शिमला IGMC में डॉक्टर पर मरीज से मारपीट का आरोप, वायरल वीडियो के बाद अस्पताल में हंगामा
हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला के इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज (IGMC) से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। अस्पताल में इलाज के लिए आए एक मरीज के साथ डॉक्टर द्वारा मारपीट का आरोप लगा है। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होते ही अस्पताल परिसर में हंगामा मच गया है।
🟡 1. इलाज के दौरान कैसे हुआ विवाद
जानकारी के अनुसार, पीड़ित मरीज अर्जुन पंवार एंडोस्कोपी जांच के लिए IGMC पहुंचे थे। जांच के बाद सांस लेने में तकलीफ महसूस होने पर वे पास के एक अन्य वार्ड में जाकर बेड पर लेट गए। इसी दौरान डॉक्टर से उनकी कहासुनी हो गई, जो धीरे-धीरे विवाद में बदल गई।
🟡 2. दुर्व्यवहार के बाद मारपीट का आरोप
मरीज का आरोप है कि डॉक्टर ने पहले उनके साथ अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया। जब उन्होंने इसका विरोध किया तो डॉक्टर ने गुस्से में आकर उनके साथ हाथापाई शुरू कर दी। इस दौरान वहां मौजूद लोगों ने वीडियो बना लिया, जो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
🟡 3. वीडियो वायरल, अस्पताल में जुटी भीड़
मारपीट का वीडियो सामने आने के बाद IGMC परिसर में बड़ी संख्या में लोग इकट्ठा हो गए। मरीज के तीमारदार और अन्य लोग आरोपी डॉक्टर के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। अस्पताल का माहौल कुछ समय के लिए तनावपूर्ण हो गया।
🟡 4. पुलिस में शिकायत की तैयारी
पीड़ित पक्ष ने बताया कि वे इस मामले में पुलिस को लिखित शिकायत देने की तैयारी कर रहे हैं। उनका कहना है कि अस्पताल जैसे संवेदनशील स्थान पर इस तरह का व्यवहार बिल्कुल बर्दाश्त नहीं किया जा सकता।
🟡 5. डॉक्टर को सस्पेंड करने की मांग
मरीज और उसके परिजनों की मांग है कि आरोपी डॉक्टर को तुरंत निलंबित किया जाए। उनका कहना है कि यह पहला मौका नहीं है जब IGMC में डॉक्टरों के दुर्व्यवहार के आरोप सामने आए हों, इससे पहले भी ऐसे मामले उजागर हो चुके हैं।
🟡 6. अस्पताल प्रशासन की चुप्पी
फिलहाल इस पूरे मामले पर IGMC प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। प्रशासन की चुप्पी को लेकर भी लोग सवाल उठा रहे हैं और जल्द कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
भरोसे के रिश्ते पर सवाल
डॉक्टर और मरीज का रिश्ता भरोसे पर टिका होता है। इस तरह की घटनाएं न सिर्फ अस्पताल की छवि को नुकसान पहुंचाती हैं, बल्कि स्वास्थ्य व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े करती हैं। अब सबकी नजर प्रशासन और पुलिस की कार्रवाई पर टिकी हुई है।