अलवर: CJP नेता दीपक बालियान का आरोप, प्रदर्शन में जाने से रोकने के लिए पुलिस ने बनाया दबाव
अलवर। दिल्ली में 10 अक्टूबर को प्रस्तावित प्रदर्शन से पहले कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संगठन सह प्रभारी दीपक बालियान ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं। अलवर जिले के कठूमर क्षेत्र के मनखेड़ा गांव निवासी बालियान का कहना है कि गुरुवार देर रात पुलिसकर्मी उन्हें घर से ले गए और दिल्ली में होने वाले प्रदर्शन में शामिल नहीं होने का दबाव बनाया। उन्होंने हाथापाई करने और मोबाइल अपने पास रखने का भी आरोप लगाया। वहीं, पुलिस ने मारपीट और मोबाइल छीनने के आरोपों को खारिज किया है। पुलिस के मुताबिक, दिल्ली में लागू निषेधाज्ञा को देखते हुए बालियान को समझाइश के लिए साथ ले जाया गया था। बाद में रात करीब दो बजे उन्हें घर छोड़ दिया गया।
देर रात घर पहुंचे पुलिसकर्मी
दीपक बालियान के अनुसार, गुरुवार देर रात कुछ पुलिसकर्मी उनके मनखेड़ा स्थित घर पहुंचे। इसके बाद उन्हें गोविंदगढ़ थाना क्षेत्र में ले जाया गया। बालियान का आरोप है कि वहां उनसे दिल्ली में प्रस्तावित प्रदर्शन में शामिल नहीं होने को कहा गया।उन्होंने दावा किया कि पुलिसकर्मियों ने उनके साथ हाथापाई की और उनका मोबाइल भी अपने पास रख लिया। बालियान के मुताबिक, उन्होंने पुलिस से कहा कि यदि उन्हें लेकर कोई आशंका है, तो उनके घर के बाहर पुलिसकर्मी तैनात कर दिए जाएं। इसके बावजूद उन्हें अपने साथ ले जाया गया।
रात दो बजे घर छोड़ने का दावा
दीपक बालियान ने बताया कि पुलिस उन्हें मेडिकल जांच के लिए भी लेकर गई थी। इसके बाद रात करीब दो बजे उन्हें वापस घर छोड़ दिया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि पूरी कार्रवाई का उद्देश्य उन्हें दिल्ली में होने वाले प्रदर्शन में शामिल होने से रोकना था।बालियान ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि यदि प्रशासन को उनकी गतिविधियों को लेकर कोई आशंका थी, तो उनके घर के बाहर निगरानी रखी जा सकती थी। हालांकि, उनके लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
पुलिस ने मारपीट और मोबाइल छीनने के आरोप नकारे
कठूमर थाना प्रभारी चंद्रशेखर शर्मा ने दीपक बालियान के आरोपों को निराधार बताया। उनके अनुसार, दिल्ली में निषेधाज्ञा लागू होने के कारण बालियान को समझाइश के लिए साथ ले जाया गया था।थाना प्रभारी ने कहा कि समझाइश के बाद रात करीब दो बजे बालियान को उनके घर छोड़ दिया गया। पुलिस ने मारपीट करने और मोबाइल छीनने के आरोपों से इनकार किया है।
एएसआई ने भी दी सफाई
कठूमर थाने के एएसआई उमरुद्दीन ने बताया कि बालियान के पिता ने पुलिसकर्मियों को चाय पीने के लिए कहा था। उनके अनुसार, इसी दौरान दीपक नाराज हो गए। एएसआई ने कहा कि बालियान को केवल समझाया गया था। उन्हें न तो हिरासत में लिया गया और न ही उनके साथ मारपीट की गई।पुलिस के इस बयान और बालियान के आरोपों में अंतर है। घटना की पूरी स्थिति स्पष्ट करने के लिए संबंधित तथ्यों और उपलब्ध साक्ष्यों का सत्यापन महत्वपूर्ण होगा।
CJP नेता ने पुलिस कार्रवाई पर उठाए सवाल
घटनाक्रम के बाद CJP के सह प्रभारी आशुतोष रांका ने सोशल मीडिया पर दावा किया कि पुलिस दीपक बालियान को जबरन थाने ले गई थी। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि बालियान को शांतिभंग के आरोप में गिरफ्तार किया गया और उनके पैर में फ्रैक्चर होने के बावजूद उन्हें घसीटा गया।रांका के अनुसार, जब बालियान के छोटे भाई ने पुलिस कार्रवाई का वीडियो बनाना शुरू किया, तो पुलिसकर्मियों ने उसके साथ भी मारपीट की। इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और पुलिस ने मारपीट के आरोपों से इनकार किया है।
घर के बाहर दिनभर तैनात रही पुलिस
दीपक बालियान के अनुसार, शुक्रवार को उनके घर के बाहर दिनभर पुलिसकर्मी तैनात रहे। उन्होंने दावा किया कि घर आने-जाने वाले लोगों से भी पूछताछ की जा रही थी। इस घटनाक्रम के बाद उन्होंने पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं।यह मामला दिल्ली में प्रस्तावित प्रदर्शन से पहले सामने आया है। फिलहाल बालियान के आरोपों और पुलिस के पक्ष में अंतर बना हुआ है। घटनाक्रम की वास्तविक स्थिति संबंधित साक्ष्यों और आधिकारिक जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।