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सीकर में दर्दनाक सड़क हादसा: ट्रक–कार की टक्कर में 6 महिलाओं की मौत, 5 गंभीर घायल

राजस्थान के सीकर जिले में मंगलवार को एक भीषण सड़क दुर्घटना ने पूरे इलाके को हिला कर रख दिया। जयपुर–बीकानेर हाईवे पर फतेहपुर और हरसावा गांव के बीच ट्रक और अर्टिगा कार की आमने-सामने टक्कर में 6 महिलाओं की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि 5 अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। सभी घायलों को प्राथमिक उपचार के बाद उच्च केंद्र रेफर किया गया है।

📍 हादसे की जगह और समय

जयपुर–बीकानेर हाईवे बना हादसे का गवाह
हादसा फतेहपुर थाना क्षेत्र के हरसावा गांव के पास हुआ। तेज रफ्तार में आ रहे ट्रक और कार की टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि अर्टिगा पूरी तरह चकनाचूर हो गई।

🚗 टक्कर की भयावहता

कार में फंसे लोग, मौके पर मची अफरा-तफरी
टक्कर के बाद कार सवार वाहन में ही फंस गए। आसपास मौजूद ग्रामीणों और राहगीरों ने तुरंत मदद करते हुए शवों और घायलों को बाहर निकाला। क्षतिग्रस्त वाहन को देखकर हादसे की गंभीरता का अंदाजा लगाया जा सकता है।

👨‍👩‍👧‍👦 पीड़ितों की पहचान

शोक सभा से लौटते वक्त हुआ हादसा
प्राथमिक जानकारी के अनुसार, कार में सवार सभी लोग फतेहपुर के निवासी थे। वे लक्ष्मणगढ़ क्षेत्र में एक शोक सभा में शामिल होकर घर लौट रहे थे। इसी दौरान हरसावा के पास उनकी कार सामने से आ रहे ट्रक से टकरा गई।

🚑 राहत और चिकित्सा व्यवस्था

घायलों को किया गया हाई सेंटर रेफर
हादसे में घायल 5 लोगों को पहले स्थानीय अस्पताल ले जाया गया, जहां से उनकी गंभीर हालत को देखते हुए उन्हें उच्च चिकित्सा केंद्र रेफर किया गया। डॉक्टरों के अनुसार सभी की हालत नाजुक बनी हुई है।

👮 पुलिस का बयान

जांच जारी, कारणों की पड़ताल में जुटी पुलिस
फतेहपुर थानाधिकारी सुरेन्द्र सिंह ने बताया कि कार लक्ष्मणगढ़ से फतेहपुर की ओर आ रही थी, जबकि ट्रक सीकर की तरफ जा रहा था। प्रारंभिक जांच में आमने-सामने की टक्कर की पुष्टि हुई है। पुलिस दुर्घटना के वास्तविक कारणों—जैसे गति, ओवरटेक या सड़क की स्थिति—की जांच कर रही है।

हाईवे पर तेज रफ्तार और सुरक्षा लापरवाही बनी जानलेवा
यह हादसा एक बार फिर हाईवे पर तेज गति और सुरक्षा मानकों की अनदेखी की गंभीरता को उजागर करता है। ग्रामीण इलाकों से गुजरने वाले राष्ट्रीय राजमार्गों पर ट्रैफिक नियंत्रण, स्पीड मॉनिटरिंग और पर्याप्त साइन बोर्ड की कमी ऐसे हादसों को बढ़ावा देती है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि रफ्तार नियंत्रण और सड़क सुरक्षा उपायों को सख्ती से लागू किया जाए तो ऐसी त्रासदियों को काफी हद तक रोका जा सकता है।

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