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भाजपा सरकार के 2 साल: एकमात्र उपलब्धि सीएम की’कुर्सी बचाना’, संकल्प पत्र के वादे ‘जुमला’ साबित: टीकाराम जूली

नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने प्रदेश की भाजपा सरकार के दो साल के कार्यकाल पर कहा सरकार -“2700 रुपये गेहूं खरीद, बाजरा की MSP पर खरीद, पेट्रोल-डीजल पर वैट गुजरात व हरियाणा जितना करने का वादा भूल गई सरकार”
-“युवा पूछ रहे हैं- कहां है 2.5 लाख नौकरियों का कैलेंडर?”
-“डेमोक्रेसी को ‘ब्यूरोक्रेसी’ में बदला, जनता त्राहिमाम कर रही है”

अलवर, 12 दिसंबर, 2025

राजस्थान विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने शुक्रवार को राज्य की भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि पिछले दो वर्षों में इस सरकार की एकमात्र ‘उपलब्धि’ यही रही है कि भाजपा के भीतर तमाम अंतर्विरोधों के बावजूद मुख्यमंत्री अपनी कुर्सी बचाने में सफल रहे हैं। सरकार आपसी खींचतान में उलझी है और इनके पास गिनाने के लिए सिर्फ झूठी आंकड़ेबाजी है, जबकि धरातल पर संकल्प पत्र के वादे धूल फांक रहे हैं।

संकल्प पत्र (घोषणा पत्र) के अधूरे वादों के आरोप लगाए ।

जूली ने कहा कि भाजपा ने अपने संकल्प पत्र में वादा किया था कि किसानों से गेहूं 2,700 रुपये प्रति क्विंटल की दर से खरीदा जाएगा और इसके लिए बोनस दिया जाएगा। दो साल बीत गए, लेकिन किसान आज भी इस भाव के लिए तरस रहा है। बाजरे की एमएसपी पर खरीद का वादा भी अधूरा है। वहीं, रोड़ा एक्ट के तहत किसानों की जमीन नीलाम न होने देने का वादा किया गया था, लेकिन प्रदेश में कर्ज के कारण जमीनों की कुर्की के नोटिस आज भी जारी हो रहे हैं।

नेता प्रतिपक्ष ने याद दिलाया कि भाजपा ने 2.5 लाख सरकारी नौकरियां देने और हर भर्ती का एक ‘जॉब कैलेंडर’ जारी करने का वादा किया था। आज युवा पूछ रहा है कि वो कैलेंडर कहां है? भर्तियां अटकी पड़ी हैं, परिणाम आ नहीं रहे और 1.5 लाख से ज्यादा पद शिक्षा विभाग में खाली पड़े हैं जबकि वादा किया गया था कि एक साल में शिक्षा विभाग के सभी रिक्त पद भरे जाएंगे।

भाजपा ने गरीब परिवारों की बेटियों के लिए KG से PG तक मुफ्त शिक्षा का वादा किया था। यह वादा भी जुमला निकला। उलटे, स्कूल ड्रेस के लिए पूर्व में मिल रहे 1200 रुपये को घटाकर 600 रुपये कर दिया गया और उसमें से भी जनरल व ओबीसी वर्ग के गरीब बच्चों को बाहर कर दिया गया।

जूली ने कहा कि चुनाव के समय भाजपा नेताओं ने पेट्रोल-डीजल के दाम कम करने के बड़े-बड़े दावे किए थे। वादा था कि वैट (VAT) की समीक्षा कर दाम कम किए जाएंगे। डबल इंजन की सरकार बने अरसा हो गया, लेकिन आज भी राजस्थान की जनता पड़ोसी राज्यों से महंगा तेल खरीदने को मजबूर है। कम होना तो दूर, अब तो सीएनजी भी महंगी दी जा रही है।

साथ ही जूली ने सरकार ने हर जिले में ‘एंटी रोमियो स्क्वॉड’ बनाने और महिला थानों को सशक्त करने का वादा किया था। हकीकत यह है कि एंटी रोमियो स्क्वॉड तो कहीं नजर नहीं आते, लेकिन मनचले और अपराधी बेखौफ घूम रहे हैं। सीएम के खुद के क्षेत्र में और कुचामन जैसी घटनाओं ने महिला सुरक्षा के दावों की पोल खोल दी है।

ईआरसीपी और केंद्र का सौतेला व्यवहार

जूली ने कहा कि ईआरसीपी को लेकर भी जनता को गुमराह किया जा रहा है। पिछली कांग्रेस सरकार ने बजट दिया, लेकिन केंद्र ने इसे राष्ट्रीय परियोजना न मानकर अब तक अटकाए रखा है।

डेमोक्रेसी बनी ब्यूरोक्रेसी:

जूली ने कहा, “मुख्यमंत्री जी खुद को पूर्व सरपंच बताते हैं, लेकिन पंचायती राज के चुनावों पर रोक लगाकर उन्होंने लोकतंत्र को ‘ब्यूरोक्रेसी’ में बदल दिया है। अफसरों की मनमानी इतनी हावी है कि जनता की तो छोड़िए, विधायकों की भी नहीं सुनी जा रही।”

जनहित योजनाओं की हत्या:

बाड़मेर रिफाइनरी का काम धीमा करना हो या चिरंजीवी, आरजीएचएस और उड़ान योजना को कमजोर करना, यह सरकार बदले की भावना से काम कर रही है।

जूली ने अंत में कहा कि भाजपा का दावा कि उसने 70% वादे पूरे कर दिए, सदी का सबसे बड़ा झूठ है। जनता अब समझ चुकी है कि यह ‘जुमलों की सरकार’ है। प्रदेशवासी त्राहिमाम कर रहे हैं और इस जनविरोधी सरकार को उखाड़ फेंकने का मन बना चुके हैं जिसका ट्रेलर अंता उपचुनाव में दिखा और टीजर पंचायतीराज और नगरीय निकाय चुनावों में दिख जाएगा।

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