अजमेर-चित्तौड़गढ़ रेल दोहरीकरण: सिंगावल-झड़वासा के बीच 19.5 किमी ट्रैक तैयार
अजमेर-चित्तौड़गढ़ रेल लाइन दोहरीकरण परियोजना के तहत बिजयनगर के पास सिंगावल से झड़वासा के बीच करीब 19.5 किलोमीटर लंबे रेलखंड का दोहरीकरण पूरा हो गया है। तकनीकी जांच और परीक्षण के बाद इस खंड को रेल यातायात के लिए अधिकृत कर दिया गया है। परियोजना के शेष कार्य अभी प्रगति पर हैं। स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने रेल सुविधाओं के विस्तार के साथ बिजयनगर में अंडरपास और अन्य निर्माण कार्यों को जल्द पूरा करने की मांग उठाई है।
सिंगावल से झड़वासा तक दोहरीकरण का काम पूरा
अजमेर-चित्तौड़गढ़ रेल लाइन के दोहरीकरण की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति हुई है। बिजयनगर के समीप सिंगावल से झड़वासा के बीच लगभग 19.5 किलोमीटर लंबे रेलखंड पर दोहरीकरण का काम पूरा कर लिया गया है। तकनीकी अधिकारियों की जांच और परीक्षण के बाद इस ट्रैक को रेल यातायात के लिए अधिकृत किया गया है।इस कार्य से संबंधित रेलखंड पर ट्रेनों के संचालन के लिए अतिरिक्त ट्रैक उपलब्ध हुआ है। हालांकि, यात्रियों को समय की कितनी बचत होगी और ट्रेनों के संचालन में कितना सुधार आएगा, यह रेल सेवाओं की वास्तविक व्यवस्था पर निर्भर करेगा। परियोजना के अन्य हिस्सों में भी काम जारी है।
दोहरीकरण से रेल सुविधाओं के विस्तार की उम्मीद
रेल लाइन दोहरीकरण का उद्देश्य रेल मार्ग की क्षमता बढ़ाना और ट्रेनों के संचालन को अधिक सुगम बनाना है। एक ही रेलखंड पर दो ट्रैक उपलब्ध होने से ट्रेनों के आवागमन की व्यवस्था बेहतर करने में मदद मिल सकती है। इससे यात्री ट्रेनों के साथ मालगाड़ियों के संचालन को भी लाभ मिलने की संभावना रहती है।स्थानीय लोगों को उम्मीद है कि अजमेर-चित्तौड़गढ़ रेल लाइन का दोहरीकरण पूरा होने के बाद क्षेत्र में रेल सुविधाओं का विस्तार होगा। हालांकि, पूरे मार्ग पर परियोजना का काम पूरा होने और रेलवे की परिचालन योजना लागू होने के बाद ही इसके व्यापक प्रभाव का आकलन किया जा सकेगा।
अमृत भारत स्टेशन योजना के बाद दोहरीकरण पर नजर
बिजयनगर रेलवे स्टेशन का अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत विकास किया गया है। स्टेशन के विकास के बाद रेल लाइन दोहरीकरण को क्षेत्र की रेल कनेक्टिविटी के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।स्टेशन के बुनियादी ढांचे और रेल लाइन की क्षमता में सुधार से यात्रियों को बेहतर सुविधाएं मिलने की उम्मीद है। स्थानीय जनप्रतिनिधियों का कहना है कि दोहरीकरण परियोजना के साथ अन्य जरूरी निर्माण कार्यों को भी समय पर पूरा किया जाना चाहिए। इससे स्टेशन आने-जाने वाले यात्रियों और आसपास के लोगों को सुविधा मिल सकेगी।
जनप्रतिनिधियों ने जताई खुशी
भाजपा मंडल अध्यक्ष ममता मोदी ने सिंगावल-झड़वासा रेलखंड का काम पूरा होने पर खुशी जताई। उन्होंने कहा कि अजमेर-चित्तौड़गढ़ रेल लाइन का दोहरीकरण क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण है। इससे रेल सुविधाओं के विस्तार की उम्मीद बढ़ी है।पूर्व पालिकाध्यक्ष इन्द्रजीत मेवाड़ा ने भी परियोजना की प्रगति को क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण बताया। वहीं, ब्यावर जिला भाजपा के कार्यकारी अध्यक्ष आशीष सांड ने कहा कि अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत बिजयनगर स्टेशन के विकास के बाद दोहरीकरण परियोजना से मिलने वाली सुविधाएं रेल यात्रियों के लिए उपयोगी साबित होंगी।पूर्व पालिका उपाध्यक्ष प्रीतम बडौला ने भी उम्मीद जताई कि रेल लाइन की क्षमता बढ़ने से यात्रियों को बेहतर रेल सेवाएं मिल सकेंगी।
अंडरपास निर्माण में तेजी लाने की मांग
दोहरीकरण के काम के साथ बिजयनगर में अंडरपास और नए रेल ट्रैक से जुड़े अन्य निर्माण कार्यों को जल्द पूरा करने की मांग भी उठी है। पूर्व पालिका उपाध्यक्ष सहदेव सिंह कुशवाह ने कहा कि निर्माण कार्यों में तेजी लाई जानी चाहिए, ताकि आमजन को योजनाओं का लाभ समय पर मिल सके।पालिका उपाध्यक्ष खुशबू लुणावत ने भी रेलवे के निर्माण कार्यों की गति बढ़ाने की जरूरत बताई। उनके अनुसार, दोहरीकरण और अंडरपास से जुड़े कार्य जनहित में महत्वपूर्ण हैं। इन्हें जल्द पूरा करने से क्षेत्र के लोगों को राहत मिल सकती है।
शेष कार्य पूरे होने का इंतजार
सिंगावल से झड़वासा के बीच 19.5 किलोमीटर रेलखंड का दोहरीकरण पूरा होना परियोजना की महत्वपूर्ण उपलब्धि है। अब लोगों की नजर शेष कार्यों की प्रगति और अंडरपास निर्माण पर है।रेलवे परियोजना के बाकी हिस्सों का काम पूरा होने के बाद रेल मार्ग की क्षमता और संचालन व्यवस्था में व्यापक सुधार की उम्मीद है। फिलहाल, इस रेलखंड को यातायात के लिए अधिकृत किए जाने से क्षेत्र में रेल सुविधाओं के विस्तार की उम्मीद मजबूत हुई है।