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कौन हैं जॉर्डन के युवराज अल हुसैन? पीएम मोदी को खुद कार ड्राइव कर घुमाया, जानिए दौलत से लेकर रॉयल विरासत तक कार डिप्लोमेसी में दिखा भरोसा और सम्मान…

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जॉर्डन दौरे के दौरान एक तस्वीर ने अंतरराष्ट्रीय कूटनीति में खास जगह बना ली। जॉर्डन के युवराज और क्राउन प्रिंस अल हुसैन बिन अब्दुल्ला द्वितीय खुद कार चलाकर पीएम मोदी को जॉर्डन म्यूज़ियम तक ले जाते नजर आए। यह सिर्फ एक औपचारिक यात्रा नहीं थी, बल्कि भारत–जॉर्डन रिश्तों में बढ़ते भरोसे और व्यक्तिगत सम्मान का प्रतीक बन गई।

🚗 जब युवराज बने ड्राइवर: क्यों खास है यह तस्वीर

मंगलवार, 16 दिसंबर को सामने आई इस तस्वीर को ‘कार डिप्लोमेसी’ कहा जा रहा है। आमतौर पर शाही मेहमानों के लिए सुरक्षा और प्रोटोकॉल बेहद सख्त होते हैं, लेकिन युवराज अल हुसैन का खुद ड्राइव करना यह दिखाता है कि पीएम मोदी को जॉर्डन में कितनी अहमियत दी गई। इससे पहले भी पीएम मोदी के साथ इस तरह की अनौपचारिक डिप्लोमेसी दुनिया के कई देशों में देखी जा चुकी है।

👑 हाशमाइट राजवंश और पैगंबर मोहम्मद से संबंध

युवराज अल हुसैन जॉर्डन के हाशमाइट राजवंश से ताल्लुक रखते हैं, जिसे दुनिया के सबसे पुराने और प्रतिष्ठित शाही घरानों में गिना जाता है। यह परिवार खुद को पैगंबर मोहम्मद की 42वीं पीढ़ी का वंशज मानता है। जॉर्डन के राजा अब्दुल्ला द्वितीय और रानी रानिया इसी राजवंश के प्रमुख चेहरे हैं।

📅 जन्म और पारिवारिक पृष्ठभूमि

क्राउन प्रिंस अल हुसैन का जन्म 28 जून 1994 को हुआ था। वह किंग अब्दुल्ला द्वितीय और क्वीन रानिया की सबसे बड़ी संतान हैं। 2015 में उन्हें आधिकारिक रूप से जॉर्डन का क्राउन प्रिंस घोषित किया गया, जिसके बाद से वे लगातार अंतरराष्ट्रीय मंचों पर सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।

🎓 पढ़ाई से लेकर सेना तक का सफर

युवराज हुसैन ने जॉर्डन की प्रतिष्ठित किंग्स अकैडमी से शुरुआती शिक्षा ली। इसके बाद उन्होंने अमेरिका की जॉर्जटाउन यूनिवर्सिटी से 2016 में अंतरराष्ट्रीय इतिहास में स्नातक की डिग्री हासिल की।
2017 में उन्होंने ब्रिटेन की प्रसिद्ध रॉयल मिलिट्री अकैडमी सैंडहर्स्ट से ट्रेनिंग पूरी की और आज वे जॉर्डन सशस्त्र बलों में वरिष्ठ पद पर कार्यरत हैं।


💍 सऊदी अरब से शाही रिश्ता

क्राउन प्रिंस अल हुसैन ने साल 2023 में जहरान पैलेस में सऊदी अरब की आर्किटेक्ट राजवा अल सैफ से विवाह किया। यह शादी सिर्फ व्यक्तिगत नहीं, बल्कि मध्य पूर्व की कूटनीति के लिहाज़ से भी अहम मानी गई।

💰 कितनी है युवराज अल हुसैन की दौलत?

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार युवराज अल हुसैन की निजी नेटवर्थ करीब 5 मिलियन डॉलर (लगभग 46 करोड़ रुपये) आंकी जाती है।
हालांकि, पूरे जॉर्डन रॉयल परिवार की कुल संपत्ति करीब 34 बिलियन डॉलर मानी जाती है। वहीं, किंग अब्दुल्ला द्वितीय की व्यक्तिगत संपत्ति लगभग 750 मिलियन डॉलर बताई जाती है। भविष्य में राजा बनने के साथ युवराज अल हुसैन की संपत्ति और जिम्मेदारियां दोनों बढ़ना तय माना जा रहा है।

🌍 भारत–जॉर्डन रिश्तों में नया अध्याय

पीएम मोदी को खुद ड्राइव कर ले जाना सिर्फ एक शाही शिष्टाचार नहीं, बल्कि भारत–जॉर्डन संबंधों में भरोसे और रणनीतिक साझेदारी का संकेत है। युवराज अल हुसैन को भविष्य का चेहरा माना जाता है और ऐसे में उनका भारत के प्रति यह रुख आने वाले समय में दोनों देशों के रिश्तों को और मजबूत कर सकता है।

युवराज अल हुसैन सिर्फ एक शाही वारिस नहीं, बल्कि आधुनिक सोच, सैन्य अनुशासन और कूटनीतिक समझ का प्रतीक हैं। पीएम मोदी के साथ उनकी यह ‘कार डिप्लोमेसी’ आने वाले समय में मध्य पूर्व और भारत के रिश्तों की नई तस्वीर पेश करती है।

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