राजस्थान हाईकोर्ट को फिर बम धमाके की धमकी, बार एसोसिएशन चुनाव से पहले बढ़ी हलचल
जयपुर में राजस्थान हाईकोर्ट को फिर एक संदिग्ध मेल के जरिए बम से उड़ाने की धमकी दी गई है। दो दिन में यह तीसरी धमकी है, जबकि पिछले छह हफ्तों में यह पांचवीं बार है जब अदालत को ऐसा खतरा मिला है। आगामी बार एसोसिएशन चुनाव से पहले मिली इन धमकियों ने सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है।
- लगातार तीसरी धमकी, प्रशासन हाई अलर्ट पर
मंगलवार और बुधवार को हाईकोर्ट को दो दिनों में लगातार धमकी भरे मेल भेजे गए। 11 दिसंबर को होने वाले बार एसोसिएशन चुनाव के चलते वकीलों में आशंका जताई जा रही है कि कहीं ये धमकियाँ चुनावी माहौल को प्रभावित करने की कोशिश तो नहीं हैं।
- छह हफ्तों में पांच बार आया धमकीभरा मेल
31 अक्टूबर, 5 दिसंबर, 8 दिसंबर और 9 दिसंबर के बाद यह धमकी पाँचवी बार मिली है। लगातार भेजे जा रहे इन फर्जी मेलों ने अदालत की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। वकीलों और कर्मचारियों में भी डर और बेचैनी का माहौल है।
- न्यायिक कामकाज पर असर, सुनवाईयों में देरी
विशेषज्ञों का कहना है कि बार-बार मिलने वाली इन धमकियों के कारण अदालत की दिनचर्या प्रभावित हो रही है। सुरक्षा की औपचारिकताओं और खाली कराने की प्रक्रिया के चलते कई सुनवाईयों में देरी हो रही है, जिससे लंबित मामलों की संख्या और बढ़ सकती है।
- सुरक्षा व्यवस्था कड़ी, आम जनता से सतर्कता की अपील
पुलिस और प्रशासन ने हाईकोर्ट परिसर में अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात कर दिए हैं। प्रवेश द्वारों पर चेकिंग और भी सख्त कर दी गई है। सुरक्षा एजेंसियों ने आम लोगों से अपील की है कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि या सूचना को तुरंत रिपोर्ट करें।
- मंगलवार को भी मिला था धमकी भरा मेल
इससे एक दिन पहले आए मेल में दावा किया गया था कि कोर्ट परिसर में विस्फोटक लगाए गए हैं। इसके बाद सुरक्षा एजेंसियों ने हाईकोर्ट को पूरी तरह खाली कराया और वकीलों, कर्मचारियों तथा वादकर्ताओं को तुरंत बाहर निकाला गया। कुछ समय के लिए न्यायिक कार्यवाही रोकनी पड़ी।
सूचना मिलते ही पुलिस, ATS, SOG, बम निरोधक दस्ता और डॉग स्क्वाड की टीमों ने करीब दो घंटे तक तलाशी अभियान चलाया। मुख्य भवन, रिकॉर्ड रूम और पार्किंग तक सघन जांच की गई, हालांकि कोई संदिग्ध सामग्री नहीं मिली।
- साइबर सेल करेगी जांच, धमकी को माना गया ‘होक्स मेल’
तलाशी में कुछ भी न मिलने के बाद मामले को ‘होक्स मेल’ यानी झूठी धमकी माना गया है। मेल भेजे जाने के स्रोत का पता लगाने और आरोपी की पहचान के लिए जांच साइबर सेल को सौंप दी गई है।