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अब AI करेगा आपके लिए शॉपिंग और पेमेंट, लेकिन क्या है यह सुरक्षित?

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस अब सिर्फ जानकारी देने या सुझाव देने तक सीमित नहीं रहा है। नई तकनीकों के जरिए AI एजेंट अब तय शर्तें पूरी होने पर आपकी ओर से खुद खरीदारी और भुगतान भी कर सकते हैं। इससे निवेश और ऑनलाइन शॉपिंग पहले से अधिक आसान हो सकती है, लेकिन इसके साथ सुरक्षा और जवाबदेही से जुड़े कई सवाल भी सामने आ रहे हैं।

AI एजेंट कैसे करेगा आपके लिए खरीदारी?

नई व्यवस्था में यूजर पहले से कुछ शर्तें तय कर सकता है। उदाहरण के तौर पर यदि किसी प्रोडक्ट या गोल्ड की कीमत एक निश्चित स्तर से नीचे आती है, तो AI एजेंट उसी समय अपने आप खरीदारी पूरी कर सकता है। इसके लिए शुरुआत में यूजर को UPI मैंडेट की मंजूरी देनी होगी। इसके बाद एजेंट लगातार कीमतों की निगरानी करेगा और तय नियमों के अनुसार भुगतान भी कर सकेगा।

पेमेंट सेक्टर में तेजी से बढ़ रहा AI का इस्तेमाल

फिनटेक कंपनियां अब AI आधारित भुगतान सेवाओं पर काम कर रही हैं। इसी दिशा में पाइन लैब्स ने एजेंट-टू-एजेंट पेमेंट प्रोटोकॉल (P3P) पेश किया है। इस तकनीक का उद्देश्य AI एजेंट को सीमित अधिकार देकर सुरक्षित तरीके से भुगतान की सुविधा उपलब्ध कराना है। इससे बार-बार मैनुअल अप्रूवल की जरूरत कम हो सकती है और पूरी प्रक्रिया अधिक स्वचालित बन सकती है।

निवेश और बचत के तरीके में आ सकता है बड़ा बदलाव

AI एजेंट का इस्तेमाल फिलहाल डिजिटल गोल्ड और बचत प्लेटफॉर्म पर शुरू हो चुका है। यह तकनीक यूजर्स को सही समय पर निवेश करने में मदद कर सकती है। लगातार बाजार पर नजर रखने की जरूरत नहीं होगी, क्योंकि AI तय मानकों के आधार पर खुद कार्रवाई करेगा। इससे मैनुअल सेविंग्स की जगह ऑटोमेटेड वेल्थ मैनेजमेंट का चलन बढ़ सकता है।

सुरक्षा और फ्रॉड सबसे बड़ी चुनौती

विशेषज्ञों का मानना है कि AI आधारित भुगतान के साथ कई जोखिम भी जुड़े हैं। यदि AI गलत डेटा के आधार पर निर्णय लेता है तो अनचाही खरीदारी या गलत भुगतान की स्थिति पैदा हो सकती है। इसके अलावा साइबर अपराधी दुर्भावनापूर्ण AI एजेंट या डीपफेक तकनीक का इस्तेमाल कर धोखाधड़ी को अंजाम दे सकते हैं। ऐसे मामलों में जिम्मेदारी तय करना भी एक बड़ी चुनौती बन सकता है।

पहले क्यों रुक जाती थी AI आधारित खरीदारी?

अब तक AI उत्पाद खोजने, तुलना करने और चेकआउट तक पहुंचने में सक्षम था, लेकिन अंतिम भुगतान के लिए मानव हस्तक्षेप जरूरी होता था। UPI ट्रांजैक्शन में MPIN और अन्य प्रमाणीकरण की जरूरत होने के कारण प्रक्रिया अधूरी रह जाती थी। नई तकनीक इसी बाधा को दूर करने का दावा कर रही है और AI को पहले से स्वीकृत नियमों के भीतर भुगतान करने की अनुमति देती है।

ऑनलाइन शॉपिंग में भी बढ़ेगा AI का दायरा

AI एजेंट का उपयोग केवल निवेश तक सीमित नहीं रहेगा। ई-कॉमर्स और इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर में भी इसका इस्तेमाल बढ़ सकता है। ग्राहक किसी स्मार्टफोन, टीवी या अन्य उत्पाद के लिए मनचाही कीमत तय कर सकते हैं। जैसे ही कीमत उस स्तर तक पहुंचेगी, AI एजेंट स्वतः खरीदारी पूरी कर सकेगा। इससे ग्राहकों को बेहतर डील हासिल करने में मदद मिल सकती है।

क्या पैसों के मामले में AI पर भरोसा किया जा सकता है?

AI आधारित भुगतान प्रणाली में सुरक्षा को प्राथमिकता दी जा रही है। खर्च की सीमा तय करने, एजेंट की पहचान सत्यापित करने और हर ट्रांजैक्शन का रिकॉर्ड रखने जैसी सुविधाएं जोड़ी जा रही हैं। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि यूजर किसी भी समय अपने मैंडेट को बदल या रद्द कर सकता है। हालांकि विशेषज्ञ मानते हैं कि इस तकनीक के व्यापक इस्तेमाल से पहले मजबूत सुरक्षा ढांचा और स्पष्ट नियम जरूरी होंगे।

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अब AI करेगा आपके लिए शॉपिंग और पेमेंट, लेकिन क्या है यह सुरक्षित?

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