अलवर अस्पताल हादसे के बाद प्रशासन अलर्ट, जर्जर हिस्सों की होगी मरम्मत
अलवर के कालाकुआं स्थित सैटेलाइट हॉस्पिटल में डॉक्टर के कमरे की छत का प्लास्टर और पंखा गिरने की घटना के बाद प्रशासन ने सख्ती दिखानी शुरू कर दी है। राज्य सरकार के निर्देश पर चिकित्सा विभाग ने रिपोर्ट मांगी है, वहीं जिला प्रशासन ने जिला अस्पताल का निरीक्षण कर जर्जर हिस्सों की पहचान की। अधिकारियों ने तत्काल मरम्मत कार्य शुरू कराने और मरीजों की सुरक्षा को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए हैं। शिशु अस्पताल की ओपीडी को अस्थायी रूप से दूसरी जगह शिफ्ट करने की तैयारी की जा रही है
सैटेलाइट हॉस्पिटल हादसे के बाद सरकार ने मांगी रिपोर्ट
अलवर के कालाकुआं स्थित सैटेलाइट हॉस्पिटल में सोमवार को हुए हादसे के बाद राज्य सरकार ने मामले को गंभीरता से लिया है। डॉक्टर के कमरे की छत का प्लास्टर पंखे सहित गिरने की घटना सामने आने के बाद चिकित्सा विभाग ने जिला प्रशासन से पूरे मामले की विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। हादसे के बाद अस्पताल भवनों की सुरक्षा और रखरखाव को लेकर सवाल उठने लगे हैं। सरकार ने अधिकारियों को अस्पतालों में नियमित निरीक्षण और आवश्यक मरम्मत कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने के निर्देश दिए हैं।
एडीएम ने जिला अस्पताल का किया निरीक्षण
सरकार के निर्देश के बाद जिला प्रशासन भी सक्रिय हो गया। जिला कलेक्टर के आदेश पर मंगलवार को एडीएम प्रथम योगेश डागुर जिला अस्पताल पहुंचे और विभिन्न वार्डों, गैलरी तथा भवन के अन्य हिस्सों का निरीक्षण किया। उन्होंने अस्पताल की ऊपरी मंजिलों पर जाकर भवन की स्थिति का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने अस्पताल परिसर में मौजूद कमियों को चिन्हित किया और संबंधित विभागों को जल्द सुधार कार्य शुरू करने के निर्देश दिए। प्रशासन का कहना है कि मरीजों और कर्मचारियों की सुरक्षा में किसी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
दीवारों में दरार और जंग लगे सरिये मिले
निरीक्षण के दौरान शिशु अस्पताल की गैलरी की दीवारों में दरारें पाई गईं। एडीएम ने अधिकारियों को तुरंत इनकी मरम्मत कराने के निर्देश दिए। इसके अलावा एक वार्ड में लेंटर से चूना गिरने और सरियों में जंग लगने की स्थिति सामने आई। अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि भवन के कमजोर हिस्सों को जल्द दुरुस्त किया जाए, ताकि किसी बड़े हादसे की संभावना को रोका जा सके। प्रशासन ने अस्पताल भवनों की मजबूती और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीरता दिखाते हुए सुधार कार्यों को प्राथमिकता देने को कहा है।
अस्पताल परिसर से सात दिन में हटेगा कबाड़
निरीक्षण के दौरान शिशु अस्पताल के बाहर बड़ी मात्रा में कबाड़ पड़ा मिला। एडीएम योगेश डागुर ने इसे लेकर पीएमओ डॉ. प्रवीण शर्मा को निर्देश दिए कि अस्पताल परिसर को साफ कराया जाए और सात दिन के भीतर कबाड़ हटाया जाए। प्रशासन का कहना है कि अस्पताल परिसर में साफ-सफाई और सुरक्षित वातावरण बनाए रखना बेहद जरूरी है। अधिकारियों ने संबंधित कर्मचारियों को व्यवस्था सुधारने और भविष्य में ऐसी लापरवाही नहीं होने देने के निर्देश दिए हैं।
बच्चों की ओपीडी अस्थायी स्थान पर होगी संचालित
मरम्मत कार्य को देखते हुए शिशु अस्पताल की गैलरी और छतों की मरम्मत के दौरान बच्चों की ओपीडी को अस्थायी रूप से महिला चिकित्सालय के पास स्थित नर्सिंग छात्रावास में संचालित करने का फैसला लिया गया है। अधिकारियों ने वैकल्पिक व्यवस्था जल्द पूरी करने के निर्देश दिए हैं, ताकि मरीजों को परेशानी न हो। प्रशासन का कहना है कि मरम्मत कार्य के दौरान स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित न हों, इसके लिए सभी जरूरी इंतजाम किए जा रहे हैं।
अस्पतालों की सुरक्षा जांच पर प्रशासन का जोर
अलवर अस्पताल हादसे के बाद जिले के अन्य सरकारी स्वास्थ्य भवनों की स्थिति की समीक्षा भी शुरू हो गई है। प्रशासन अब पुराने भवनों की स्थिति, छतों की मजबूती और मरम्मत की जरूरतों का आकलन कर रहा है। अधिकारियों का कहना है कि अस्पतालों में आने वाले मरीजों और स्वास्थ्यकर्मियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। समय रहते खराब हिस्सों की मरम्मत कराकर भविष्य में होने वाली दुर्घटनाओं को रोका जाएगा।