RE-NEET से पहले अलर्ट मोड पर एजेंसियां, सोशल मीडिया ग्रुप और संदिग्ध गतिविधियों पर कड़ी निगरानी
RE-NEET परीक्षा से पहले सुरक्षा और खुफिया एजेंसियों ने अपनी निगरानी व्यवस्था और मजबूत कर दी है। पेपर लीक, फर्जीवाड़े और नकल से जुड़े किसी भी संभावित नेटवर्क को रोकने के लिए लगातार कार्रवाई की जा रही है। जयपुर में पिछले कुछ दिनों के दौरान कई संदिग्ध लोगों से पूछताछ की गई है, जबकि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर सक्रिय कुछ ग्रुप भी जांच एजेंसियों की रडार पर हैं। परीक्षा को निष्पक्ष और पारदर्शी बनाए रखने के लिए तकनीकी और जमीनी स्तर पर व्यापक निगरानी अभियान चलाया जा रहा है।
पेपर लीक की आशंका के बीच बढ़ाई गई सतर्कता
RE-NEET परीक्षा को लेकर सुरक्षा एजेंसियां किसी भी प्रकार की लापरवाही के मूड में नहीं हैं। खुफिया एजेंसियां लगातार फील्ड इनपुट जुटा रही हैं और ऐसे लोगों पर नजर रख रही हैं जिनका नाम परीक्षा से जुड़ी संदिग्ध गतिविधियों में सामने आया है। सूत्रों के अनुसार, परीक्षा से पहले किसी संगठित गिरोह द्वारा प्रश्नपत्र लीक करने या फर्जी जानकारी फैलाने की संभावना को देखते हुए विशेष निगरानी रखी जा रही है। एजेंसियां संदिग्ध व्यक्तियों के संपर्कों और उनकी ऑनलाइन गतिविधियों का भी विश्लेषण कर रही हैं।
पांच दिनों में करीब 30 लोगों से पूछताछ
जांच से जुड़े अधिकारियों के अनुसार बीते कुछ दिनों में स्थानीय पुलिस के सहयोग से लगभग 30 लोगों से पूछताछ की जा चुकी है। इनमें ऐसे लोग भी शामिल हैं जिनकी गतिविधियां परीक्षा से जुड़े विभिन्न सोशल मीडिया नेटवर्क से जुड़ी पाई गई थीं। शुक्रवार को भी जयपुर के पूर्वी क्षेत्र में कुछ व्यक्तियों से पूछताछ की गई। हालांकि अब तक किसी को गिरफ्तार नहीं किया गया है, लेकिन पूछताछ के दौरान मिली जानकारी के आधार पर निगरानी का दायरा लगातार बढ़ाया जा रहा है। एजेंसियां हर इनपुट का सत्यापन कर रही हैं।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म जांच के घेरे में
पड़ताल के दौरान कुछ ऐसे टेलीग्राम और व्हाट्सएप ग्रुप सामने आए हैं जिनमें परीक्षा से संबंधित सामग्री साझा की जा रही थी। जांच एजेंसियां इन ग्रुपों के एडमिन और उनसे जुड़े लोगों की गतिविधियों पर नजर रख रही हैं। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर प्रसारित होने वाली हर संदिग्ध सूचना का विश्लेषण किया जा रहा है ताकि किसी भी प्रकार की भ्रामक जानकारी या फर्जी प्रश्नपत्र समय रहते पकड़े जा सकें। तकनीकी विशेषज्ञ भी इस प्रक्रिया में एजेंसियों की मदद कर रहे हैं।
अफवाह फैलाने वालों पर होगी कार्रवाई
राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) ने भी स्पष्ट किया है कि परीक्षा से संबंधित अफवाहें फैलाने या गलत जानकारी प्रसारित करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। सुरक्षा एजेंसियां सोशल मीडिया पर चल रही चर्चाओं और वायरल संदेशों की लगातार निगरानी कर रही हैं। अधिकारियों का कहना है कि परीक्षार्थियों को केवल आधिकारिक स्रोतों से प्राप्त जानकारी पर ही भरोसा करना चाहिए और किसी भी संदिग्ध सूचना की तुरंत संबंधित एजेंसियों को जानकारी देनी चाहिए।
निष्पक्ष परीक्षा कराने पर फोकस
RE-NEET परीक्षा को लेकर प्रशासन का मुख्य लक्ष्य पारदर्शी और निष्पक्ष परीक्षा सुनिश्चित करना है। इसके लिए सुरक्षा, निगरानी और तकनीकी जांच के कई स्तर बनाए गए हैं। परीक्षा से पहले और परीक्षा के दिन भी विशेष सतर्कता बरती जाएगी। अधिकारियों का मानना है कि समय रहते उठाए गए ये कदम किसी भी संभावित गड़बड़ी को रोकने में मददगार साबित होंगे और परीक्षार्थियों को सुरक्षित व निष्पक्ष माहौल उपलब्ध कराया जा सकेगा।