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A-320 विमान की खराबी पर बड़ा सवाल: सौर तूफान या तकनीकी चूक? एयरबस के दावे पर वैज्ञानिकों की आपत्ति

🌍 आसमान में अचानक गोता, 15 यात्री घायल—दुनिया भर में मचा हड़कंप

30 अक्टूबर को मेक्सिको से अमेरिका जा रहा एयरबस A-320 विमान अचानक सैकड़ों फीट नीचे गिर गया। इस बेहद खतरनाक घटना में 15 यात्री घायल हो गए। इसके बाद एयरबस को एहतियातन करीब 6 हजार विमानों को ग्राउंड कर सॉफ्टवेयर अपडेट करना पड़ा। एयरबस ने इसकी वजह तेज सौर विकिरण बताई है, लेकिन वैज्ञानिक इस दावे को पूरी तरह सही नहीं मान रहे।

🛠 एयरबस ने आधा बेड़ा क्यों बुलाया?

28 नवंबर को जारी बयान में एयरबस ने कहा कि जांच में सामने आया कि तेज सौर किरणें A-320 के फ्लाइट कंट्रोल सिस्टम को प्रभावित कर सकती हैं। इसी आशंका के चलते एयरबस ने दुनियाभर में अपने लगभग आधे विमानों को वापस बुलाकर उनका सॉफ्टवेयर अपग्रेड किया। यह फैसला एविएशन क्षेत्र के लिए असामान्य और बड़ा माना जा रहा है।

❓ वैज्ञानिकों का सवाल: जब बड़ा सोलर तूफान हुआ ही नहीं, तो गड़बड़ी कैसे?

भारतीय अंतरिक्ष विज्ञान उत्कृष्टता केंद्र (CESSI) के विशेषज्ञ दिब्येंदु नंदी ने इस दावे पर सवाल उठाया है। उन्होंने बताया कि 30 अक्टूबर को स्पेस वेदर डेटा में किसी भी बड़ी सौर गतिविधि के संकेत नहीं मिले। उनका कहना है कि जब कोई बड़ा सोलर इवेंट ही नहीं हुआ, तो विमान में इतनी बड़ी तकनीकी गड़बड़ी का कारण अब भी रहस्य बना हुआ है।

🧲 अगर सौर विकिरण नहीं, तो असली वजह क्या?

विशेषज्ञों का मानना है कि अगर कंपनी ने बाकी सभी तकनीकी कारणों को खारिज कर दिया है, तो संभव है कि यह किसी बेहद दुर्लभ और शक्तिशाली ऊर्जावान कण (Energetic Particle) की वजह से हुआ हो। यह भी आशंका जताई गई है कि पुराने प्रभाव किसी कारणवश विमानों की नियमित तकनीकी जांच में पकड़ में नहीं आए हों।

💻 फ्लाइट कंट्रोल सिस्टम के लिए कितनी खतरनाक होती हैं तेज किरणें?

अमेरिकी खगोलशास्त्री असा स्टाल के मुताबिक, जब सूर्य से आने वाले उच्च ऊर्जा कण विमान के कंप्यूटर चिप से टकराते हैं, तो वे डेटा को अस्थायी रूप से बिगाड़ सकते हैं। इससे सिस्टम में गड़बड़ी आ सकती है या इलेक्ट्रॉनिक सर्किट स्थायी रूप से खराब भी हो सकता है।

⚠ सोलर तूफान में कंप्यूटर “0 और 1” भी बदल सकता है!

IISER पुणे के वैज्ञानिक प्रसाद सुब्रमण्यम बताते हैं कि सौर तूफान के दौरान तेज विकिरण से कंप्यूटर में “सिंगल इवेंट अपसेट” हो सकता है। इसमें कंप्यूटर के बेसिक सिग्नल 0 और 1 आपस में बदल सकते हैं। यही बदलाव विमान के कंट्रोल सिस्टम को पूरी तरह अस्थिर बना सकता है और दुर्घटना का कारण बन सकता है।

🔍 तकनीक बनाम अंतरिक्ष—किसकी चूक?

एयरबस का सोलर रेडिएशन थ्योरी पर अड़े रहना और वैज्ञानिकों का इसे खारिज करना इस केस को और रहस्यमय बना रहा है। अगर सौर तूफान जिम्मेदार नहीं था, तो यह सवाल और गंभीर हो जाता है कि इतना बड़ा एविएशन सिस्टम आखिर किस स्तर पर फेल हुआ। आने वाले दिनों में जांच रिपोर्ट इस मामले की असली परत खोल सकती है।

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