राजगढ़ उपखंड में प्रशासन का सख्त एक्शन, औचक निरीक्षण में 43 कर्मचारी नदारद, वन विभाग कार्यालय पर ताले…..
राजगढ़ उपखंड में सरकारी कार्यालयों की कार्यप्रणाली उस समय कटघरे में आ गई, जब प्रशासनिक सुधार एवं समन्वय विभाग की विशेष निरीक्षण टीम ने अचानक दबिश दी। निरीक्षण के दौरान बड़ी संख्या में कर्मचारी अनुपस्थित मिले, जबकि वन विभाग का कार्यालय लगातार तीन बार बंद पाया गया। इस कार्रवाई से पूरे उपखंड में हड़कंप मच गया।
प्रमुख शासन सचिव के निर्देश पर हुआ औचक निरीक्षण
प्रशासनिक सुधार एवं समन्वय विभाग के प्रमुख शासन सचिव के निर्देश पर यह औचक निरीक्षण अभियान चलाया गया। निरीक्षण दल का नेतृत्व वरिष्ठ शासन उपसचिव एवं अतिरिक्त निदेशक के.आर. मीना ने किया। टीम ने राजगढ़ उपखंड के विभिन्न विभागों और कार्यालयों में अचानक पहुंचकर उपस्थिति और कार्यप्रणाली की जांच की।
171 कर्मचारियों में से 43 मिले अनुपस्थित
निरीक्षण के दौरान कुल 171 राजपत्रित एवं अराजपत्रित अधिकारियों-कर्मचारियों की उपस्थिति की जांच की गई। इनमें से 43 कर्मचारी बिना सूचना के अनुपस्थित पाए गए। इसे गंभीर प्रशासनिक लापरवाही मानते हुए निरीक्षण दल ने सभी संबंधित कार्यालयों की उपस्थिति पंजिकाओं को अपने कब्जे में ले लिया।
वन विभाग कार्यालय तीन बार बंद, कोई कर्मचारी नहीं मिला
निरीक्षण की सबसे चौंकाने वाली स्थिति वन विभाग कार्यालय में सामने आई। निरीक्षण दल तीन अलग-अलग बार वहां पहुंचा, लेकिन हर बार कार्यालय पर ताला लटका मिला। न तो कोई अधिकारी मौजूद था और न ही कोई कर्मचारी। इसे प्रशासनिक अनुशासन के लिए बेहद गंभीर मामला माना जा रहा है।
एसडीओ कार्यालय में भी बड़ी लापरवाही उजागर
एसडीओ कार्यालय में जांच के दौरान एक और बड़ी लापरवाही सामने आई। उपस्थिति रजिस्टर की जांच में पाया गया कि नवंबर और दिसंबर माह की उपस्थिति एसडीएम द्वारा दर्ज ही नहीं की गई थी। अधिकारियों के अनुसार, यह प्रशासनिक नियंत्रण और निगरानी में गंभीर चूक को दर्शाता है।
निरीक्षण दल ने माना मामला चिंताजनक
निरीक्षण दल के प्रमुख के.आर. मीना ने बताया कि इस प्रकार की लापरवाही न केवल सरकारी कार्यों की गति को प्रभावित करती है, बल्कि आमजन के विश्वास को भी कमजोर करती है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह निरीक्षण अभियान विभागीय निर्देशों के तहत नियमित रूप से चलाया जा रहा है और आगे भी जारी रहेगा।
रिपोर्ट तैयार, कार्रवाई के संकेत
निरीक्षण के बाद सभी अनुपस्थित कर्मचारियों और बंद कार्यालयों को लेकर विस्तृत रिपोर्ट तैयार की जा रही है। सूत्रों के अनुसार, रिपोर्ट के आधार पर संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जा सकती है।
प्रशासनिक सख्ती से मचा हड़कंप
इस अचानक हुई कार्रवाई के बाद राजगढ़ उपखंड के अन्य सरकारी कार्यालयों में भी सतर्कता बढ़ गई है। कर्मचारी समय पर उपस्थिति दर्ज कराने और कार्यालय समय में मौजूद रहने को लेकर अलर्ट नजर आ रहे हैं।