बालोतरा पॉक्सो कोर्ट का ऐतिहासिक फैसला: नाबालिग सगी बहनों से दुष्कर्म के दोषी दो आरोपियों को आजीवन कारावास
बालोतरा। पॉक्सो कोर्ट बालोतरा ने जून 2020 में दर्ज नाबालिग सगी बहनों से दुष्कर्म के गंभीर मामले में मंगलवार को ऐतिहासिक फैसला सुनाया। न्यायालय ने दोनों मुख्य आरोपियों को दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि आजीवन कारावास का अर्थ दोषियों को शेष जीवन कारागार में ही व्यतीत करना होगा। इसके साथ ही दोनों पर भारी आर्थिक दंड भी लगाया गया है।
मामले की सुनवाई पीठासीन अधिकारी राजेंद्र बंशीवाल द्वारा की गई। अभियोजन पक्ष की ओर से विशिष्ट लोक अभियोजक रमेश कच्छवाहा एवं अधिवक्ता करणा राम चौधरी ने प्रभावी जिरह और सशक्त पैरवी की। न्यायालय ने साक्ष्यों, गवाहों तथा परिस्थितिजन्य तथ्यों के आधार पर आरोपी नरेश उर्फ नरेंद्र कुमार एवं तनवीर को दोषी करार दिया। वहीं, प्रकरण में शामिल दो अन्य आरोपियों को पर्याप्त साक्ष्य के अभाव में दोषमुक्त कर दिया गया।
मामले का विवरण
पीड़िताओं के पिता ने महिला पुलिस थाना में रिपोर्ट दर्ज करवाई थी कि उनकी 15 व 17 वर्षीय नाबालिग बेटियों को स्कूल आते-जाते समय पड़ोस में रहने वाले आरोपी लगातार परेशान करते थे। आरोपियों द्वारा पीछा करने, फब्तियां कसने और अश्लील हरकतों से बेटियां मानसिक रूप से प्रताड़ित हो रही थीं। बाद में दोनों आरोपियों ने नाबालिगों को बहला-फुसलाकर लेजाकर वारदात को अंजाम दिया था ।