Iran-Afghanistan Border Crisis: बर्फीले रास्ते बने ‘डेथ जोन’, ईरान जाते वक्त 40 से ज्यादा अफगान प्रवासियों की मौत
अफगानिस्तान और ईरान की सीमा इन दिनों अफगान प्रवासियों के लिए मौत का रास्ता बनती जा रही है। कड़ाके की ठंड, भारी बर्फबारी और अवैध सीमा मार्गों ने हालात इतने खतरनाक कर दिए हैं कि बीते कुछ दिनों में 40 से अधिक अफगान प्रवासियों की जान चली गई। कई अब भी लापता बताए जा रहे हैं।
❄️ ठंड बनी सबसे बड़ा दुश्मन
सीमा पार करते वक्त जमकर तोड़ रही है सांसें
पश्चिमी अफगानिस्तान से लगे ईरान सीमा क्षेत्र में तापमान शून्य से नीचे चला गया है। अवैध तरीके से ईरान में घुसने की कोशिश कर रहे अफगान प्रवासी खुले पहाड़ी रास्तों में फंस गए, जहां बर्फीली बारिश और तेज हवाओं ने हालात जानलेवा बना दिए।
⚰️ 40 से ज्यादा मौतों की पुष्टि
कब्रिस्तान और मुर्दाघरों से मिली सच्चाई
प्रमुख न्यूज नेटवर्क ‘ईरान इंटरनेशनल’ के मुताबिक, रजावी खोरासान प्रांत में अफगान कब्रिस्तानों और तैबाद अस्पताल के मुर्दाघरों में कम से कम 40 अफगान प्रवासियों की मौत की पुष्टि हुई है। इनमें से कई शव अफगान सीमा के कहसान और अद्रस्कान जिलों में भेजे गए।
📍 ईरानी जमीन पर मिली लाशें
कम से कम 15 शव सीमा पार भेजे गए
रिपोर्ट के अनुसार, ईरानी क्षेत्र में मौत के बाद कम से कम 15 प्रवासियों के शव अफगानिस्तान के कहसान और अद्रस्कान इलाकों में लौटाए गए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि असली आंकड़ा इससे कहीं ज्यादा हो सकता है।
❓ कई अब भी लापता
परिजन भटक रहे मुर्दाघरों और सीमा पर
स्थानीय सूत्रों के मुताबिक, कई प्रवासी अब भी लापता हैं। उनके परिजन ईरान-अफगान सीमा के आसपास, अस्पतालों और मुर्दाघरों के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन कोई आधिकारिक सूची अब तक सामने नहीं आई है।
🏔️ तस्करों के रास्ते, जानलेवा सफर
इस्लाम कला और तैबाद बने खतरनाक रूट
प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि सैकड़ों अफगान प्रवासी इस्लाम कला और तैबाद जैसे तस्करी के रास्तों से ईरान में दाखिल होने की कोशिश कर रहे हैं। कानूनी प्रवास के विकल्प सीमित होने के कारण लोग जोखिम उठाने को मजबूर हैं।
🧊 बर्फ, बारिश और ऊबड़-खाबड़ इलाका
एक गलती, सीधी मौत
भारी बर्फबारी, जमा देने वाली बारिश और पहाड़ी रास्तों ने सफर को और खतरनाक बना दिया है। कई प्रवासी रास्ते में ही गिर पड़े और ठंड से उनकी मौत हो गई।
🚨 तालिबान प्रशासन की पुष्टि
तीन मौतों की आधिकारिक पुष्टि
अफगानिस्तान की खामा प्रेस एजेंसी के अनुसार, हेरात में तालिबान गवर्नर के प्रवक्ता ने पुष्टि की है कि कहसान सीमा क्षेत्र के पास ईरान में प्रवेश की कोशिश करते वक्त कम से कम तीन अफगान नागरिकों की मौत हुई है।
👮 ईरान में सख्त कार्रवाई
437 बिना दस्तावेज अफगान हिरासत में
इसी बीच, अमु टीवी की रिपोर्ट के मुताबिक, ईरानी पुलिस ने दक्षिण-पूर्वी शहर जाहेदान में सुरक्षा अभियान के तहत 437 बिना दस्तावेज वाले अफगान प्रवासियों को गिरफ्तार किया है।
🚓 ‘अनाधिकृत विदेशी नागरिक’
ईरानी पुलिस का बयान
जाहेदान के पुलिस कमांडर हामिद नूरी ने बताया कि इस अभियान में
- 437 बिना दस्तावेज विदेशी नागरिक
- 135 संदिग्ध चोर
- 472 नशा करने वाले
- 54 छोटे ड्रग डीलर
को हिरासत में लिया गया।
गरीबी, बंद दरवाजे और मौत का सफर
तालिबान शासन के बाद अफगानिस्तान से पलायन तेज हुआ है, लेकिन ईरान जैसे देशों में सख्त नीतियों और सीमित कानूनी रास्तों ने प्रवासियों को जान जोखिम में डालने पर मजबूर कर दिया है। बर्फीली सीमा अब सिर्फ एक रास्ता नहीं, बल्कि अफगानों के लिए ‘डेथ जोन’ बन चुकी है।