#क्राइम #देश दुनिया #राज्य-शहर

खेतों के बीच बना ‘साइबर अड्डा, 90 दिन में 9 करोड़ की ठगी…

फर्जी वेबसाइट बनाकर देशभर में फैला था ऑनलाइन गेमिंग रैकेट

राजस्थान के पाली जिले से साइबर अपराध का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां सुनसान खेतों के बीच चल रहे एक गुप्त साइबर अड्डे से करोड़ों की ऑनलाइन ठगी का खुलासा हुआ है। ऑनलाइन गेमिंग के नाम पर फर्जी वेबसाइट बनाकर देशभर के लोगों से करोड़ों रुपये ऐंठे जा रहे थे। पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए चार साइबर ठगों को गिरफ्तार कर इस नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है।

खेतों के बीच चल रहा था हाईटेक ठगी का खेल

पाली जिले के शिवाड़ा थाना क्षेत्र में पुलिस ने ऑनलाइन गेमिंग के नाम पर चल रहे संगठित साइबर फ्रॉड गिरोह का पर्दाफाश किया है। यह गिरोह सुनसान इलाके में खेतों के बीच किराए के मकान से पूरा साइबर ऑपरेशन चला रहा था, ताकि किसी को शक न हो। जांच में सामने आया कि महज 90 दिनों के भीतर आरोपियों ने 9 करोड़ रुपये से अधिक की ठगी को अंजाम दिया।

डिजिटल भुगतान के ज़रिए फंसाते थे लोग

पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि आरोपी ऑनलाइन गेमिंग का लालच देकर लोगों को जाल में फंसाते थे। शुरुआत में छोटी रकम जीतने का भरोसा दिया जाता, फिर डिजिटल भुगतान के माध्यम से बड़ी राशि जमा करवाई जाती। जैसे ही बड़ी रकम खाते में आती, संबंधित यूज़र का अकाउंट बंद कर दिया जाता था।

दो फर्जी वेबसाइट और 17 बैंक खाते

जांच में यह भी सामने आया कि साइबर ठगों ने ठगी के लिए दो फर्जी वेबसाइट तैयार की थीं, जिनमें
GREENNEONRIKROJLABEXRABYBUZZ
WHISPERBREATHEYIELD
और NGTREEXYZ जैसे डोमेन शामिल थे। इन वेबसाइटों के पैनल से 17 अलग-अलग बैंक खातों को जोड़ा गया था, जिनके जरिए पैसों का लेन-देन किया जा रहा था।

चार आरोपी गिरफ्तार, भारी डिजिटल सामान जब्त

पाली पुलिस ने कार्रवाई करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से 20 मोबाइल फोन, 3 लैपटॉप, एक लैपटॉप हार्ड डिस्क, एटीएम कार्ड, बैंक पासबुक और सिम कार्ड बरामद किए गए हैं। गिरफ्तार आरोपियों की उम्र 19 से 21 वर्ष के बीच बताई जा रही है और सभी गुजरात के बनासकांठा जिले के रहने वाले हैं।

90 दिनों में करोड़ों का ट्रांजेक्शन

पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार 16 सितंबर से 15 दिसंबर के बीच इन खातों में क्यूआर कोड के माध्यम से 9 करोड़ 4 लाख 43 हजार 328 रुपये जमा कराए गए। इतनी बड़ी रकम ने जांच एजेंसियों को भी चौंका दिया है।

‘जनता’ नाम से खेल का जाल

प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया कि गिरोह का मास्टरमाइंड खुद को ‘जनता भाई’ बताता था। गेमिंग साइट पर यूज़र नेम भी इसी नाम से रखा गया था, जिससे लोगों को भरोसा दिलाया जा सके कि यह कोई भरोसेमंद प्लेटफॉर्म है।

जांच एजेंसियां अलर्ट, नेटवर्क खंगाला जा रहा

पाली पुलिस अधीक्षक के अनुसार यह साइबर ठगी नेटवर्क संगठित तरीके से काम कर रहा था। मामले की गंभीरता को देखते हुए साइबर सेल और अन्य जांच एजेंसियों को भी अलर्ट किया गया है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस नेटवर्क से और कितने लोग जुड़े हुए हैं और पैसा कहां-कहां ट्रांसफर किया गया।

साइबर ठगी से सावधान रहने की अपील

पुलिस ने आमजन से अपील की है कि ऑनलाइन गेमिंग, निवेश या त्वरित मुनाफे के लालच में किसी अनजान वेबसाइट या लिंक पर भरोसा न करें। किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत साइबर हेल्पलाइन या नजदीकी थाने में दें।

author avatar
stvnewsonline@gmail.com

Leave a comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *