ता कोर्ट से बाहर निकल रहे थे। इसी दौरान परिसर में मौजूद करीब 7-8 बंदर अचानक उनके पीछे दौड़ पड़े। बंदरों से बचने के प्रयास में एडवोकेट शिव आगे जाकर एक खंभे से टकरा गए और जमीन पर गिरकर कुछ देर के लिए बेहोश हो गए। एडवोकेट भूपेंद्र के अनुसार, बंदरों ने शिव के पैर और सिर पर भी काट लिया। घटना के बाद उन्हें जिला अस्पताल ले जाया गया।

अचानक एडवोकेट के पीछे दौड़े 7-8 बंदर

जानकारी के अनुसार, सोमवार शाम कोर्ट की छुट्टी के समय एडवोकेट शिव अपने साथी के साथ उपभोक्ता कोर्ट से बाहर निकल रहे थे।इसी दौरान कोर्ट परिसर में मौजूद करीब 7-8 बंदर अचानक उनके पीछे दौड़ पड़े। बंदरों को अपनी तरफ आता देखकर एडवोकेट शिव उनसे बचने के लिए भागने लगे।

बचने के दौरान खंभे से टकराए

बंदरों से बचने के प्रयास में एडवोकेट शिव कुछ दूरी तक भागे। इसी दौरान वह आगे लगे एक खंभे से टकरा गए।टक्कर के बाद वह जमीन पर गिर पड़े और कुछ देर के लिए बेहोश हो गए। घटना के बाद आसपास मौजूद लोगों और अन्य वकीलों ने मौके पर पहुंचकर उनकी मदद की।

बंदरों के काटने का भी आरोप

एडवोकेट भूपेंद्र के अनुसार, घटना के दौरान बंदरों ने शिव के पैर और सिर पर भी काट लिया।घटना के बाद साथी वकीलों ने बंदरों को वहां से भगाया। इसके बाद घायल एडवोकेट को उपचार के लिए जिला अस्पताल ले जाया गया।

जिला अस्पताल में कराया गया उपचार

जिला अस्पताल में डॉक्टरों ने घायल एडवोकेट की आवश्यक जांच और उपचार किया।उपचार के बाद उनकी स्थिति में सुधार बताया गया और उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। घटना के बाद कोर्ट परिसर में मौजूद वकीलों के बीच बंदरों की समस्या को लेकर चर्चा तेज हो गई।

शाम के समय बढ़ जाती है बंदरों की मौजूदगी

वकीलों का कहना है कि कोर्ट परिसर में दोपहर के बाद बंदरों की संख्या बढ़ जाती है। खासकर शाम के समय परिसर में बड़ी संख्या में बंदर एकत्र हो जाते हैं।कोर्ट की छुट्टी के समय वकीलों, कर्मचारियों और अन्य लोगों की आवाजाही भी बढ़ती है। ऐसे में बंदरों के अचानक हमला करने या लोगों के पीछे दौड़ने से हादसे का खतरा बना रहता है।

बंदरों को पकड़ने की मांग

घटना के बाद वकीलों ने प्रशासन से कोर्ट परिसर में बंदरों की समस्या का स्थायी समाधान कराने की मांग की है।वकीलों का कहना है कि बंदरों को पकड़कर सुरक्षित स्थान पर छोड़ा जाना चाहिए। इसके अलावा कोर्ट परिसर में ऐसी व्यवस्था की जरूरत है, जिससे लोगों को बंदरों के कारण परेशानी या खतरे का सामना न करना पड़े।

कोर्ट परिसर की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल

घटना के बाद कोर्ट परिसर में आने वाले वकीलों और आम लोगों की सुरक्षा को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। बंदरों की बढ़ती संख्या के बीच प्रशासन को उनकी मौजूदगी वाले स्थानों की पहचान कर आवश्यक कदम उठाने की मांग की गई है।फिलहाल घायल एडवोकेट का उपचार हो चुका है। वहीं वकीलों की नजर अब प्रशासन की ओर से बंदरों की समस्या को लेकर उठाए जाने वाले कदमों पर है।

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Stv News Rajasthan

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