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अलवर में 5 वर्षीय बच्ची से दुष्कर्म का आरोपी जयपुर से गिरफ्तार, 24 घंटे में पुलिस को मिली बड़ी सफलता

अलवर जिले के टहला थाना क्षेत्र में पांच वर्षीय नाबालिग बच्ची से दुष्कर्म के सनसनीखेज मामले में पुलिस ने मुख्य आरोपी को जयपुर से गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी पर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित था। पुलिस ने उसके एक सहयोगी को भी गिरफ्तार किया है, जिसने उसे शरण दी थी। दोनों आरोपी ओला टैक्सी चालक बताए जा रहे हैं। पुलिस ने 24 घंटे के भीतर कार्रवाई पूरी कर बड़ी सफलता हासिल की है।

24 घंटे में पुलिस ने की त्वरित कार्रवाई

पुलिस अधीक्षक सुधीर चौधरी ने बताया कि 24 जून 2026 को दर्ज मामले के बाद डीएसटी, तकनीकी टीम और विशेष पुलिस टीमों का गठन किया गया। टीमों ने लगातार 24 घंटे काम करते हुए 220 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली और तकनीकी सहायता से आरोपी की पहचान की। इसके बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को दबोच लिया।

जयपुर से मुख्य आरोपी और सहयोगी गिरफ्तार

पुलिस ने मुख्य आरोपी राहुल कुमार मीना (27), निवासी दौसा को जयपुर के गांधी नगर रेलवे स्टेशन से गिरफ्तार किया। आरोपी उदयपुर भागने की फिराक में था, लेकिन पुलिस ने समय रहते उसे पकड़ लिया। इसके साथ ही उसके सहयोगी रिंकू मीना (23) को भी गिरफ्तार किया गया, जिस पर आरोपी को शरण देने का आरोप है। गिरफ्तारी के दौरान आरोपी के भागने की कोशिश में उसके पैरों में चोटें आई हैं।

आपराधिक इतिहास और घटनाक्रम की जांच जारी

पुलिस के अनुसार मुख्य आरोपी के खिलाफ पहले से ही पोक्सो, चोरी और एनडीपीएस जैसे कई मामले दर्ज हैं। जांच में यह भी सामने आया है कि वारदात में प्रयुक्त मोटरसाइकिल चोरी की थी, जिसकी अलग से जांच की जा रही है। पुलिस सभी पहलुओं की गहन जांच कर रही है और आरोपी के आपराधिक नेटवर्क की भी पड़ताल की जा रही है।

घटना से पहले मंदिर जाने का दावा और लालच देने का आरोप

पुलिस पूछताछ में सामने आया है कि आरोपी ने वारदात से पहले क्षेत्र स्थित माता के मंदिर में दर्शन किए थे। इसके बाद उसने बच्ची को घर के बाहर से मोटरसाइकिल पर बैठाकर मिठाई की दुकान ले जाकर कथित रूप से प्रलोभन दिया और फिर वारदात को अंजाम दिया। बाद में बच्ची को घर के पास छोड़ दिया गया।

पुलिस की निगरानी और जांच की मॉनिटरिंग

घटना की गंभीरता को देखते हुए डीजीपी से लेकर जयपुर रेंज आईजी राहुल प्रकाश तक लगातार मामले की निगरानी कर रहे थे। आईजी ने राजगढ़ सीओ कार्यालय में परिजनों से मुलाकात कर त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए थे। पुलिस टीमों की सक्रियता और तकनीकी जांच के आधार पर आरोपी को गिरफ्तार किया गया।

परिजनों से बयान के बाद खुला मामला

घटना का खुलासा उस समय हुआ जब बच्ची की मां ने उसके कपड़ों पर खून के निशान देखे और पूछताछ की। इसके बाद परिजनों ने पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने तुरंत मामला दर्ज कर जांच शुरू की और त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी तक पहुंच बनाई।

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