अजमेर में कलेक्टर के नाम पर ठगी की कोशिश, DM की फोटो लगाकर WhatsApp पर मांगे पैसे
राजस्थान के अजमेर में साइबर ठगों ने प्रशासनिक तंत्र को निशाना बनाते हुए एक सनसनीखेज ठगी की कोशिश की है। ठगों ने जिला कलेक्टर की फोटो को व्हाट्सएप डीपी बनाकर विदेशी नंबर से फर्जी अकाउंट तैयार किया और अधिकारियों व आम लोगों से संपर्क कर खुद को कलेक्टर बताकर पैसे मांगने की कोशिश की।
🟥 विदेशी नंबर से बनाया फर्जी व्हाट्सएप अकाउंट
जानकारी के अनुसार, साइबर ठगों ने इंटरनेशनल मोबाइल नंबर का इस्तेमाल कर फर्जी व्हाट्सएप अकाउंट बनाया। इस अकाउंट पर अजमेर जिला कलेक्टर की फोटो लगाकर प्रशासनिक अधिकारियों और कुछ लोगों को मैसेज भेजे गए, जिससे प्रशासनिक दबाव बनाकर धनराशि ऐंठने की आशंका जताई जा रही है।
🟦 रुपयों की मांग की आशंका, प्रशासन अलर्ट
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि इन मैसेजों के जरिए लोगों से पैसों की मांग किए जाने की योजना थी। मामले की जानकारी मिलते ही जिला प्रशासन ने इसे गंभीर साइबर अपराध मानते हुए तुरंत संज्ञान लिया और साइबर एजेंसियों को जांच के निर्देश दिए हैं।
🟥 कलेक्टर लोक बंधु की अपील: सतर्क रहें
अजमेर जिला कलेक्टर लोक बंधु ने प्रशासनिक अधिकारियों और आम नागरिकों से विशेष अपील की है। उन्होंने कहा कि यदि किसी विदेशी या अज्ञात नंबर से उनके नाम या किसी वरिष्ठ अधिकारी के नाम पर व्हाट्सएप कॉल, मैसेज या धनराशि की मांग की जाए, तो उस पर बिल्कुल भरोसा न करें।
उन्होंने ऐसे नंबर को तुरंत Block और Report करने तथा नजदीकी पुलिस थाने या साइबर क्राइम सेल में सूचना देने की अपील की है।
🟦 OTP और बैंक डिटेल साझा न करें
कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि कोई भी शासकीय अधिकारी व्यक्तिगत व्हाट्सएप अकाउंट से पैसे नहीं मांगता। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे किसी भी व्यक्ति के साथ अपनी बैंक डिटेल, ओटीपी, यूपीआई या अन्य निजी जानकारी साझा न करें।
🟥 साइबर ठगी पर सख्त कानूनी कार्रवाई
प्रशासन के अनुसार, इस तरह के मामलों में भारतीय दंड संहिता और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी। फर्जी पहचान बनाकर ठगी करने पर—
- IPC धारा 419 (छलपूर्वक पहचान)
- IPC धारा 420 (धोखाधड़ी)
- IPC धारा 468 व 471 (जालसाजी)
- IT Act धारा 66C (पहचान की चोरी)
- IT Act धारा 66D (ऑनलाइन धोखाधड़ी)
के तहत मामला दर्ज किया जा सकता है। दोषी पाए जाने पर सख्त सजा और भारी जुर्माने का प्रावधान है।
अजमेर में कलेक्टर के नाम पर की गई यह ठगी की कोशिश प्रशासनिक पहचान की चोरी का गंभीर मामला है। प्रशासन और साइबर एजेंसियां मामले की गहन जांच में जुटी हैं और दोषियों को किसी भी हाल में बख्शने की तैयारी नहीं है।