#क्राइम #राज्य-शहर

अलवर में जोहड़ भूमि पर कब्जा और पेड़ों की कटाई का आरोप, ग्रामीणों ने कार्रवाई की मांग की

अलवर के बगड़ तिराया थाना क्षेत्र के मूंडपुरी गांव में जोहड़ (सार्वजनिक तालाब) की भूमि पर अवैध कब्जे और पेड़ों की कटाई का गंभीर मामला सामने आया है। ग्रामीणों ने पुलिस और राजस्व विभाग को शिकायत देने के बावजूद कार्रवाई न होने का आरोप लगाया है। मामले को लेकर ग्रामीणों में भारी आक्रोश है।

सार्वजनिक जोहड़ भूमि पर कब्जे का आरोप

ग्रामीणों के अनुसार मूंडपुरी गांव की जोहड़ भूमि राजस्व रिकॉर्ड में सार्वजनिक उपयोग के लिए दर्ज है, जिसमें खसरा नंबर 13 और 15 शामिल हैं। आरोप है कि मीणापुरा निवासी विक्रम पुत्र नंदा मीणा और गोविंद पुत्र श्रीनारायण सहित उनके परिवार द्वारा इस भूमि पर अवैध कब्जा किया जा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि यहां बाड़बंदी और निर्माण कार्य कर सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाया जा रहा है।

हरे पेड़ों की कटाई से बढ़ी चिंता

ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया है कि जोहड़ क्षेत्र में लगे कई बड़े और हरे पेड़ों को रात के समय काटा जा रहा है और उनका अवैध रूप से व्यापार किया जा रहा है। इससे न केवल पर्यावरण को नुकसान पहुंच रहा है, बल्कि जल संरक्षण और पशुओं के पानी पीने के पारंपरिक स्रोत भी प्रभावित हो रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि यह पूरी तरह नियमों के खिलाफ है और स्थानीय पारिस्थितिकी के लिए खतरा बन रहा है।

शिकायत के बावजूद कार्रवाई नहीं, ग्रामीणों में आक्रोश

ग्रामीणों ने पुलिस और राजस्व विभाग दोनों को इस मामले की जानकारी दी, लेकिन अब तक किसी प्रकार की ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। इस निष्क्रियता से ग्रामीणों में नाराजगी बढ़ गई है। लोगों का कहना है कि कई बार शिकायत देने के बावजूद प्रशासन ने इस ओर ध्यान नहीं दिया, जिससे दबंगों के हौसले और बढ़ गए हैं।

लिखित शिकायत देकर सख्त कार्रवाई की मांग

ग्रामीणों ने बगड़ तिराया थाना अधिकारी को लिखित शिकायत देकर अवैध कब्जा हटाने और पेड़ों की कटाई पर रोक लगाने की मांग की है। साथ ही दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की अपील की गई है। ग्रामीणों का कहना है कि जोहड़ भूमि का संरक्षण बेहद जरूरी है क्योंकि यह गांव के जल स्रोत और पशुपालन के लिए अहम है।

प्रशासनिक कार्रवाई की मांग तेज

ग्रामीणों ने सरकार से मांग की है कि मामले की तत्काल जांच कर अवैध कब्जे को हटाया जाए और पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाए। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते कदम नहीं उठाए गए तो गांव की सार्वजनिक संपत्ति और प्राकृतिक संसाधनों को भारी नुकसान हो सकता है।

author avatar
Stv News Rajasthan

Leave a comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *