बॉर्डर एरिया में अवैध धर्मांतरण का सनसनीखेज खुलासा, श्रीगंगानगर में जर्मन दंपति समेत 6 गिरफ्तार..
श्रीगंगानगर जिले के सीमावर्ती क्षेत्र श्रीकरणपुर में अवैध धर्मांतरण का एक गंभीर और संवेदनशील मामला सामने आया है। किराए के मकान में गुपचुप तरीके से चर्च संचालित कर गरीब और कमजोर वर्ग के लोगों को लालच देकर धर्म परिवर्तन के लिए प्रेरित किए जाने का आरोप है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस और खुफिया एजेंसियां सतर्क हो गई हैं।
किराए के मकान में चल रहा था अवैध चर्च
जानकारी के अनुसार, श्रीकरणपुर के वार्ड नंबर 22 स्थित लक्कड़ मंडी क्षेत्र में श्री गुरुनानक दरबार गुरुद्वारे के पास एक नवनिर्मित मकान किराए पर लिया गया था। इसी मकान में बिना किसी अनुमति के चर्च की गतिविधियां चलाई जा रही थीं। स्थानीय लोगों को इसकी भनक तक नहीं लगी, लेकिन हाल के दिनों में यहां संदिग्ध और विदेशी लोगों की आवाजाही बढ़ गई थी।
जर्मन दंपति समेत 6 लोग हिरासत में
विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल के कार्यकर्ताओं को सूचना मिलने पर गुरुवार देर रात मौके पर पहुंचकर विरोध शुरू किया गया। स्थिति बिगड़ती देख पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए जर्मनी के नागरिक स्वैन बॉज बेट जलेर और उनकी पत्नी संदरा, कर्नाटक निवासी संतोष वर्गीसी, केरल के मैथ्यू, तथा स्थानीय निवासी बलजिंदर सिंह खोसा और राजेश कंबोज उर्फ पोपी को हिरासत में ले लिया।
👮♂️ हेडलाइन: बॉर्डर एरिया होने से मामला और संवेदनशील
पुलिस अधिकारियों के अनुसार श्रीकरणपुर भारत-पाकिस्तान सीमा से सटा हुआ संवेदनशील क्षेत्र है। यहां विदेशी नागरिकों के प्रवेश और गतिविधियों पर सख्त नियम लागू हैं। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि जर्मन दंपति बिना आवश्यक अनुमति के क्षेत्र में रह रहे थे और धर्मांतरण से जुड़ी गतिविधियों में संलिप्त थे, जिससे कानून-व्यवस्था और धार्मिक सौहार्द बिगड़ने का खतरा था।
विदेशी फंडिंग और नेटवर्क की जांच शुरू
पुलिस को आशंका है कि इस पूरे मामले के पीछे विदेशी फंडिंग और संगठित नेटवर्क हो सकता है। सीआईडी के खुफिया विभाग ने भी मौके पर पहुंचकर जानकारी जुटाई है। हिरासत में लिए गए सभी लोगों से अलग-अलग पूछताछ की जा रही है और उनके बैंक खातों, संपर्कों और यात्रा विवरण की जांच की जा रही है।
तीन महीने में बॉर्डर एरिया से चौथा मामला
गौरतलब है कि राजस्थान में नए धर्मांतरण विरोधी कानून लागू होने के बाद श्रीगंगानगर जिले के बॉर्डर इलाकों से लगातार मामले सामने आ रहे हैं।
- 16 सितंबर: अनूपगढ़
- 6 अक्टूबर: हिंदूमलकोट
- 11 अक्टूबर: अनूपगढ़
- अब: श्रीकरणपुर
यह सिलसिला प्रशासन के लिए गंभीर चिंता का विषय बनता जा रहा है।
गरीब क्यों बन रहे सॉफ्ट टारगेट
विशेषज्ञों का मानना है कि गरीब और आर्थिक रूप से कमजोर लोग ऐसे मामलों में सबसे आसान निशाना बनते हैं। कथित रूप से एनजीओ और मिशनरी संगठनों के माध्यम से उन्हें आर्थिक सहायता, इलाज या रोजगार का लालच देकर धर्म परिवर्तन के लिए प्रेरित किया जाता है। बॉर्डर एरिया को टारगेट करना राष्ट्रीय सुरक्षा के लिहाज से भी खतरे की घंटी माना जा रहा है।
आगे क्या?
फिलहाल पुलिस की पूछताछ जारी है और मामले में धर्मांतरण कानून, विदेशी नागरिक अधिनियम और अन्य धाराओं के तहत कार्रवाई की तैयारी की जा रही है। प्रशासन का कहना है कि जांच के बाद पूरे नेटवर्क का खुलासा किया जाएगा।