हाईकोर्ट के आदेश पर यूआईटी ने होटल देसी ठाठ फिर किया सील, स्टाफ ने किया विरोध
हाईकोर्ट के आदेश के बाद यूआईटी ने शनिवार को एक बार फिर होटल देसी ठाठ को सील कर दिया। हाईकोर्ट ने 10 दिसंबर को एडीजे कोर्ट के होटल की सील खोलने के फैसले को रद्द करते हुए दोबारा सील करने का रास्ता साफ किया था। इसके तहत शनिवार दोपहर बाद यूआईटी की टीम होटल सील करने पहुंची, जहां उसे कड़े विरोध का सामना भी करना पड़ा।
होटल स्टाफ ने मैन गेट बंद कर नारेबाजी शुरू कर दी।
कर्मचारियों ने रोजगार छिनने और पिछले डेढ़ माह से वेतन नहीं मिलने का मुद्दा उठाया। आसपास के ग्रामीण भी रोजगार प्रभावित होने की आशंका को लेकर स्टाफ के समर्थन में आ गए। विरोध के चलते करीब एक घंटे तक सीलिंग की कार्रवाई नहीं हो सकी और यूआईटी टीम को अस्थायी रूप से पीछे हटना पड़ा।
यूआईटी अधिकारियों ने मौके पर मौजूद लोगों को बताया कि यह कार्रवाई कोर्ट के आदेश के तहत अवैध रूप से संचालित होटलों के खिलाफ की जा रही है। उन्होंने होटल संचालक को अपना पक्ष रखने के लिए मौके पर बुलाया, लेकिन आधे घंटे तक इंतजार के बावजूद कोई नहीं पहुंचा। अधिकारियों ने राजकार्य में बाधा डालने का मामला दर्ज कराने और अतिरिक्त पुलिस बल बुलाने की चेतावनी भी दी।
इसके बाद होटल मैनेजर विकास ने स्टाफ को समझा-बुझाकर मैन गेट से हटवाया, जिसके बाद यूआईटी ने होटल को सील कर दिया। कार्रवाई के दौरान भूमि अवाप्ति अधिकारी जितेंद्र सिंह नरूका, ईआरओ मानवेंद्र सिंह जायसवाल, एक्सईएन कुमार संभव अवस्थी, पटवारी अमित नरूका, जेईएन दौलत राम, अमीन चंद, खुशीराम और कंवर सिंह मौजूद रहे।
उल्लेखनीय है कि हाईकोर्ट ने 10 दिसंबर को एडीजे कोर्ट द्वारा सील खोलने के आदेश को रद्द करते हुए मामले की नए सिरे से सुनवाई के निर्देश दिए थे। मामले की सुनवाई 12 दिसंबर को एडीजे कोर्ट थर्ड में होनी थी, लेकिन जज के अवकाश पर रहने से फाइल एडीजे कोर्ट फर्स्ट में ट्रांसफर हो गई। वही बार काउंसिल चुनाव के कारण वहां भी सुनवाई नहीं हो सकी और अगली तारीख 15 दिसंबर तय की गई।
इस बीच यूआईटी ने शुक्रवार से ही सीलिंग की तैयारी शुरू कर दी थी। टीम ने मौके पर जाकर होटल में कार्यक्रमों का शेड्यूल जांचा, ताकि पिछली बार की तरह मानवीय आधार पर राहत का तर्क न दिया जा सके। इसके बाद होटल संचालक को फोन कर सुबह 10 बजे तक स्टाफ और जरूरी सामान बाहर निकालने के निर्देश दिए गए थे।
गौरतलब है कि यूआईटी ने 4 दिसंबर को सिलीसेढ़ क्षेत्र में संचालित 10 होटलों को सील किया था। बाद में एडीजे कोर्ट ने 6 दिसंबर को शादी-समारोहों के लिए 28 दिसंबर तक होटल देसी ठाठ की सील खोलने का आदेश दिया था। इसी आदेश को यूआईटी ने हाईकोर्ट में चुनौती दी थी, जिस पर हाईकोर्ट ने एडीजे कोर्ट का फैसला रद्द कर दिया।